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100% दूर करे ज्योतिषी द्वारा काला जादू
 8 October 2021  
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>> हाय मैं ज्योतिषी करण शास्त्री हूं किसी भी समस्या का समाधान .... भारत में -> प्रेम समस्या समाधान विशेषज्ञ वेबसाइट…>> http://astrovastuconsultancy.com :- प्रेम समस्या समाधान :-पति पत्नी विवाद समस्या समाधान :-लड़की प्रेम समस्या समाधान :- ब्रेकअप लव प्रॉब्लम सॉल्यूशन :-पारिवारिक समस्या समाधान :-व्यापार समस्या समाधान :-बॉय लव प्रॉब्लम सॉल्यूशन :- अपना खोया हुआ प्यार पाएं :-प्रेमिका प्रेमी प्रेम समस्या समाधान :-समाधान मामला : -क्विक गुररंटीड मनी स्पेल > ट्रू मनी क्रिएटिंग मंत्र ?, पैसा तुरंत शक्ति देता है <|> व्यापार मंत्र आपको अमीर बनाने के लिए? समृद्धि, बहुतायत, धन मंत्र पैसे के लिए जादुई मंत्र, प्यार <|> विन कोर्ट केस, कैसीनो, लोट्टो? मनी मंत्र <|> सभी वित्तीय समस्याओं को ठीक करें पैसे के लिए जादुई मंत्र, प्यार <|> कोर्ट केस जीतें, कैसीनो, लोट्टो? अधिक ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए मंत्र तत्काल धन मंत्र> लॉटरी मंत्र> व्यापार मंत्र की गारंटी देता है आपके व्यवसाय को सफल बनाने के लिए मंत्र <|> शक्तिशाली मंत्र ढलाईकार .. धन मंत्र: एक धन मंत्र कास्ट करें> जादू मंत्र जो वास्तव में काम करते हैं <|> शक्तिशाली जादू मंत्र ढलाईकार? पारंपरिक उपचारक, संगोमा <|> पारंपरिक मंत्र जो काम करते हैं?> काला जादू प्राप्त करें प्रेम विवाह समस्या के लिए प्रेम समाधान, खोई हुई प्रेम समस्या, प्रेम समस्या, पारिवारिक समस्या, काला जादू आदि। 100% तेजी से समाधान कोई भी समस्या उपलब्ध है 24 * 7 अभी कॉल करें :- +91-8690036546 :- ज्योतिषी से संपर्क करें

कोई भी प्रेम समस्या समाधान विशेषज्ञ ज्योतिषी
 22 September 2021  
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>> हाय मैं ज्योतिषी करण शास्त्री हूं किसी भी समस्या का समाधान .... भारत में -> प्रेम समस्या समाधान विशेषज्ञ वेबसाइट…>> http://astrovastuconsultancy.com :- प्रेम समस्या समाधान :-पति पत्नी विवाद समस्या समाधान :-लड़की प्रेम समस्या समाधान :- ब्रेकअप लव प्रॉब्लम सॉल्यूशन :-पारिवारिक समस्या समाधान :-व्यापार समस्या समाधान :-बॉय लव प्रॉब्लम सॉल्यूशन :- अपना खोया हुआ प्यार पाएं :-प्रेमिका प्रेमी प्रेम समस्या समाधान :-समाधान मामला : -क्विक गुररंटीड मनी स्पेल > ट्रू मनी क्रिएटिंग मंत्र ?, पैसा तुरंत शक्ति देता है <|> व्यापार मंत्र आपको अमीर बनाने के लिए? समृद्धि, बहुतायत, धन मंत्र पैसे के लिए जादुई मंत्र, प्यार <|> विन कोर्ट केस, कैसीनो, लोट्टो? मनी मंत्र <|> सभी वित्तीय समस्याओं को ठीक करें पैसे के लिए जादुई मंत्र, प्यार <|> कोर्ट केस जीतें, कैसीनो, लोट्टो? अधिक ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए मंत्र तत्काल धन मंत्र> लॉटरी मंत्र> व्यापार मंत्र की गारंटी देता है आपके व्यवसाय को सफल बनाने के लिए मंत्र <|> शक्तिशाली मंत्र ढलाईकार .. धन मंत्र: एक धन मंत्र कास्ट करें> जादू मंत्र जो वास्तव में काम करते हैं <|> शक्तिशाली जादू मंत्र ढलाईकार? पारंपरिक उपचारक, संगोमा <|> पारंपरिक मंत्र जो काम करते हैं?> काला जादू प्राप्त करें प्रेम विवाह समस्या के लिए प्रेम समाधान, खोई हुई प्रेम समस्या, प्रेम समस्या, पारिवारिक समस्या, काला जादू आदि। 100% तेजी से समाधान कोई भी समस्या उपलब्ध है 24 * 7 अभी कॉल करें :- +91-8690036546 :- ज्योतिषी से संपर्क करें मुझसे संपर्क करें +91-8690036546 व्हाट्सएप भी +91-8690036546

Deep Learning Technology Hindi : डीप लर्निंग तकनीक क्या है। इसका इस्तेमाल कैसे किया जाता है।
 18 September 2021  

आज हम आपको इस लेख में इसी टेक्नोलॉजी के बारे में संपूर्ण जानकारी देने वाले है कि ऐसा किस प्रकार होता है, कि बिना ट्रैफिक पुलिस वाले के बिना चालान आपके घर आ जाता है। इस टेक्नोलॉजी का नाम है। डीप लर्निंग, इस लेख में हम आपको बताने वाले है कि डीप लर्निंग तकनीक क्या हैडीप लर्निंग तकनीक Deep Learning Technologyबदलते समय के अनुसार टेक्नोलॉजी भी लगातार तेजी से बढ़ती जा रही है इसने लोगो के काम करने के तरीकों को भी काफी आसान बना दिया है। यही कारण है बिना ट्रैफिक पुलिस के चालान आपके घर पहुंच जाता है। आपने सभी रेड लाइटों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए देखे होंगे।ऐसे मामलों पर जिस भी पर्सन का चालान काटना हो सबसे पहले उस पर्सन की सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मशीन द्वारा सबसे पहले गाडी का नंबर नोट कर लिया जाता है, और फिर वाहन मालिक का नाम और एड्रेस पता लगाकर चालान उसके घर पर भेज दिया जाता है। सबूत के तौर वाहन मालिक को चालान के साथ उस फोटो को भी भेजा जाता है। जिसके कारण उसका चालान कटा है।इस कार्य को आसान बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानि कि एआई सिस्टम की अहम भूमिका होती है। जिसके लिए उसे खास ट्रेनिंग दी जाती है।किसी भी कार्य को करने के लिए मशीनों की जरूरत होती है ऐसे में मशीनों को ट्रेनिंग देकर तैयार करना ही डीप लर्निंग के अंतर्गत आता है। हम मशीनों को जो भी ट्रेनिंग देते है वह उसे बखूबी पूरा करते है चाहे आप उनसे किसी भी प्रकार के कार्य करा ले। इससे मशीनों को चलाने के लिए इंसानों की जरूरत नहीं के बराबर होती है। आपको रिजल्ट भी बेहतर मिलते है।शुरुआत में वैज्ञानिको को मशीन लर्निंग पर कार्य करने में काफी बड़ी बड़ी समस्याएं आयी, क्योंकि मशीनें उतना करती है। जितना प्रोग्राम में सेट किया जाता है। मशीनें कोई और दूसरे तरीके भी नहीं समझती है। इस समस्या का हल निकालने के लिए वैज्ञानिको ने डीप लर्निंग पर कार्य शुरू किया इसका सबसे बड़ा फायदा यह हुआ कि अब मशीनों को लिखित में जानकारी देने के अलावा पिक्चर दिखाकर या ऑडियो के माध्यम से भी ट्रेनिंग दी जा सकती है, लेकिन यह कार्य इतना आसान भी नहीं है जितना आपको लग रहा होगा।इसे भी जरूर पढे : क्वांटम टेक्नोलॉजी क्या है ?आपको सुनने में यह तकनीक किसी हॉलीवुड की साइंस फिक्शन मूवी की तरह लग रही होगी जैसे कि हॉलीवुड की फ़िल्मो में दिखाया जाता है,लेकिन अब दुनिया में इस तकनीक पर तेजी से कार्य हो रहा है। जिससे इस तकनीक पर नई नई टेक्नोलॉजी विकसित हो रही है | दरअसल, मशीनों को आर्टिफिशियल न्यूरल नेटवर्क मॉडल को आधार बनाकर ट्रेनिंग दी जा रही है।इस डीप लर्निंग तकनीक के माध्यम से ऐसी मशीनें विकसित की जा रही है , जो बच्चों की तरह दुनिया को देखती हैं। उन्हीं की तरह सीखती है, पढ़ती है, देखती है और सुनती भी है। और उसके बाद तय करती है कि क्या करना सही होगा। और क्या करने से नुकसान भी हो सकता है।डीप लर्निंग कैसे कार्य करती हैमशीने किसी भाषा को समझती है और चीजों की पहचान कैसे करती है और कार्य कैसे करती है, लेकिन अगर उनके सामने समस्या आ जाये तो उसका निपटारा कैसे करेगी इसकी ट्रेनिंग भी मशीनों को दी जाती है इन्हे सिर्फ एक बार बताना पड़ता है। उसके बाद चीजों को खुद ही समझ लेती है कि क्या करना है और कैसे करना है।इसे भी जरूर पढे : हर किसी की निजी जानकारी निकालने वाला पेगासस स्पाइवेयर क्या है।इस Deep Learning Technology के माध्यम से मशीने जो जैसा है उसे उसी रूप में लेती है। आसान भाषा में एक उदाहरण से समझते है जैसे कि अमेरिका में जन्मा बच्चा वहां की भाषा और रहन-सहन के तौर-तरीके सीखता है और भारत में जन्मा बच्चा भारत के।अब आपके जेहन में ये बाते भी आ रही होगी कि क्या अब मशीने भी इंसानों की तरह सोच सकती है। ऐसा बिलकुल भी नहीं है। इंसानी दिमाग किसी चीज को भूल सकता है, लेकिन ये नहीं भूल सकती। इंसानी दिमाग के मुकाबले इसकी कोई लिमिट नहीं है, क्योंकि ये न तो यह थकती हैं और न ही बोरियत महसूस करती है।यानि कि यह मशीनें 99% तक बिना भूले और बिना बोरियत महसूस किये बार-बार परफेक्ट काम कर सकती हैं। डीप लर्निंग एक्सपर्ट्स की राय के मुताबिक अब दुनिया को बड़े बदलाव के लिए तैयार हो जाना चाहिए, जहां पर अब आपको ज्यादातर काम मशीनें करती दिखेंगी।डीप लर्निंग का मार्किटवर्तमान समय को देखते हुए डीप लर्निंग का मार्किट तीन गुना तेजी से बढ़ रहा है। डेटा एनालिटिक्स फर्म ARK ने Big Ideas 2020 रिपोर्ट बनाई है।जिसके मुताबिक डीप लर्निंग का मार्केट इंटरनेट की तुलना में 3 गुना तेजी से बढ़ रहा है। आने वाले 20 वर्षो में इस इंडस्ट्री का मार्किट 30 ट्रिलियन डॉलर यानी 2220 लाख करोड़ रुपए से भी ज्यादा का होगा।अगर हम बात करे तो तो Deep Learning , Artificial Intelligence का ही एक हिस्सा है। जिसका आविष्कार पिछले 70 वर्षो पहले हो चुका है, लेकिन अब अचानक से आई तेजी की दो वजहें हैं। पहली- क्लाउड स्टोरेज आने से भारी-भरकम डेटा को संभालने की सुविधा, दूसरी- GPU.डीप लर्निंग का भविष्यDeep Learning Technology इंसानों की जिंदगी को पूरी तरह से बदलने वाली है। आप सोच भी नहीं सकते, कि इस तकनीक के माध्यम से कैसे कैसे कार्य को आसानी से किया जा सकता है।जैसा कि आप सभी जानते है कि वर्तमान समय में दुनिया में कोरोना महामारी का प्रकोप फैला हुआ है। डॉक्टर्स अपनी जान पर खेलकर लोगो की जान बचाने में लगे हुए हैं। अब आप कल्पना कीजिए कि यदि इन डॉक्टर्स की जगह लोगो का इलाज करने के लिए मशीनें आ जाएं तो ? ये कैसा होगा ?इसे भी पढे :- 5 जी टेक्नोलॉजी क्या है ?आपने देखा होगा कि जब आप सीटी स्कैन कराते है, तो डॉक्टर्स को रिपोर्ट को समझने-पढ़ने में काफी वक्त लग जाता है। और डॉक्टर्स को बीमारी की जड़ तक पहुंचने के लिए कई बार स्कैन और रिपोर्ट देखनी पड़ती है, लेकिन डीप लर्निंग तकनीक की सहायता से मशीन शरीर को एक बार स्कैन करेगी और एक्यूरेसी के साथ बता देगी, कि आपके शरीर में कौन सी समस्या है, या कौन सी बीमारी है। इसके अलावा अगर मशीनों को सही ट्रेनिंग भी दी जाये तो वह संभावित बीमारी से बचने के तरीकों की जानकारी भी आपको दे सकती है। आगे पढे

Social Media Manager Kaise Bane : सोशल मीडिया की है अच्छी समझ तो बने सोशल मीडिया मैनेजर
 18 September 2021  

ऐसे में सोशल मीडिया का क्षेत्र एक अच्छे करियर के रूप में तेजी से उभर रहा है। अगर आपको इंटरनेट में रूचि है और आपको सोशल मीडिया की अच्छी समझ है। तो तह करियर आपके लिए अच्छा साबित हो सकता है। आज हम आपको सोशल मीडिया से जुड़े इस करियर के बारे में संपूर्ण जानकारी देने वाले है।ताकि आपको इस क्षेत्र में बारे में सही जानकारी मिल सके और आप इस क्षेत्र में कदम बढ़ा सके। इस लेख में हम आपको बताने वाले है कि सोशल मीडिया एक्सपर्ट्स कैसे बने ,सोशल मीडिया मैनेजर कैसे बने ? Social Media Manager Kaise Baneवर्तमान समय में किसी भी कम्पनी , संस्थान या ब्रांड की छवि बहुत मायने रखती है जो उसकी विश्वसनीयता का आधार होती है। उसी से उसकी सफलता को मापा जाता है। पिछले कई वर्षो से  दुनिया के प्रत्येक क्षेत्रों को डिजिटिलाइज किया जा जा रहा है। जिसके कारण आम आदमियों तक स्मार्ट फोन और इलेक्ट्रॉनिक गेजेट्स की पहुंच भी लगातार बढ़ती जा रही है।ऐसे में सभी कम्पनियो और ब्रांड को ज्यादा से ज्यादा यूजर तक अपनी पकड़ बनाने के लिए सोशल मीडिया पर अपनी मौजूदगी बरकरार रखने का और भी दबाव बढ़ गया है। यही कारण है सोशल मीडिया का क्षेत्र एक करियर  विकल्प के रूप में उभर रहा है।सोशल मीडिया मैनेजर का कार्य सोशल मीडिया मैनेजर का कार्य अपनी कम्पनी ,ब्रांड या किसी प्रमुख संस्थान के सभी सोशल  मीडिया प्लेटफॉर्म  पर सोशल अकाउंट और चैनल को सही तरीके से मैनेज करना होता है।वह हमेशा सोशल मीडिया पर कम्पनी को आगे ले जाने के लिए नए नए तरीके अपनाता रहता है ताकि वह अपने प्रोडक्ट या सर्विसेज की टार्गेटिड ऑडियंस तक आसानी से पहुंच सके। इसलिए  वे लगातार सोशल मीडिया पर जरूरी सूचनाये , कम्पनी के प्रोडक्ट या सर्विसेज की आकर्षित फोटो प्रकाशित करते रहते है।सोशल मीडिया Social Media के सभी प्लेटफॉर्म पर कम्पनी के अच्छी छवि को सकारात्मक बनाये रखना और उसे अन्य  दूसरी कम्पनियो से आगे रखने की सभी ज़िम्मेदारी सोशल मीडिया मैनेजर पर ही होती है।आज के समय सोशल मीडिया का इस्तेमाल राजनीतिक पार्टियों के द्वारा भी किया जा रहा है। जिसमे वे फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, व्हाट्सअप, यूट्यूब, जैसे प्लेटफॉर्म पर अपनी पार्टी या संगठन का प्रचार प्रसार करते है। इनका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा  लोगो तक अपनी पार्टी  के कार्यो को पहुंचना होता है ताकि लोग उन्हें पसंद करे और उनके भविष्य का निर्णय करे  इन सभी कार्यो को पूरा करने के लिए  वे  सोशल मीडिया मैनेजर का सहारा लेते है, आने वाले समय में सोशल का प्रभाव और भी बढ़ने वाला है।सोशल मीडिया मैनेजर Social Media Manager किसी भी कम्पनी या ब्रांड या किसी भी व्यक्ति को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अच्छे तरीके से दिखाने की ज़िम्मेदारी को संभालते है। अगर हम इन्हे जन सम्पर्क अधिकारी का डिजिटल अवतार के तो गलत नहीं  होगा।  सोशल मीडिया में दो तरफ से कम्युनिकेशन होता है। कम्पनियाँ  अपनी ब्रांडिंग करती है, तो यूजर्स ब्रांड्स को लेकर राय जाहिर करते हैं। ऐसे में ब्रांड्स और कंपनियों के बीच कम्युनिकेशन को कंट्रोल में रखना बेहद जरूरी होता है। यही काम सोशल मीडिया मैनेजर द्वारा किया जाता है।इसके अलावा सोशल मीडिया मैनेजर  कस्टमर्स और क्लाइंट्स से इंटरैक्ट करता है। वह ब्रांडिंग के लिए सही चैनल्स की तलाश कर उसकी स्ट्रेटेजी तैयार करता है।  एडवरटाइजमेंट, मैर्केटिंग  और सोशल नेटवर्किंग के जरिये ऑर्गेनाइजेशन की जो सूचनाएं बाहर जाती हैं, उनमें समानता हो। उस पर कंपनी को नुकसानदायक पब्लिसिटी से बचाने और अपने प्रतिस्पर्धियों पर नजर रखने ज़िम्मेदारी भी इसी के अंतर्गत आती है।इसे भी जरूर पढे :- सोशल मीडिया से मार्केटिंग कैसे कर।सोशल मीडिया के रूप मे जॉब के पदसोशल मीडिया के क्षेत्र मे करियर बनाने वाले युवा अपनी रुचि से अलग अलग पदों पर रहकर अपना करियर बना सकते ह.सोशल मीडिया एनालिस्ट Social Media Analyticsइस पद पर करने वाले को सोशल मीडिया मार्केटिंग अभियानों से संबंधित डाटा जुटाकर उनका विश्लेषण करना इनका काम है। ये कंपनियों को उनकी जरूरत के अनुरूप सोशल मीडिया चैनलों का चुनाव करने में सहायता करते है और ब्रांड्स से संबंधित ग्राहकों को टारगेट करते है।इसे भी जरूर पढे :- मनी लेंडिंग मोबाइल ऐप्स लोन से कतई लोन न लें।सोशल मीडिया स्ट्रेटेजिस्ट Social Media Strategistइस पद पर कार्य करने वाले सोशल मीडिया पर अपनी कम्पनी के  प्रचार प्रसार की स्ट्रैटेजी तैयार करते है। अपनी ब्रांड्स की वेबसाइट फेसबुक अकॉउंट , ट्विटर , इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर सोशल मीडिया अकाउंट के ट्रैफिक की देखभाल करते है , ताकि अपने प्रोडेक्ट या सर्विस की अच्छे से मार्केटिंग कर सके। सोशल मीडिया मार्केटिंग एग्जिक्युटिव इस पद पर कार्य करने वालो को अपनी ब्रांड या संस्थान के सभी सोशल मीडिया अकाउंट , टीम के सदस्यों और ग्राहकों को जोड़ने तथा ग्राहकों की संतुष्टि के लिए  केम्पेन इनके द्वारा ही शुरू किये जाते है ये सोशल मीडिया पर अपने  ग्राहकों को ज्यादा से ज्यादा जोड़ने के लिए कंटेंट का निर्माण भी करते है।  इसे भी जरूर पढे :- डिजिटल मार्केटिंग मे करिअर कैसे बनाए।सोशल मीडिया सेल्स रिप्रेजेंटेटिव इस पद पर कार्य करने वाले को सोशल मीडिया के माध्यम से कम्पनी के प्रोडक्ट्स की मार्केटिंग को संभालना पड़ता है। ये कम्पनी प्रोडक्ट के प्रोमोशन और विज्ञापन के साथ साथ ग्राहकों की  समस्याओ को भी हल करते है। मार्केटिंग कंपनियों में इस इस पद पर कार्य करने वालो की काफी मांग है।  साइट ट्रैफिक प्लानर ये ग्राहकों की रूचि समझने और उन तक पहुंचने के लिए बेहतर तरीको की तलाश करते है। ये सोशल मीडिया के माध्यम से कम्पनी की वेबसाइट तक पहुंचने वाले ग्राहकों की डाटा का विश्लेषण करते है, ताकि उन्हें ग्राहकों की पसंद पता चल सके और फिर वे उसी प्रकार के प्रोडक्ट से उन ग्राहकों को टारगेट कर सके।  इसे भी जरूर पढे :- डीप लर्निंग तकनीक क्या है।कंटेंट मैनेजर Content Managerकंटेन्ट मेनेजर के पद पर कार्य करने वाले प्रोफेशनल्स का मुख्य काम अपनी ब्रांड या कम्पनी की सोशल मीडिया पर पॉपुलरटी बढ़ाना और उसकी ऑनलाइन उपस्तिथि दर्ज करवाना है। इसके अलावा ये  ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों को जोड़ने के लिए मार्केटिंग की स्ट्रैटेजी बनाते है और ग्राहकों की नजरो में कम्पनी और उसके प्रोडक्ट के बारे में सकारात्मक नज़रिये को बनाये रखते है। आगे पढे ।

मनी लेंडिंग मोबाइल ऐप्स से लोन भूलकर भी न लें, नहीं तो उठाना पड़ सकता है भारी
 18 September 2021  

आज हम आपको इस लेख मे मोबाईल लोन से जुड़ी कुछ ऐसी बाते बता रहे है, जिनके बारे मे सभी यूजर्स को जानना चाहिए ताकि उनके साथ कभी भी किसी प्रकार की समस्या न हो। इस लेख मे हम जानेंगे मोबाईल लोन ऐप फ्रॉड से कैसे बचे।मोबाइल ऐप से लोन लेने की जरूरतअगर किसी व्यक्ति को पैसों की जरूरत होती है और उसे ये पैसे किसी से उधार न मिले तो बाद मे उनके सामने एक ही विकल्प बचता है और वो है बैंक या फिर लोन वित्तीय कॉम्पनी ऐसें मे अगर आपका बैंक मे पुराना रिकॉर्ड्स सही है, तो आपको लोन आसानी से मिल जाता है।जो आपको एक तय समय मे ब्याज दर के साथ चुकाना पड़ता है। आप उस लोन का इस्तेमाल कार खरीदने  घर खरीदने , इत्यादि जैसे कामों मे कर सकते है।लेकिन जरूरत पड़ने पर लोन लेना उन लोगों के लिए परेशानी का सबब बन जाता है। जिनके पास बैंक अकाउंट ही नहीं है और न ही उन्होंने किसी वित्तीय कंम्पनी से लेन देने किया है जिसके कारण उन्हे लोन नहीं मिल पाता है।पुराने समय मे इसी काम को साहूकार लोग किया करते थे जो जरूरत पड़ने पर लोगों को ब्याज पर पैसे दिया करते थे। लेकिन अब समय बदल गया है, उनकी जगह कुछ वित्तीय कॉम्पनीय या नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों  (NBFC) ने ले ली है। जो आपको घर बैठे एक मोबाईल एप्लीकेशन की सहायता से लोन लेने की सुविधा देती  है। लेकिन ये नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों आपको ज्यादा बड़े लोन नहीं देती है ये आपको सिर्फ छोटी रकम वाले लोन ही देती है।  नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियाँ क्या होती है ? इन कंम्पनियों को हम आपको एक साधारण उदाहरण से समझाते है |आपने बॉलीवुड फिल्म का मशहूर डायलॉग तो सुना होगा कि पैसा भगवान तो नहीं है लेकिन भगवान से कम भी नहीं है।कुछ इसी तरह से नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियां (NBFC) भी है ,कि नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियां बैंक तो नहीं है लेकिन किसी  बैंक से कम भी नहीं हैं।ऐसी कंपनी, जो बैंकों की तरह ही काम तो करती है लेकिन बैंकों की तरह भरोसे और गारंटी की बात नहीं करती है। नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियो की मोबाईल ऐप्लीकेशन से आप कुछ साधारण सी प्रकिरीय द्वारा ही आसानी से लोन प्राप्त कर सकते है। इसके लिए न आपका बैंक अकाउंट की जरूरत होती है और न ही किसी गारंटर की, लेकिन बैंको की तरह ही उनकी कंडीशन सख्त होती है जिसके एवज मे ये आपसे बैंको से ज्यादा ब्याज दर वसूलती है। देश की कुछ बड़ी मोबाइल से लोन देने वाली ऐपवैसे तो अगर आप गूगल प्ले स्टोर पर लॉन देने वाली ऐप्लीकेशन के नाम सर्च करोगे तो आपको हजारों ऐप नजर आएगी। जिसमे ज्यादातर फेक भी होती है। जो आपके डाटा का गलत इस्तेमाल भी करती है।ऐसे मे कई बार आपको सही ऐप्लीकेशन का चुनाव करने मे परेशानी भी होती है। ऐसे मे हम आपको कुछ ऐसी नामी ऐप के बारे मे जिनके माध्यम से आप आसानी से लॉन ले सकते है।Indiabullsइस ऐप की सहायता से आप एक हजार रुपये से लेकर 15 लाख रुपये तक का लोन ले सकते है इस लोन की अवधि तीन महीने से लेकर 36 महीने तक की होती है। इस लोन की ब्याज दर 10 % से 13 % तक होती है।  Money Viewsइस ऐप की सहायता से आप एक हजार रुपये से लेकर पाँच लाख रुपये तक का लोन ले सकते है।  इसे भी जरूर पढे : डिजिटल मार्केटिंग मे करिअर कैसे बनाए।U Cashइस ऐप की सहायता से आपको एक हजार रुपये से लेकर 25 हजार तक का लोन मिल सकता है इसकी सालाना ब्याज दर 32. 85 % से लेकर 35.77% तक है इस लोन को चुकाने की अवधि 91 दिनों की होती है।  CashBeanइस ऐप की सहायता से आप एक हजार रुपए से लेकर 60 हजार रुपये तक लोन आसानी से ले सकते है इस लोन की सालाना ब्याज दर 33% फीसदी तक होती है और इस लोन को चुकाने की अवधि 91 से 120 दिनों के बीच होती है।  इसे भी जरूर पढे :- अनलाइन फ्रॉड से कैसे बचे.Rupee Maxइस ऐप की सहायता से आपको एक हजार रुपये से लेकर पाँच हजार रुपये तक का लोन आसानी से मिल जाता है जिसकी ब्याज दर 33% सालाना तक होती है और इस लोन को चुकाने की अवधि 90 से 180 दिनों के बीच होती है।इसे भी जरूर पढे :- ऐसे कीवर्ड्स जिन्हे गूगल पर भूलकर भी न सर्च करे।इसके अलावा भी और बहुत ऐप्लीकेशन है जिनसे आप घर बैठे मोबाईल से लोन ले सकते है जैसे कि MoneyTap, CashE , Credy, LazyPay , Early Salary इत्यादि।मोबइल ऐप से लोन कैसे मिलता है  ? मोबाईल से लोन देने वाली ऐप का मार्केट मे फेमस होने का सबसे बड़ा कारण ही यह है कि इसमे आपको सिर्फ आधार कार्ड और पेन कार्ड से ही लोन आसानी से मिल जाता है।इसे भी जरूर पढे :- कपल चैलेंज के अनलाइन फ्रॉड का तरीका है।इसके लिए आपको बैंकों की तरह कागजी पर्करीय  मे इधर उधर के ज्यादा चक्कर नहीं लगाने पड़ते और न  ही किसी गारंटी के तौर पर  गारंटर की जरूरत होती है।मोबाईल से लोन लेने के कुछ बड़े नुकसान 1. मोबाईल से लोन लेने का सबसे बड़ा नुकसान ये है इसमे कॉम्पनीय आपसे भारी ब्याज दर वसूलती है। जिसमे आपको 10 फीसदी ब्याज से लेकर 30 फीसदी ब्याज तक चुकाना पड़ता है।उदाहरण के तौर पर अगर आप एक लाख रुपये का लोन लेते है, तो आपको एक वर्ष बाद एक लाख रुपये के एक लाख  30 हजार तक चुकाने पड़ते है जोकि बैंक लोन की तुलना मे बहुत ज्यादा है।इसे भी जरूर पढे :- डीप लर्निंग तकनीक क्या है।2. मोबाईल से लोन देने वाली ऐप्लीकेशन मे बहुत सी ऐप ऐसी भी होती है, जो बैंकिंग नियमों को ताक पर रख देती है और चोरी छुपे बहुत से अलग से चार्ज लगा देती है।जिसके बारे मे ग्राहक को नहीं बताया जाता है लेकिन लोन चुकाने के वक्त इन चार्ज के बारे मे ग्राहक को बताया जाता है ऐसे मे मजबूरन  ग्राहक को ये रकम भी चुकनी पड़ती है।3. मोबाईल ऐप से लोन देने वाली कंम्पनियों के साथ अक्सर इस प्रकार कि समस्याएँ होती रहती है जिसका हर्जाना ग्राहक को चुकाना पड़ता है। पेमेंट करने के बाद अमाउंट अपडेट न होने, और  गलत रकम पर ब्याज लेने जैसी शिकायतों से लगातार ग्राहक परेशान  रहते हैं।4. मोबाईल से लोन देने वाली ऐप गूगल प्ले स्टोर पर हजारों मे मौजूद है जिनमे ज्यादातर फेक ऐप भी होती है ये आपको छोटे अमाउन्ट वाले लोन तो दे देती है लेकिन लोन देने के बाद ये लगातार लोगों को परेशान करते रहते है।इसे भी जरूर पढे :- डिजिटल मार्केटिंग मे करिअर कैसे बनाए।5. इन ऐप की सहायता से लोगों को जान से मारने तक की धमकीया भी दी जा रही है , इस प्रकार की शिकायतें बहुत सामने आ रही है ,इसके अलावा अश्लील फोटो कॉन्टैक्ट लिस्ट के साथ शेयर करने जैसी आपराधिक शिकायतें भी सामने आईं. इस प्रकार की परेशानियों से तंग आकार देश के कुछ नौजवान सुसाइड भी कर चुके है जोकि एक चोकाने वाली बात है।इस प्रकार कि शिकायतें आने के बाद गूगल ने एक्शन लिया है तब जाकर बहुत मनी लैंडिंग ऐप गूगल प्लेस्टोर से हटाई है लेकिन परेशानी अभी भी कम नहीं हुई है ऐसे मे आपको मोबाईल से लोन लेते वक्त बहुत सावधान रहना होगा।इसे भी जरूर पढे : सरकार के साथ मिलकर सौर ऊर्जा या सोलर पेनल का बिजनेस शुरू करे।देश मे आगे से लोगों के साथ इस प्रकार कि समस्याएँ न हो तो इसके लिए मोबाईल से लोन देने वाली कंम्पनियों के लिए आरबीआई ने कुछ गाइडलाइंस जारी की है जिनका पालन करना करना अनिवार्य है।आरबीआई ने फेक लोन ऐप का मामला क्यों उठाया  ?बीते दिनों से फेक लोन ऐप पर धांधली की शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही थी जिसके कारण लोगों को काफी समस्याएँ हो रही थी इसी के चलते  पुलिस ने गुरुग्राम और हैदराबाद के चार इंस्टेंट लोन ऐप्स के फाइनेंस ऑफिसों में  रेड की।इन लोन ऐप के दो ऑफ़िस गुरुग्राम में और दो हैदराबाद में हैं। इन ऑफिसों  का नेटवर्क  जकार्ता  ( इंडोनेशिया ) से चल रहा था। इसे भी जरूर पढे :- मोबाइल रोबोटिक्स इंजीनियरिंग में करियर कैसे बनायेपुलिस के अनुसार इन चार ऑफिसों से 30 लोन ऐप्लीकेशन चल रही थी जो अलग अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल मे फसाते है। ये सभी लोन ऐप RBI की मंजूरी के बिना लोगों को लोन दे रही थी और लोगों से 20 से 35 फीसदी तक का ब्याज वसूल रही थी। मतलब कि तीन महीने मे ही लोन का पैसा आपको डबल करके चुकाना पड़ता था।  लेकिन अगर किसी कारण वश आप समय पर किस्त नहीं चुका पाते , तो लोन ऐप वाले लोगों को धमकिया देते थे, यही कारण है कि बहुत से लोग इनकी धमकियों से इतना डर जाते थे। कि वे अपनी जान तक ले लेते थे। हैदराबाद मे तीन लोगों की आत्महत्या के बाद इस प्रकार के मामले सामने आये।

Medical Lab Technician Kaise Bane : मेडिकल लैब टेक्नीशियन कैसे बने ?
 13 September 2021  

आपने Lab Technician के बारे जरूर सुना होगा। जिनका काम लेब से जुड़े सभी कार्यो को करना होता है। आज हम आपको इस लेख में लैब टेक्नीशियन से जुड़े सभी कार्यो के बारे में बताने वाले है कि लैब टेक्नीशियन कोर्स क्या है Lab Technician Course Kya Hai और आप लैब टेक्नीशियन के क्षेत्र में किस प्रकार अपना करियर बना सकते है। या फिर मेडिकल लैब टेक्नीशियन कैसे बने Medical Lab Technician Kaise Baneइस लेख में हम आपको यह भी बतायेँगे कि लैब टेक्निशयन के क्षेत्र में करियर कैसे बनाये Lab Technician Me career Kaise Banaye अगर आप भी इस क्षेत्र के बारे में सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो इस लेख को पूरा पढ़ेमेडिकल लैब टेक्नीशियन कैसे बने ? Medical Lab Technician Kaise Baneनमूनों के आधार पर जाँच का विश्लेषण करने का काम पैथोलॉजिस्ट या फिर लेब टेक्नोलॉजिस्ट के द्वारा ही किया जाता है। Lab Technician जाँच करने के बाद कुछ सेम्पलों को अगर आगे की जाँच करने या फिर जरूरत के अनुसार उन्हें किसी सुरक्षित स्थान पर भी रख सकता है। इसलिए हम कह सकते है कि लेब टेक्नीशियन ऍमअलटी का काम बड़ी ज़िम्मेदारी भरा होता है।उसे  सभी सेम्पलों का रख रखाव भी बड़ी सावधनीपूर्वक करना होता है, ताकि सेम्पलों की आपस में अदला बदली न हो जाये। जिससे दुसरो की रिपोर्ट किसी और के पास चली जाये इस काम में धैर्य और निपुणता बहुत ही आवश्यक है।हमेशा मेडिकल लेब टेक्नीशियन (Medical Lab Technician )डॉक्टरों के निर्देशों पर ही कार्य करते है। उनके ज़िम्मे लेब से जुड़े अनेक कार्य होते है, जैसे कि लेब से जुड़े उपकरणों की देख रेख करना , नमूनों की जाँच और विश्लेषण में काम आने वाला घोल भी लेब टेक्नीशियन के द्वारा ही तैयार किया जाता है। लेब टेक्नीशियन को मेडिकल साइंस के साथ साथ लेबॉरेटरी से जुड़े सुरक्षा नियमों के बारे में भी अच्छा ज्ञान होना चाहिए।लेब टेक्नीशियन का मुख्य काम नमूनों के आधार पर जांच करने का होता है। परन्तु वे इन जाँच के परीक्षण और विश्लेषण के लिए प्रशिक्षित नहीं होते है | इन नमूनों के परिणामों का विश्लेषण पैथोलॉजिट या लेब टेक्नोजिस्ट के द्वारा ही किया जाता है। जांच के लिए रखे गए सैंपलों की सही तरीके से देखरेख करने का काम भी लेब टेक्नीशियन Lab Technician के द्वारा ही किया जाता है।दरअसल Medical Lab Technician किसी बीमारी की रोकथाम करने के लिए फिजिशियन की मदद करते हैं. लैब टेक्नीशियन बीमारी की जांच करने से लेकर उसके इलाज तक में सहायता करते है। मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजिस्ट (MLT) बॉडी फ्लूड्स, टीसू, ब्लड टाइपिंग, माइक्रो ऑर्गेनिज्म स्क्रीनिंग, केमिकल एनालिसिस, ह्यूमन बॉडी का सेल काउंट टेस्ट करते हैं और उसका विश्लेषण करते हैंये सैंपलिंग, टेस्टिंग, रिपोर्टिंग और डॉक्यूमेंटेशन करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं.आपको बता दें कि दो तरह के मेडिकल लेबोरेटरी वर्कर्स होते हैं- टेक्नीशियन और टेक्नोलॉजिस्ट्समेडिकल लैब टेक्नीशियन के कार्य –माइक्रोबायोलॉजीहेमाटोलॉजीब्लड बैंकिंगइम्यूनोलॉजीक्लिनिकिल केमिस्ट्रीमॉलिक्यूलर बायोलॉजीसाइटोटेक्नोलॉजीइसे भी पढे :- माइक्रो बायोलॉजी मे करिअर कैसे बनाए।कोर्स और योग्यता Qualification and Courseये बात तो ज़रूर याद रखे अगर आप मेडिकल से जुड़े किसी भी क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते है तो आपको बारहवीं की परीक्षा साइंस स्ट्रीम  ( फ़िज़िक्स , केमिस्ट्री , बॉयोलॉजी ) से  अनिवार्य है तभी आप मेडिकल से जुड़े किसी भी क्षेत्र में अपना करियर बना पाओगे।बारहवीं करने के बाद आप मेडिकल लेब टेक्नीशियन से जुड़े निम्नलिखित डिग्री डिप्लोमा ,और सर्टिफ़िकेट कोर्स  कर सकते है।CMLT ( Certificate Course in Medical Lab Technician ) इस कोर्स को आप दसवीं की परीक्षा पास करने के बाद कर सकते है यह  6 महीने का एक सर्टिफिकेट कोर्स है।इसे भी जरूर पढे : – बायोमेडिकल इंजीनियरिंग क्या है।DMLT ( Diploma in Medical Lab Technician ) 2 Year इस कोर्स को करने के लिए आपको बारहवीं की परीक्षा साइंस स्ट्रीम से करना जरूरी है यह एक से दो वर्ष का डिप्लोमा कोर्स है।B.Sc in Medical Lab Technician इस कोर्स में दाखिला लेने के लिए आपको बारहवीं की परीक्षा साइंस स्ट्रीम से पास  करना अनिवार्य है उसके बाद ही आप इस कोर्स में दाखिला ले सकते है यह तीन वर्ष का एक ग्रेजुएशन कोर्स है।इसे भी पढे :- केमिस्ट्री मे करिअर कैसे बनाए।M. Sc in Medical Laboratory Technologist   इस कोर्स के दाखिला लेने के लिए आपको कम से कम  दसवीं या बारहवीं की परीक्षा पास करना अनिवार्य है उसके बाद आपके पास दो वर्ष का एसोसिएट ट्रेनिंग प्रोग्राम सर्टिफिकेट होना चाहिए छात्र इस प्रकार की ट्रेनिंग लेबोरेटरी कार्य के साथ साथ कर सकते है उसके बाद ही आप इस कोर्स में दाखिला ले पाओगे। आगे पढे

Financial Advisor Kaise Bane : अगर आपको पैसे निवेश करने की है अच्छी समझ तो बने फाइनेंसियल एडवाइजर
 13 September 2021  

अगर आप भी कॉमर्स बैकग्रॉउंड से जुड़े हुए हो और फाइनेंस के क्षेत्र में अपना करियर बनाने की सोच रहे है, तो यह लेख आपके लिए महत्वपूर्ण होने वाला है क्योकि हम आपको कॉमर्स से जुड़े एक ऐसे कोर्स बारे में जानकारी देने  जा रहे है। जो कॉमर्स से जुड़ा एक उभरता हुआ करियर है हम बात कर रहे है।फाइनेंसियल एडवाइज़र की इस लेख में हम आपको बतायंगे कि फाइनेंसियल एडवाइजर कैसे बने ?भारत मे बैंकिंग इंडस्ट्रीहमारे देश बैंकिंग इंडस्ट्री इतनी तेजी से ग्रो कर रही है|  यहां पर सहकारी बैंक और फाइनेंस  जुड़ी 66 हजार से अधिक शाखा-ये कार्य कर रही है ऐसे में हमारा देश 2040 तक  विश्व का तीसरे नंबर का बैंकिंग हब बन जाएगा।बीते कुछ सालों में मोबाइल और इंटरनेट को लेकर जागरूकता बढ़ी है। जिसमें समय-समय पर कॉफी बदलाव होते जा रहे है। जिसके कारण मोबाइल बैंकिंग में भी तेजी से वृद्धि हुई है। आजकल बैंकों के ज्यादातर लेन देन के कार्य मोबाइल से ही किये जा रहे है। इसी को देखते हुए कुछ निवेश कंपनियों ने मोबाइल इंटरनेट को ही ध्यान में रखते हुए निवेश करने और फाइनेंस पर पैसे लेने के प्लेटफॉर्म तैयार किये है। जिनमे दिन प्रतिदिन तेजी से वृद्धि हो रही है।लोग इस सुविधा को बहुत ज्यादा पसंद कर रहे है और इनमें बढ़ चढ़ कर हिस्सा भी ले रहे है। लोगों ने अपना थोड़ा थोड़ा पैसा निवेश करना शुरू कर दिया है जिसके कारण उन्हें अच्छा रिटर्न भी मिलता है। आजकल ग्रामीण क्षेत्रों में भी काफी बदलाव देखने को मिल रहे हैं। इस क्षेत्र में प्रति व्यक्ति आय कम होने  व जीडीपी के सीमित होने के बावजूद लोगों के विश्वास को कायम रखा है इसी वजह से लोग इसको पसंद भी कर रहे हैं। बड़ी से बड़ी फाइनेंस और निवेश कंपनी अपना रुख गांव की ओर ज्यादा कर रही है।इसी को देखते हुए आजकल फाइनेंशियल प्लानर यह फाइनेंस से जुड़े प्रोफेशनल विशेषज्ञों की मांग बढ़ती जा रही है। ऐसे में आप भी इस  क्षेत्र में अपना करियर बना सकते हैं। इस लेख में हम आपको बताने वाले हैं की बैंकिंग फाइनेंस में करियर कैसे बनाएं या फाइनेंस  में करियर कैसे बनाएं।फाइनेंसियल एडवाइजर कैसे बने ? Financial Advisor Kaise Baneफाइनेंस प्रबंधन से जुड़ा वह विज्ञान है जिसमें धन व अन्य साधनों के निवेश क्रियाओं से जुड़ी जानकारी मिलती है। जिसमें ग्राहकों को यह बताया जाता है कि वे अपना पैसा सही तरीके  से कैसे निवेश करें। जिससे  ग्राहकों को अच्छा रिटर्न मिले और उन लोगों का इस क्षेत्र पर भरोसा बना रहे।इस क्षेत्र में समय-समय पर पैसों को निवेश करने के तरीके बदलते रहते हैं, ताकि लोग ज्यादा से ज्यादा अपना पैसा निवेश कर सके। इसके अलावा आप कम्पनियो से अपनी जरूरत के अनुसार पैसा भी ले सकते है। इस प्रक्रिया को फाइनेंस कहते है।एक अच्छा बैंकिंग फ़ाइनेंशियल एडवाइजर वो होता है जो ग्राहकों को अच्छी सर्विस वित्तीय सलाह और बैंकिंग से जुड़े किसी भी कार्य में सही तरीके से गाइड कर सके ग्राहकों को निवेश बीमा बचत योजनाओं कर्ज इत्यादि के बारे में सही जानकारी देना।फाइनेंशियल एडवाइजर का भविष्य आजकल लोग अपनी सभी बड़ी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए फाइनेंस से जुडी कंपनियों का सहारा ले रहे है। जिसके माध्यम से वह अपने लिए घर, गाडी , बिज़नेस लोन पर्सनल लोन इत्यादि ले रहे है। जिसका क्रेज लोगो में देखने को मिल रहा है। इसी वजह से आने वाले समय में ये इंडस्ट्री और बढ़ने वाली है ऐसे में आपके पास फ़ाइनेंशियल एडवाइसर बनने का अच्छा मौका है।योग्यता Qualificationअगर आप बैंकिंग सेक्टर में जाने का शोक रखते है , तो आप अपनी बारहवीं की परीक्षा कॉमर्स से पास करे और ग्रेजुएशन बी-कॉम से करे। ऐसा करने से आपको बैंकिंग सेक्टर के बारे में अच्छी जानकारी हो जाएगी या आप अर्थ-शास्त्र में भी ग्रेजुएट कर सकते है।लेकिन इस क्षेत्र ने बढ़ते रुझनो को देखते हुए आजकल बी-एससी मैथ, बायो बीए बी-बीए बीई करने वाले भी अपने कदम बढ़ा रहे है। चार्टर्ड एकाउंटेंसी और कॉस्ट एंड वर्क्स एकाउंटेंसी करने वाले छात्र फाइनेंस में एमबीए करना पसंद करते है।बैंकिंग सेक्टर में ज्यादातर छात्र फाइनेंशियल मैनेजमेंट में मास्टर , इकोनॉमिक्स या कॉमर्स में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद कदम रखते है। अगर आप बैंकिंग सेक्टर से सम्बन्ध नहीं रखते है, लेकिन इस क्षेत्र में करियर बनाने चाहते है, तो आप किसी भी स्ट्रीम से ग्रेजुएशन करने के बाद कदम बढ़ा सकते है।इस क्षेत्र में कदम बढ़ाने के लिए अगर ग्रेजुएशन में आपके 50 % अंक है तो बेहतर रहता है। जिससे आपको ऐडमिशन लेने में कोई परेशानी नहीं होती है। इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए आप निम्नलिखित कोर्स कर सकते है।  इसे भी पढे :- योगा के क्षेत्र में करियर कैसे बनायेफाइनेंसियल एडवाइजर की दूसरी स्किल अगर आप फाइनेंस के क्षेत्र में एक अच्छा करियर बनाना चाहते है,तो आपके पास फाइनेंस की किसी भी डिग्री के अलावा कुछ दूसरी योग्यता होना भी अनिवार्य है तभी कोई कंपनी आपको नौकरी देने की इच्छुक होगी।  अगर आपके अंदर धैर्य, कार्य के प्रति अनुशासन, टीम वर्क ,  ग्राहकों और कंपनियों से जुडी समस्याओं का समाधान करने की क्षमता , मैथ्स और कंप्यूटर के बारे में अच्छी जानकारी , अपनी बातों को सही तरीके से बोलने की कला एवं मार्केटिंग स्किल होना बेहद जरूरी है। जब आपके पास दुसरो से कुछ अलग हटकर जानकारी होगी। तभी कोई भी कम्पनी आपको लेने के लिए इच्छुक होगी, क्योकि आज के समय में कॉम्पिटिशन हर क्षेत्र में है किसी में ज्यादा तो किसी में कम है।इसे भी पढे :- ऑनलाइन मीडिया में करियर कैसे बनाये।नौकरी में अवसर जितनी तेजी से आजकल देश में फाइनेंस और निवेश की नई नई कम्पनिया आ रही है। उस हिसाब से आने वाले भविष्य में इस क्षेत्र में रोजगार के काफी अवसर खुले हुए है। बैंको में खाता धारको की संख्या बढ़ रही है, तो देश में बैंक और फाइनेंस कम्पनियाँ अपनी शाखाओ में लगातार बढ़ोतरी कर रही है।ऐसे में वंहा पर उतनी ही तेजी से फाइनेंस कर्मचारी की जरूरते पढ़ रही है मौजूदा समय में हमारे देश का बैंकिंग फाइनेंस और इंशयोरेन्स क्षेत्र लगभग 130 ट्रिलियन को पार कर चूका है ,जोकि आने वाले समय और तेजी से बढ़ने वाला है एक अनुमान के मुताबक यह सेक्टर आने वाले एक दशक में लगभग 20 लाख से अधिक लोगो को रोजगार देने वाला है।इसे भी जरूर पढे : डिजिटल बैंकिंग क्या है।ऐसे में जिन छात्रों को ये समझ नहीं आ रहा है कि बारहवीं के बाद क्या करे तो आप अभी से इस क्षेत्र में कदम बढ़ा सकते है। बेकिंग क्षेत्र ज्यादातर कुशल युवाओ को लेना पसंद करते है। जिनमे किसी भी चीज को बारीकी से समझने सोचने और उसे सही तरीके से करने की क्षमता  होनी चाहिए। नीचे दिए गए बैंकिंग और फाइनेंस नौकरी से जुड़े कुछ पद है जिन पर आप अपनी योग्यता और अनुभव  के आधार पर करियर बना सकते है।जॉब के अवसरफाइनेंस या बैंकिंग इंडस्ट्री से जुड़ा हुआ कोर्स करने के बाद आप बहुत से पदों पर जॉब के अप्लाई कर सकते है,जो लिस्ट मे नीचे दिए गए है। आगे पढे

जाने क्या होता है कैंसर और क्यों होता है कैंसर
 13 August 2021  
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कैंसर कोशिकाओं  यानी  सेल्स  में   होने  वाली  प्रॉब्लम है । कैंसर  कही भी हो सकता है, शरीर के किसी भी हिस्से  में । कम से कम १०० प्रकार के कैंसर शरीर में  हो सकते है ।  लिवर , गुर्दे,   स्तन , फेफड़े , हड्डियां- कैंसर कही भी हो सकता है । हमारा शरीर सेल्स का बना है ।  इन सेल्स के अंदर जीन्स  होते है ।  इन जीन्स  मैं कुछ प्रॉब्लम हो जाये तो  कैंसर हो सकता है । उम्र के साथ जीन्स  और सेल्स में खराबी आने लगती है ।  इसी से कैंसर उत्पन्न होता है ।  बढ़ती उम्र के अलावा कुछ रिस्क फैक्टर्स से यह दिक्कत ज्यादा हो सकती है।  कुछ ऐसे रिस्क फैक्टर्स है जो सेल्स को ज्यादा हानि पंहुचा सकते है जैसे की तम्बाकू, शराब , मोटापा , प्रदूषण , लाल मांस  , प्रोसेस्ड मांस , एस्बेस्टोस , कुछ प्रकार की गर्भनिरोधक गोलियां इत्यादि।  जब किसी सेल या कोशिका में कैंसर बनने लगता है तो सेल की संख्याअसामान्य रूप से बढ़ने लगती है ।  इसकी वजह से गांठ बनाने लगती है या फिर घाव बनने लगता है।  यह गाठे काफी नुकसानदायक होती है।  एक तो यह शरीर के  बाकि हिस्से में फ़ैल जाती है।  दूसरा ,  यह जहा बनती हैRead More .. जाने क्या होता  है कैंसर और क्यों होता है कैंसर 

मेरी माँ ही मेरी पहली गुरु हैं: लेखक अभिषेक मोहता
 14 July 2021  

अभिषेक मोहता एक लेखक, अभिनेता और कास्टिंग डायरेक्टर हैं, जिनका जन्म 25 जुलाई 1993 को दिल्ली में हुआ था।अभिषेक ने एक दिलचस्प रोमांस उपन्यास, वन्स अपॉन अस लिखा है, जो 6 नवंबर 2019 को जारी किया गया था।अभिषेक मोहता ने अगस्त 2017 से फरवरी 2018 तक पुरस्कार विजेता लेखक आर्यन साहा की सहायता की। आर्यन साहा ने 8वें दादा साहब फाल्के फिल्म समारोह में हरीश व्यास के साथ अंग्रेजी में कहते हैं के लिए सर्वश्रेष्ठ पटकथा पुरस्कार जीता है। अभिषेक मोहता ने सैफरन ब्रॉडकास्ट एंड मीडिया लिमिटेड में काम किया है।अभिषेक मोहता टीवी इंडस्ट्री में कास्टिंग विभाग में एक अनुभवी व्यक्ति भी हैं। वह कई सीरीज के लिए कास्टिंग डायरेक्टर रह चुके हैं।एक लेखक और कास्टिंग निर्देशक होने के अलावा, अभिषेक ने क्रिएटिव टीम में भी काम किया था, जिसमें कलर्स टीवी की लोकप्रिय श्रृंखला, श्रीमद भागवत महापुराण भी शामिल है। पौराणिक नाटक का निर्देशन कमल मोंगा ने किया था, जिसमें शाइनी दोशी, रजनीश दुग्गल, शालिनी विष्णुदेव, इशिता गांगुली और विदिशा श्रीवास्तव थे।इसे 2 जून 2019 से 24 मई 2020 तक प्रसारित किया गया था।अभिषेक इंस्टाग्राम पर अच्छी संख्या में फॉलोअर्स के साथ एक प्रभावशाली व्यक्ति भी हैं।अभिषेक शेजाली शर्मा ( “द रैली,” फिल्म की अभिनेत्री) के साथ एक रोमांटिक गीत "तू है वही" करते नजर आएंगे। इस गाने की निर्माता श्वेता ज्योति हैं।अभिषेक आज भारतीय टीवी उद्योग में एक जाना-पहचाना नामहैं।इतनी ऊंचाई तक पहुंचने के बाद भी, अभिषेक अपनी विनम्र शुरुआत को नहीं भूले हैं और हमेशा जमीन से जुड़े रहना पसंद करते हैं।अभिषेक निखिल द्विवेदी जी (श्रीमद भागवत महापुराण और वीरे दी वेडिंग के प्रोडूसर) को अपना गुरु मानते हैं क्यूंकि उन्होंने ही अभिषेक को इंडस्ट्री में एक मौका दिया था । अभिषेक उनका हमेशा आभार व्यक्त करते हैं ।किन्तु अभिषेक की सर्वप्रथम गुरु उनकी आदरनीय माता हैं।अभिषेक का कहना है कि जब वह छोटे थे तब वह पढाई में काफी कमजोर थे। उनका मन पढाई से ज़्यादा कला छेत्र में लगता था।और ज़्यादातर लोगो को लगता था की वे लाइफ में कुछ नहीं कर पाएंगे। उस वक़्त उनकी माँ ही उनका हौसला थी। एक उनकी माँ ही थी जो कहती थी तू बेकार नहीं सबसे अलग है। अभिषेक की माता उनके हर मुश्किल वक़्त में उनके साथ खड़ी थी।अभिषेक ममस बॉय हैं। अभिषेक के हर फैसले में भागीदार उनकी माता होती हैं। अभिषेक अपने कामयाबी का श्रेय कुछ गिने चुने लोगो को देते हैं, जिनमे से सबसे अहम् उनकी माता जी हैं। अभिषेक की मां एक तेज-तर्रार कारोबारी महिला हैं। इसके अलावा, अभिषेक की मां का एक स्वास्थ्य संबंधी यूट्यूब चैनल है, जिसका नाम ब्लॉगर दादी है। वह यूट्यूब पर ब्लॉगर दादी के रूप में काफी लोकप्रिय हैं।अपने ख़ाली समय में, अभिषेक अपने परिवार और करीबी लोगों के साथ समय बिताना पसंद करते हैं।

इंसान, शैतान और मजबूर भगवान
 22 May 2021  

भगवान भी आज मनुष्य की करतूतें देख कर परेशान है, दुखी है.....!इंसान को इस तरह दिशा विहीन तथा कुदरत से हर पल खिलवाड़ करता देख कर भगवान ने सोचा क्यों ना इंसान को किसी तरह सीधी राह लाया जाए.....!शायद यह भी सोचा होगा कि मनुष्य ने इस तरह ना सीखना समझना है....! और फिर एक ऐसी दुःख तकलीफ़ वाली कोरोना नामक बीमारी मनुष्य को दी ताकि मनुष्य सीख पाए, समझ जाए तथा संभल जाए.....!मगर अफ़सोस सब कुछ उल्टा हो गया......!मालिक की तरफ़ से आए इस दुःख पीढ़ा रूपी सबक़ को भी इंसान ने व्यवसाय का साधन बना दिया......! इंसान मौत का सौदागर बन गया....! वो कहावत हैं ना मुर्दे पर ही रोटियाँ सेकनी शुरू कर दी....!वैसे तो कहा जाता था कि एक मनुष्य ही दूसरे मनुष्य के काम आता है मगर यहाँ कुछ इस तरह उल्टा ही हो गया.....!(१) कुछ डॉक्टर तो भगवान का ही रूप बन गए और सेवा भाव से लोगों का दिल जीत लिया मगर कुछ डॉक्टर शैतान को शर्माने वाली हरकतों पर उतर आए तथा बीमारी को एक मौक़ा बनाकर इंसान को लुटेरों की तरह लूटना शुरू कर दिया....!(२) कुछ दवाई बेचने वालों ने सोचा हम क्यों पीछे रह जाएँ, फिर शुरू कर दी काला बाज़ारी और वही लूटपाट.....!(३) कहीं ऑक्सिजन पर काला बाज़ारी तो कहीं उसके साथ के हर साधन सामग्री पर काला बाज़ारी.....!(४) कुछ मौक़ा परस्त ऐम्ब्युलन्स वाले भी इस होड़ में शामिल हो गए तथा लूटने को पुण्य का काम समजते हुए वे भी शुरू हो गए.....!(५) अंत में अपने स्वजनों को मौत की सौग़ात मिलने पर भी दुखी इंसान को छोड़ा नहीं गया, कुछ स्मशान वालों की तरफ़ से ऐम्ब्युलन्स से उतारकर चिता पर छोड़ने के लिए भी एक भारी क़ीमत देनी पड़ी......!जो किसी तरह बच गए या किसी का स्वजन दुनिया छोड़कर चला गया मगर उनके लिए भी पीछे सिर्फ़ और सिर्फ़ एक मजबूर ज़िंदगी बच गयी जो हर तरह अपने आपको क़र्ज़ में डुबाकर बैठ गए.... अब उनके पले रह गए थे- मानसिक तनाव, चिंता एवं क़र्ज़ पूरा करने के लिए संघर्ष, संघर्ष और सिर्फ़ संघर्ष......!अब सोचना यह है कि जो तो भगवान का रूप बनकर, सेवा कार्य में जुट गए तथा लोगों का भला करते हुए दूसरों कि निस्वार्थता से सहायता करने लग गए वे तो सचमुच अपनी इंसानियत को जिंदह रख कर भगवान का रूप बन गए.....!काश कुछ नेता भगवान का रूप ना सही मगर इंसान ही बन गए होते.....! जिस जनता जनार्धन ने चून कर अपनी सार सम्भाल एवम् सेवा कार्य के लिए कुर्सियों पर बिठाया काश उनके दुख दर्द को देख पाते....!हम में से जिन्होंने काला बाज़ारी की, काश वे उस दुख दर्द को एवम् मजबूरी को देख पाते.... अरे सेवा ना ही सही मगर थोड़े से मुनाफ़े से ही दवाइयों को तथा मेडिकल साधनो  को बेचते तो भी शायद भगवान का रूप ही कहलाते......!मगर शैतानियत वाली करतूत की है तों ऐसे शैतानों तथा हैवानों को बहुत बारी क़ीमत चुकानी होगी, वे नहीं जानते कि जब इंसाफ़ होता है तब कोई नहीं छूट सकता क्योंकि भगवान की दरबार में देर हो सकती है मगर अंधेर नहीं.....!भगवान की दरबार में तो उनका जो होगा सो होगा मगर हमारी भी एक नैतिक जिम्मेदारी है- कि हम उन शैतानों तथा हैवानों को बेनक़ाब करें उनकी करतूतों को नंगा करें जिन्होंने इंसानियत का चोला ओड्डकर, बहुत ही बेशर्मी से इस महामारी को अपना व्यवसाय बना कर लूट मचायी तथा इतनी बे दर्दी से उन बीमारों को भी नहीं छोड़ा जो लाचार थे बेबस थे....! उन शैतान दरिंदों ने तो अपनी करतूतों से भगवान को भी शर्मसार  कर दिया.....!वैसे तो दुआ करनी चाहिए कि हे भगवान दुश्मन को भी माफ़ करना तथा उनका भी भला करना मगर क्या ऐसी हैवानियत माफ़ी के काबिल भी हैं........?कब तक हम ऐसे करतूत  सिर्फ़ और सिर्फ़ सुनते एवम् सुनाते रहेंगे....?अब वक्त आ गया है उस नैतिक ज़िम्मेदारी को निभाने का, उन शैतानों के ऊपर से इंसानियत का जाली परदा हटाने का....!इंसानियत का पहला पहलू: निष्काम सेवा कार्य करने वालों के नाम तथा उनको नतमस्तक सलाम.......!हमें साथ मिल कर उन व्यक्तियों का हौसला भी ज़रूर बढ़ाना चाहिए, जिन्होंने अपनी परवाह ना करते हुए ना सिर्फ़ अपनी जिम्मेदारी निभायी है मगर उस से बढ़ चढ़कर सेवा कार्य करके इंसानियत को जिंदह रखा है एवम् आज भगवान का रूप बन गए हैं.....!आज हमारी दिल की तय से दुआ है, भगवान उनको बल-सामर्थ्य से निवाजें, हर पल उनको तथा उनके परिवार वालों को खुश रखें, सुखी रखें ताकि इस इंसानियत को वे अपने सेवाभाव से जिंदह रख पाएँ.....!Hargovind Wadhwani

वृषभ
 21 May 2021  
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1वृषभ - शारीरिक गठनवृषभ राशि वालों के हाथ की बनावट चौकोर होती है। उनकी लंबाई कम तथा चौड़ाई अधिक रहती है तथा अंगूठा कुछ बड़ा होता है और उसे पीछे मोड़ पाना संभव नहीं होता। वृषभ राशि कंठ पर विशेष प्रभावकारी होती है। इस कारण इस राशि के लोगों में बोलने की असाधारण क्षमता होती है। वृषभ राशि वाले व्यक्ति शरीर से दुर्बल हों, तो उन्हें पौष्टिक अन्न अधिक ग्रहण करना चाहिए तथा चर्बी युक्त पदार्थ कम खाना चाहिए। इस राशि वाले व्यक्तियों को इंद्रिय, अंगुली अथवा गाल पर तिल या मस्से का चिन्ह अवश्य रहता है, जिन व्यक्तियों के हाथ की अंगुली अथवा गाल पर तिल होता है, उनके पास पैसा नहीं बचता है।2वृषभ - व्यवसायइस राशि के जातक सौंदर्य को विशेष महत्व देते हैं। उन्हें हर कार्य में कलात्मकता पसंद है। कार्य को सुरुचिपूर्ण ढंग से करना चाहते हैं। ललित कला, शराब, रेस्टोरेंट, होटल, संगीत, तेल व्यवसाय, गायन, नृत्य, कलाकार, अभिनेता, श्रृंगार व सजावट की वस्तुएं, आभूषण, कलात्मक व शिल्पकारी से संबंधित वस्तुएं, चित्रकारी, रेडिमेड वस्त्र व्यवसाय, कशीदाकारी, बागवानी, मॉडलिंग, टेलरिंग, फिल्म व्यवसाय, फैशन डिजाइनर, विज्ञापन एजेंसी, इत्र आदि से संबंधित कार्यों को व्यवसाय के रूप में चुनकर सक्रिय होते हैं। जीवन में विशेष उन्नति व सम्मान के अधिकारी बनते हैं। भूमि संबंधी कार्यों में सफलता मिलती है।3वृषभ - चारित्रिक विशेषताएंवृषभ राशि के जातकों में निम्न चारित्रिक विशेषताएं पाई जाती हैं चरित्र के प्रारंभिक लक्षण- दुराग्रही, लालची, भौतिकवादी, इंद्रियार्थवादी, भौतिक इच्छाओं द्वारा नियंत्रित, अड़ियल, मोटी बुद्धि का, अनम्य, भूमिज, स्थिर चित्त का व्यक्ति। चरित्र के उत्तरकालीन लक्षण- दृढ़निश्चयी, दुराग्रही, अटल, बौद्धिक मूल्यों का विकास, सच्चे अंतर्निहित मूल्यों के साथ अनुकूलता, भौतिकवाद तथा भौतिकेतर चमक-दमक से विलग होना, भावनात्मक इच्छाओं को नियंत्रित करना, आधिपत्य को साधनों के अंत की बजाय अंत के साधन के रूप में देखना। अंतःकरण के लक्षण- इच्छाओं का आकांक्षाओं तथा आध्यात्मिक इच्छाओं में रूपांतरण, आध्यात्मिक मूल्यों के साथ अनुकूलता, माया की दुनिया का प्रबोधन, विश्व को ज्ञान के प्रकाश की ओर प्रेरित करना करने में सहायक, लोगों के मध्य होकर भी अलग-थलग रहना, दैविक कार्यों की प्रगति में स्वयं के संसाधनों का उपयोग, ईश्वरीय संसाधनों का प्रबंधक होना, स्वामित्व, क्षमताओं तथा भौतिक वस्तुओं का उचित उपयोग, आध्यात्मिक प्रबोधन द्वारा भौतिक बंधनों को तोड़ना, भौतिकेतर भ्रांतियों को समाप्त करना।3Aवृषभ - विवाह और दांपत्य जीवनविवाह के संबंध में वृषभ राशि वृश्चिक को अपनी ओर आकर्षित करती है। उसकी दृष्टि में वृश्चिक की ही प्रधानता रहती है। वैसे कन्या राशि से उसके संबंध रोमांटिक होते हैं, पर इस राशि से उसका रोमांस अस्थायी होता है। कन्या राशि प्रायः स्वयं संबंध तोड़ लेती है। वृषभ प्रेम के संबंध में गृहाभिमुखी होते हैं। वृषभ राशि का पुरुष प्रत्येक वस्तु के सर्वोत्तम रूप को पाना चाहता है। उसमें भोजन तथा सैक्स दोनों की भूख बहुत प्रबल होती है। वह पूर्ण आत्मसमर्पण चाहता है। पर्याप्त भोजन, पर्याप्त काम-तृप्ति, दोनों की ही उसे भरपूर आवश्यकता होती है। अपनी पत्नी की सैक्स के प्रति उदासीनता उसे क्रोध से भर देती है। उसका सैक्स व्यवहार बहुत कठोर होता है। सैक्स प्रिय पत्नी या प्रेमिका उसे बहुत प्रिय होती है और वह तब उसके लिए सबकुछ कर सकता है। वृषभ राशि वाले स्त्री-पुरुष दोनों ही सर्वोत्तम के आकांक्षी तथा भोजन एवं सैक्स दोनों के ही भूखे होते हैं। वैवाहिक जीवन में पति-पत्नी में अवश्य खटपट चलती रहती है, किन्तु फिर भी एक-दूसरे को छोड़ नहीं सकेंगे। खटपट के बाद पुनः मेल हो जाता है।44वृषभ - प्रेम संबंधवृषभ राशि वाले जातकों में प्रेम में क्षमता महान होती हैं। सैक्स के क्षेत्र में भी उसकी आकांक्षाएं विशाल होती हैं। वह उन व्यक्तियों की ओर आकर्षित होता है, जो उसकी सहायता कर उसे प्रसन्नता, सुख और सहयोग देते हैं। उसके लिए सबकुछ करने को प्रस्तुत रहता है। इस राशि का प्रेम बहुत तीव्रता से प्रारंभ होता है, पर उसका अंत मित्रता एवं समझदारी में ही होता है। यदि उसे ऐसा अनुभव हो कि उससे लाभ उठाकर छोड़ दिया गया है, उस समय वह आपे से बाहर हो सकता है। ऐसी स्थिति में वह अपने प्रेमी का कठोर आलोचक बन जाता है, फलस्वरूप उसके प्रिय से सदैव के लिए संबंध टूट जाते हैं। यह राशि ऐसा प्यार चाहती है कि जिसका आधार ठोस और दृढ़ हो। उस पर प्रेम तथा वासना दोनों का समान प्रभाव रहता है। दोनों भरपूर मात्रा में पाना चाहता है। वह एक से अधिक प्यार का इच्छुक रहता है। वृषभ राशि सैक्स पर नियंत्रण नहीं रख पाती है। समय-असमय का उसे ध्यान नहीं रहता है। वृषभ राशि वाले से बलपूर्वक कोई कुछ नहीं करा सकता है। पर विपरीत लिंग का व्यक्ति प्यार से कुछ भी करा सकता है। वृषभ राशि का व्यक्ति अपने सम्मान में सैक्स से अधिक संबंध रखता है। वृषभ राशि वाले व्यक्ति जीवन जटिलता से परिपूर्ण रहता है। वह अपने साथी को अपने अनुसार ढालने के लिए दृढ़ता से भी काम लेता है। इसमें रति-भावना मानसिक अधिक होती है, शारीरिक कम। वृषभ राशि अपने साथी के विषय में पूर्णतः आश्वस्त होना चाहती है। मत-विभिन्नता उसे स्वीकार नहीं होता। वृषभ राशि का व्यक्ति प्रायः खोने के लिए पाता है। असफलता पाने के लिए सफल होता है। प्रेम संबंधी उसके विचार व्यावहारिक तथा सतर्क होते हैं। यदि उसे उसके मनोनुकूल साथी मिल जाए, तो दोनों का जीवन भर साथ निभ जाता है। विपरीत लिंग से संबंध विपरीत लिंग के प्रति इस राशि वालों का दृष्टिकोण विश्लेषणात्मक होता है। कलात्मक प्रवृत्ति के लोगों को वह अपनी ओर आकर्षित कर लेते हैं। मधुर कंठ वाले का संग-साथ इस राशि को अच्छा लगता है। वह प्रसन्न होता है। स्त्री जाति अथवा अन्य किसी व्यसन में इनकी शीघ्र ही आसक्ति हो जाती है, किन्तु अपने चरित्र को हमेशा दर्पण के समान शुद्ध व स्वच्छ रखते हैं तथा संभालने का प्रयास करते रहते हैं। वृषभ राशि के व्यक्ति को सुख-चैन तथा शांति से रहना पसंद होता है। वे स्त्रियों की ओर सहसा आकर्षित नहीं होते हैं। अपने काम से काम रखते हैं तथा अपनी ओर से वे कभी किसी से भी बात नहीं करना चाहते। भौतिक रूप से वृषभ राशि वाला व्यक्ति कन्या राशि की ओर आकर्षित होता है, मीन तथा कन्या राशि के संबंध में उसे सुख मिलता है। वृषभ राशि के लिए सब प्रकार के गृहस्थ सुख आवश्यक हैं। अपने प्रेम-व्यवहार में कोई ठेस लगने अथवा भावनाओं को चोट पहुंचने की स्थिति में वह उग्र हो उठता है। कर्क और वृषभ राशि में पर्याप्त समानताएं होती हैं। दोनों ही धन तथा प्रेम के संबंध में व्यावहारिक होते हैं, पर वृषभ की अपेक्षा कर्क कुछ अधिक व्यवहार कुशल होता है।5वृषभ - रुचियाँ/शौकवृषभ राशि वाले लोगों को ज्योतिष पुस्तकें पढ़ना, खेलकूद, अच्छी चीजों का संग्रह करना, नृत्य, गायन, कथा-कीर्तन, सत्संगति आदि में से किसी एक बातमें काफी दिलचस्पी रहती है। वृषभ राशि के पुरुष को खेलों का तथा वृषभ राशि की स्त्री को वस्त्रों का शौक रहता है। वृषभ राशि का मनुष्य विविध घटनाओं तथा स्थानों के वर्णन में रुचि लेता है।6वृषभ - स्वभावगत कमियांवृषभ राशि वालों को डराना-धमकाना संकट को आमंत्रित करना है। क्रोध में आकर ये लोग सीमाओं को भी पार कर सकते हैं। स्वयं झगड़ालू नहीं होते हैं, पर यदि कोई उनसे स्वयं अटकता है तो उसे पर्याप्त दंड दिए बिना भी नहीं छोड़ते। वह तब गंभीर से गंभीर वार भी कर देते हैं। जिद्दी होते हैं। इस राशि वाले स्वभाव से अत्यंत आलसी होते हैं। वृषभ राशि के व्यक्ति अन्य व्यक्तियों की अपेक्षा कहीं अधिक रूढ़िवादी होते हैं। भोजन के मामले मेंें ये संयम नहीं रख पाते हैं, चटोरपन इसकी आदत होती है। वृषभ राशि में स्वयं को महान समझने की भावना होती है। दूसरे की सफलता को देखकर वह उसके स्थान पर अपनी कल्पना करना उसका स्वभाव बन जाता है। वह ईर्ष्या नहीं करता, पर स्वयं भी वैसी ही सफलता पाने के लिए लालायित हो उठता है। वह एक ओर जहां अत्यधिक सहनशील तथा सहानुभूति पूर्ण होता है, वहीं दूसरी ओर वह अपनी भावनाओं पर ठेस लगने के कारण अपने व्यवहार से भी पलट जाता है तथा रचनात्मक के स्थान पर उसका रोल ध्वंसात्मक हो जाता है। कमियों से बचने के उपाय हिन्दू पद्धति में वृषभ राशि के जातकों को कष्ट रहने पर संकष्टी चतुर्थी, प्रदोष, रामायण पाठ, गायत्री जप अथवा मंगलवार को उपवास करना चाहिए। शुक्रवार का व्रत एवं शिव उपासना भी शुभफलदायिनी है। सफेद वस्तुओं चावल, मिसरी, दूध, सफेद वस्त्र का दान से शुभ की प्राप्ति होती है। 'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः शुक्राय नमः' - इस मंत्र का 16,000 जाप करना मनोकामना पूर्ति करने में सहायक है।7वृषभ - घर-परिवारवृषभ राशि के लोग एक सफल माता-पिता बनते हैं। बच्चों के प्रति उनके मन में अत्यन्त प्रेम तथा समझदारी की भावना होती है। वृषभ राशि वाले व्यक्तियों को कन्या या संतान से सुख मिल पाता है। रिश्तेदारी से हमेशा दूर रहते हैं। वृषभ राशि के व्यक्ति वस्तुस्थिति को मधुर शब्दों में व्यक्त नहीं कर पाते हैं। स्वयं आराम पसंद होने के साथ-साथ अपने परिजनों को भी अपने आनंद में सहभागी बनाते हैं। इस राशि के लोग अपने परिवार तथा मित्रों के प्रति सदैव ईमानदार तथा सहायक होते हैं। घरेलू चिंताओं में उलझे रहना और उन्हीं पर सोचते रहना, उसके लिए कष्टदायी होता है। पारिवारिक जिम्मेदारियों से वह बहुत घबराता और दूर भागता है। पारिवारिक स्थितियां उसे बहुत परेशान करती हैं। परिवार के मुखिया के रूप में वह एक असफल व्यक्ति होता है। उसे अपनी संतान का भार उठाने में विशेष रुचि नहीं होती। घर गृहस्थी के कामों से वह अपने को अलग रखना ही पसंद करता है। वृषभ राशि का मनुष्य अपने आप में केंद्रित होकर अपने प्रियजनों को दुःखी बना देता है। उससे हर समय संपर्क स्थापित कर पाना संभव नहीं होता। वह प्रायः अपने आप में सिमट जाता है। एकान्तवासी या अचानक गंभीर हो उठना इस राशि के व्यक्ति की विशेषता है, पर इस स्थिति से मुक्त होने पर वह स्वयं को अधिक तुष्ट, सुखी एवं शक्तिशाली अनुभव करने लगता है।

आत्ममंथन

आत्ममंथन...................इंसान की एक स्तिथि पत्ती जैसी होती है। पानी की बूँदें जब पत्तियों पर रुकती हैं। पत्तियों की सुंदरता उनकी चमक से कई गुना बढ़ जाती है।लेकिन ये भी एक सच्चाई है कि पत्ती उसे  कुछ पल बाद अपनी चिकनाहट से फिसला के नीचे गिरा देती है। और फिर से उसी तरह नई नई बूंदों का स्वागत करती है। पत्ती को पता ही नही चलता कि बरसात कब चली गई और बूंदों ने कब आना ही बंद कर दिया। ऐसे में केवल जड़ों में समाहित जल ही उसका साथ देता है।इंसान का व्यक्तित्त्व भी इसी पत्ती की तरह ही है वो रोज़ नए नए साथी के पीछे भागता रहता है।  वो भूल जाता है कि जीवन के रिश्ते किसी अपने के साथ ही चलते हैं। फिर चाहे उस रिश्ते में ताजग़ी अभी भी हो या न हो। भले ही हमारा रिश्ता थोड़ा उबाऊ हो गया हो लेकिन याद रहे, काम हमेशा अपने ही आएंगें।इसलिए अपनों की कद्र करो और नई दुनिया की चमक के पीछे भागना बंद करो।कुछ लोग कहेंगे कि हम उन पत्तियों में से नहीं है। फिर भी इसके विपरीत लोगों को हमारी क़द्र नहीं है। ये दूसरी परिस्थिति होती है। तो उनके लिए कहना है कि क्या आपने कभी धूप में चमकता हुआ पत्थर देखा है।धूप में पत्थर खूब चमकता है लेकिन एक निश्चित समय बाद धूप अपनी सुविधानुसार अपना रुख बदल कर उसको छोड़ के चली जाती है। और पत्थर फिर अगले दिन उसी जगह पर उसी धूप का इंतज़ार करता रहता है। पत्थर के इसी वविश्वास,लगाव और समर्पण को देखते हुए रोज़ वही धूप उस पत्थर पर आने को विवश हो जाती है। इसलिए हमेशा रिश्तों में वविश्वास, लगाव और समर्पण रखिए। रिश्ता कभी आपसे दूर हो ही नही सकता।और एक तीसरी स्तिथि ये भी होती है कि सब कुछ करने के बाद भी कोई हल नहीं निकलता और  लोग अपनी जरूरत के अनुरूप आपका प्रयोग करते हैं।ऐसे में आप अपने आपको प्रयोगशाला न बनाएं। उनसे दूर होना ही आपके लिए समझदारी है। उनसे दूर हो जाएं और अपने जीवन को एक ऐसी ऊंचाई दें जहाँ पहुँचना लोगों का सपना बन जाए। और तब आप ये तय करें कि आपको अपने जीवन में किसे जगह देनी है और किसे नहीं।😊सिद्धी दिवाकर बाजपेयी😊

फिजियोथेरेपी में करियर कैसे बनाये ! Physiotherapy Me Career Kaise Banaye
 2 May 2021  

आज के समय में पैरा मेडिकल का क्षेत्र लगातार बढ़ता जा रहा है | जिसके कारण फिजियोथेरेपी में करियर ही संभावनाएं बढ़ती जा रही है इसलिए बहुत सी बीमारियों का इलाज करवाने के लिए फिजियोथेरेपी का इस्तेमाल किया जा रहा है। फिजियोथेरेपी की सबसे बड़ी बात यह है कि इसका कोई भी साइड इफेक्ट नहीं है | फिजियोथेरेपी चिकित्सा विज्ञान की वह शाखा जिसकी मदद से शरीर के बाहरी हिस्से का इलाज किया जाता है। इसके माध्यम से कई स्तरों में इलाज किया जाता हैं। आज हम आपको इस लेख में  इसी करियर के बारे में संपूर्ण जानकारी देने वाले है कि फिजियोथेरेपी में करियर कैसे बनाये Physiotherapy Me Career Kaise Banaye या फ़िज़ियोथेरेपिस्ट कैसे बने Physiotherapist Kaise Bane आजकल की भागदौड़ में इंसान के पास अपने शरीर को स्वस्थ रखने के लिए शारीरिक व्यायाम करने का समय नहीं है | यही कारण है कि ज्यादातर लोगो को उनकी आरामदायक दिनचर्या के कारण हड्डियों एवं मांसपेशियाँ संबंधी बीमारियाँ होने लगती है | | तेजी से बदलती जीवनशैली और भागदौड़ भरी जिंदगी में शरीर की मांसपेशियों में खिंचाव और दर्द होना आम बात हो गई है  | शारीरिक व्यायाम के अभाव में ज्यादा आरामदायक कार्य एवं गलत जगह पर काफी समय तक बैठकर देर तक कार्य करने के कारण अधिकांश लोग हड्डियों एवं मांसपेशियाँ संबंधी बीमारियों से ग्रसित होने लगते हैं |मांसपेशियों एवं हड्डियों संबंधी समस्याओं और दर्द में परंपरागत चिकित्सा पद्धति कारगर साबित नहीं हो रही है ऐसे में दर्द निवारक औषधि भी थोड़ी देर के लिए आराम तो पहुँचाती है ! लेकिन समस्या फिर सामने आ जाती है ऐसे में इस बीमारी का स्थायी समाधान नहीं हो पाता है | इस तरह की बीमारियों का आसानी से इलाज करने के लिए Physiotherapy फिजियोथैरेपी का सहारा लिया जाता है |एलोपैथिक दवाइयों का साइड इफेक्ट भी बहुत ज्यादा होता है | जिसकी वजह से आपके शरीर में  दूसरी बीमारियाँ भी  उत्पन्न होने लगती है | हड्डियों एवं मांसपेशियों संबंधी बीमारियों का इलाज आजकल नई चलन की तकनीक चिकित्सा पद्धति फिजियोथैरेपी के द्वारा किया जा रहा है | दुर्घटना में हड्डी टूटने के बाद शल्य चिकित्सा के पश्चात हड्डियों और मांसपेशियों को पूर्व अवस्था में लाने के लिए फिजियोथैरेपी काफी अच्छी साबित हुई है | ज्यादातर हड्डियों संबंधी समस्याएं वृद्धावस्था मे  होती है जिसको व्यायाम मालिश स्ट्रैचिंग द्वारा फिजोथेरपी तकनीक से दूर किया जा सकता है! जिसके कारण फिजियोथैरेपी के क्षेत्र में अच्छे कैरियर विकल्प की संभावनाएं बढ़ती जा रही है |कोर्स एवं योग्यता Course and Qualificationsफिजियोथेरेपी Physiotherapy में अच्छा कैरियर बनाने के लिए छात्रों को 12वी मे जीव विज्ञान रसायन विज्ञान एवं भौतिक विज्ञान विषय के साथ 50% अंक प्राप्त करना अनिवार्य है | 12वीं करने के पश्चात Bachular of Physiotherapist ( BPT) कोर्स में दाख़िला लेना होता है | कुछ बड़े संस्थानों में दाख़िला 12वी मे प्राप्त अंक की मेरिट के आधार पर प्रवेश लेना होता है यह कोर्स 4.5 वर्ष का होता है | जिसमें 6 माह की इंटर्नशिप होती है |Bachelor in Physiotherapy बैचलर इन फिजियोथैरेपी ( BPT )के पश्चात 2 वर्ष का Masters in Physiotherapy मास्टर इन फिजियोथैरेपी ( MPT ) कोर्स किया जा सकता है  | जिसमे आप इस फील्ड के अंदर विशेषज्ञता हासिल कर सकते हो | इसके अलावा आप  न्यूरोलॉजिकल फिजियोथेरपी, पिडियाट्रिक फिजियोथेरपी, स्पोर्ट्स फिजियोथेरपी, ऑथ्रोपेडिक फिजियोथेरपी, ऑब्सेक्ट्रिक्स फिजियोथेरपी, पोस्ट ऑप्रेटिव फिजियोथेरपी, कार्डियोवास्कुलर फिजियोथेरपी इत्यादि में भी विशेषज्ञता हासिल कर सकते हैं। फिजियोथेरपी कोर्सेस Physiotherapy Course में ऐडमिशन लेने के लिए आप गवर्नमेंट व प्राइवेट, दोनों में से कोई भी कॉलेज चुन सकते हैं। गवर्नमेंट कॉलेजों में ऐडमिशन लेने के लिए आपको स्टेट या सेंट्रल लेवल के एंट्रेंस एग्जाम क्वालिफाई करने पड़ते है अगर आप एंट्रेंस एग्जाम में अच्छी रैंक प्राप्त कर लेते हो तो आपको कोर्स करने के लिए ज्यादा खर्च नहीं करने पड़ते है | बहुत से प्राइवेट कॉलेजों में  डायरेक्ट ऐडमिशन होते है  व कुछ एंट्रेंस एग्जाम द्वारा ऐडमिशन लेते हैं। कौशल एवं दक्षता  Skill and Efficiencyफिजियोथैरेपिस्ट Physiotherapist को एनाटॉमी, तंत्रिका तंत्र, मांसपेशियाँ विज्ञान, और अस्थियो संबंधी विज्ञान में अच्छी जानकारी होना आवश्यक है|  नहीं तो आपको लाभ की बजाय हानि भी हो सकती है | फिजियोथैरेपिस्ट मरीज़ों का उपचार दवाइयों की बजाए व्यायाम मालिश स्ट्रैचिंग इत्यादि तकनीक से करता है | नर्व और मांसपेशियों के विभिन्न बिंदुओं पर नियंत्रित दबाव देकर जटिल से जटिल बीमारियों को ठीक किया जा सकता है |फिजियोथैरेपिस्ट कोर्स Physiotherapy Course में अच्छी जानकारी हासिल कर बाल चिकित्सा Child Specialist, जेरियाट्रिक्स Geriatric, ऑर्थोपेडिक्स Orthopedic , स्पोर्ट्स फिजिकलथेरेपी Sports Physiotherapist, न्यूरोलॉजी Neurology , क्लिनिकल इलेक्ट्रोफिजियोलाजी Clinical Electrophysiology और कार्डियोफुलमोनरी Cardiopulmonary इत्यादि क्षेत्रों में अच्छी विशेषज्ञता हासिल की जा सकती है इसके अलावा आप में इन स्किल का होना ही भी बेहद जरूरी है |कम्युनिकेशन स्किल समस्या को हल करने उपाय आत्मविश्वास सहनशक्तिभविष्य में इसकी संभावनाएं जटिल अस्थियों और मांसपेशियों संबंधी विकारों का उपचार फिजियोथेरेपी तकनीक के द्वारा किया जा सकता है | आजकल इस तकनीक का उपयोग घायलों और विकलांगों को सफल इलाज प्रदान कर रहा है जिसके कारण फिजियोथैरेपी तकनीक की मांग दिन पर दिन बढ़ती जा रही है | भविष्य में इस क्षेत्र में करियर की बहुत अधिक संभावनाएं जीत होती जा रही है | फिजियोथैरेपी से दूर होने वाली समस्याएँसर्वाइकल दर्द सर्वाइकल नेक दर्द चेहरे का लकवा कार्डियोपल्मोनरी अस्थमा मांसपेशिया एवं हड्डियों का दर्दनौकरी के अवसर  Job opportunitiesPhysiotherapy Course करने के पश्चात आप एक अच्छी नौकरी भी पा सकते हैं  | इसके लिए आपके पास अच्छे विकल्प मौजूद है वर्तमान में लगभग सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में पृथक रूप से Physiotherapy Center बनाए जा रहै है |जो शल्य चिकित्सक की मदद करने के अतिरिक्त फिजियोथैरेपी तकनीक द्वारा हड्डियों एवं  मांसपेशियों संबंधी दर्द को दूर करता है | बैचलर इन फिजियोथैरेपी कोर्स करने के पश्चात आप स्वयं का क्लीनिक भी खोल सकते हैं | मास्टर इन फिजियोथैरेपी कोर्स के पश्चात फिजियोथैरेपी कॉलेज में प्रशिक्षक के रूप में नौकरी भी सकते हैं | प्रत्येक स्पोर्ट्स एकेडमी एवं  इंस्टिट्यूट मे फिजियोथेरेपिस्ट की पोस्ट उपलब्ध रहती है |  जो खिलाड़ियों को एक्सरसाइज और उपचार के लिए उपलब्ध रहते हैं | सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ,मानसिक स्वास्थ्य केंद्र , वृद्ध आश्रम, पुनर्वास केंद्र, खेल क्लीनिक, स्पोर्ट्स एवं फिटनेस सेंटर में फिजियोथैरेपिस्ट की उपयोगिता महत्वूर्ण होती है |Health CentersSchool CentersHealth Center Charity OrganizationsSports CentresGYM CentersArmy Centresसैलरी Salaryअगर आप अपना करियर फिजियोथेरेपी  के क्षेत्र में शुरू करते हो तो आपको शुरुआत में  10,000 रुपये से लेकर 15,000 रुपये तक आसानी से मिल जाते है | बहुत से हॉस्पिटल इंटर्नशिप के दौरान स्टूडेंट्स के काम को देखते हुए उन्हें अपने यहां ही बतौर फिजियोथेरपिस्ट रख लेते हैं या फिर फिजियोथेरपी की टीम में शामिल कर लेते है। आगे आगे जिस प्रकार से आपका अनुभव और आपकी समझ बढ़ती जाती है उसी प्रकार से आपकी इनकम भी बढ़ती जाती है | अगर आपके पास इस क्षेत्र का अच्छा अनुभव हो जाता है तो आप खुद का प्राइवेट फिजियोथेरेपी सेंटर या क्लीनिक भी खोल सकते है | या किसी बड़े संस्थान में बतौर फिजियोथेरपिस्ट काम करके अपने करियर की ग्रूमिंग कर सकते हैं। इसमें सैलरी या इनकम  की कोई लिमिट नहीं है।देश के कुछ फिजियोथैरेपी  संस्थानApollo Physiotherapy College, HyderabadPandit Deendayal Upadhyaya Institute of Physically Handicapped ,New DelhiIndian Institute of Health Education and Research, PatnaPost Graduate Institute of Medical Education and Research, ChandigarhNizam Institute of Medical Sciences, HyderabadSDM College of Physiotherapy, KarnatakaMahatma Gandhi University of Medical Education, KeralaKJ  Somaiya College of Physiotherapy, MumbaiDepartment of Physical Medicine and Rehabilitation ,Vellore Tamil NaduJSS College of Physiotherapy, Mysore KarnatakaJamia Millia Islamia, New DelhiGuru Gobind Singh Indraprastha University, New DelhiSaint John’s Medical College, Bangalore दोस्तों आज हमने आपको इस लेख में भविष्य के उभरते हुए करियर विकल्प फिजियोथेरपी कोर्स के बारे में सम्पूर्ण  जानकरी दी है कि आप किस प्रकार से इस क्षेत्र में अपने कदम बढ़ा सकते हो इस लेख में हमने आपको बताया है कि फिजियोथेरपी में करियर कैसे बनाये या फिजियोथेरपिस्ट कैसे बने या फिर फिजियोथेरपी  कोर्स कैसे करे अगर आपको ये जानकारी पसंद आयी है तो हमे कमेंट करके बताये और इस जानकरी को दूसरी विधार्थियो के साथ भी शेयर करे ताकि उन्हें भी मेडिकल से जुड़े इस करियर विकल्प के बारे में पता चल सके     

बाहर कोरोना का अंबार था , घर में खुशीयों का बहार था।
 27 April 2021  

जब 2020 कोरोना का दौर चल रहा था।जिसकी शुरुआत चीन से हुई थी। और धीरे - धीरे इस बिमारी ने पूरी दुनिया को अपने कब्ज़े में ले लिया था जिससे पूरी दुनिया अस्त व्यस्त हो गई थी। दिन प्रतिदिन इस बिमारी के बढ़ते आंकड़ों ने सबके मन में डर पैदा कर दिया था। इसने सबके काम काज को ठप्प कर दिया। बच्चों की पढ़ाई लिखाई सब पीछे छूटी जा रही थी। गरीब, मजदूर, किसान जो शहर आए थे अपने और अपने परिवार का पेट पालने अपनी आँखों में कुछ सपने लिए। वे सभी लोग इस कोरोना के कारण शहर से गाँव कि ओर स्थानांतरण हो रहे थे। सड़कों  पर कई ऐसे गरीब जो कोरोना से तो नहीं लेकिन भूख से हर रोज़ मरते हैं। कोरोना के इस अंबार के कारण पूरा विश्व अपनी वर्तमान गति से पीछे चल रहा था। और यह कबतक चलेगा इसकी दूर - दूर तक कहीं संभावनाएं नज़र नहीं आ रही थी। भारत की 138 करोड़ की आबादी वाला देश संक्रमण के कारण सुनसान पड़ा था। कई वर्षों में ऐसा पहली बार देखा गया था कि देश ठप्प होना किसे कहते हैं । बच्चा, बुढा़ , युवा सब परेशान थे। और एक उम्मीद की प्रतीक्षा कर रहे थे की कब इस बीमारी से छुटकारा मिले।इस संक्रमण के कारण लॉकडाउन, पढाई कि छुट्टी, काम काज का ठप्प होना लोगों के लिए बहुत हानिकारक साबित हुआ था। जिसके कारण आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक कार्यकलापों में भी हानि हुई थी। इस संक्रमण के डर से लोग अपने - अपने घरों में ही थे। लेकिन जहाँ एक तरफ बस, ट्रेन, हवाई जहाज के आने जाने पर पाबंदी थी। घर से निकलने किसीसे मिलने जुलने की मनाही थी। वहीं दूसरी ओर घर बैठे आराम फरमाने की छूट भी थी। वैश्विक संक्रमण के इस दौर में लोग यह ज़रूर देख रहें थे कि देश में कितनो की कोरोना के कारण मौत हो रही है। देश की आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक स्थिति कहाँ तक पहुँची है। लोग घर बैठे यही देख रहे थे लेकिन कोई यह देख नहीं रहा था कि उन्हें  अपने परिवार, बीवी, बच्चे, माता-पिता के साथ कैसे वक़्त भी मिल रहा है।जो वक़्त उन्हें काम के कारणवश कभी नहीं मिल सका। जहां बीमारी को लेकर डर था वहां परिवार के साथ मन संतुष्ट था। माना कि बाहर जाने पर पाबंदी थी लेकिन बीवी, बच्चे, माता - पिता के साथ घर में ही दुनिया रंगीन थी। आर्थिक स्थिति बिगड़ी ज़रुर थी लेकिन मिल बाटंकर खाने का मज़ा ही कुछ और था। बच्चों को बाहर खेलने न जाने देना थोड़ा मुश्किल ज़रूर था पर पापा अपने बच्चों के साथ खेले ये दृश्य देखने का आनंद ही कुछ और था।माना बाहर जाना त्यौहार नहीं मनाया जा रहा था लेकिन घर में ही औरतों का हाथ बटाने में मज़ा बहुत आ रहा था। इस बिमारी के बुरे सफर में एक बात सबसे ज्यादा दिल को छू गई की जब मंदिर ,, मस्जिद, गिरजाघर बंद पड़े थे तो अपने ही घर में इबादत करने में दिल तो जैसे प्रसंन हो गए हों। पहले लोग अपने घर को मंदिर, मस्जिद और गिरजाघर बोलते थे लेकिन इस संक्रमण ने वास्तव में घर को इबादत करने का पाक या पवित्र स्थान बना दिया। वैश्वीक संक्रमण के कारण बुरा तो बहुत देखा है पूरे देश ने लेकिन कुछ ऐसे पलो को भी संजोया है इस दिल में। पैसो की तंगी तो बहुत हुई पर मुहब्बत कम न हुई। सुनसान सड़कें ज़रुर  थी पर घर में कुछ हलचल सी थी। , इस कोरोना के कारण से एक बात और सामने आई की जो मर्द यह सोचते थे कि घर में रहना बहुत आसान है, औरतों को परम्परागत तरीके से एक ग्रहणी बनकर ही घर में रहना चाहिए। वह दकियानूसी सोच कहीं न कहीं ख़त्म भी हुई है। मर्दो को लॉकडाउन के समय में यह एहसास हुआ कि घर में ही रहना काम करना कितना कठिन है।कोरोना के इस बुरे सफर में एक और बात पर रोशनी डाली गई थी की जो लोग औरतों को यह ताना देते थे कि ग्रहस्ती का काम आसान होता है और बाहर का काम मुश्किल और कठिन होता है। लेकिन वह लोग गलत साबित हुए क्योंकि इस वैश्विक संक्रमण के कारण पूरे विश्व का काम - धाम ठप्प हो गया था, लेकिन केवल एक ग्रहणी का ही काम बढ़ गया था। सबका ध्यान कोरोना, काम काज, आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक क्रियाकलापों पर था लेकिन किसी का भी ध्यान एक महिला की ग्रहस्थी पर नहीं गया। जिन्होंने पूरी मेहनत और लगन से अपनी हरेक ज़िम्मेदारी को बखूबी निभाया था। बिना किसी शिकायत के धन की कमी होते हुए भी अपने फर्ज को निभाया।कहने का पूरा तात्पर्य यह है कि "जहां बाहर कोरोना का अंबार था, वहीं घर में खुशीयों का बाहार था" लोगों के मन में लंबे समय तक यह बात घर कर जाएगी की कोरोना के कारण से पूरा विश्व सुनसान पड़ा था। लेकिन यह बात कोई नहीं सोच रहा होगा की घर में कितनी  रौनक, हलचल सी थी। पूरे देश में इस मुसीबत के कारणवश कई भारतीय अभिनेताओं जैसे कि सोनू सूद, सुनिल शेट्टी आदि ने गरीब, लाचार, मज़दूर जो काम काज ठप्प होने के कारण बुरा वक़्त झेल रहे थे उनकी मदद की। उन्होने सड़क पर रहने वाले सभी लोगों को खाने - पीने, उनके बच्चों के लिए पुस्तकों की सहायता प्रदान की। "हम ऐसे लोगों का आभार व्यक्त करते हैं, और उन्हें लोगों की मदद करने के लिए प्रोत्साहन भी करते हैं"।इस कोरोना ने इंसान को इंसानियत याद दिला दी थी। एक वक़्त था जब अपने काम के कारण से कोई किसी की मदद करने में असमर्थ हुआ करता था। लेकिन इस वैश्विक संक्रमण के कारण एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति की सहायता करने लगा। हमारे देश के डॉक्टर, पुलिसकर्मी, सरकारी कर्मचारी की दिन रात की मेहनत ने लोगों की सहायता की और उन्हें यह आश्वासन दिया कि सब बेहतर होगा। इस संक्रमण के कारण अत्यधिक बूरा तो हुआ था लेकिन कुछेक चीजें बेहतर और अच्छी तरह से भी हुई थीं। लोग हमेशा कोरोना के कारण से वैश्विक तबाही को भूल नहीं पाएंगे पर उसके कारण घर में अपने परिवार बीवी, बच्चे, माता-पिता के साथ गुज़रे अच्छे वक़्त को भी भूलना नामुमकिन होगा।आज की यह हक़ीकत है कि भारत और अन्य देशों के नागरिकों ने इस बिमारी को कही हद तक समाप्त करने की जो कोशिश की थी जिसमें यह एक नारा "दो गज़ दूरी मास्क है ज़रूरी" काफी असरदार साबित हुआ। और आज इतनी कोशिशो के बाद भारत के योग्य और क़ाबिल वैज्ञानिक की कड़ी मेहनत के कारण ही इस संक्रमण का टीका यानी की वैक्सीन तैयार हो गई है। और इसी कारण कोरोना के आकडों में कमी आई है। जिससे बच्चों की पढ़ाई लिखाई, काम काज, देश की आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक क्रियाकलाप अपनी गति पर फिर आने की कोशिश में लगे हुए हैं ।]हमारे कुछ योगदान के कारण से पूरा देश इस बिमारी के चंगुल से धीरे - धीरे निकल रहा है। और इसमें सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले भारतीय डॉक्टर, पुलिसकर्मीयो को हम कभी नहीं भूल सकते हैं ज़िन्होने लोगों की मदद उस वक़्त की जब कई लोगों ने ज़िंदगी जीने की उम्मीद ही छोड़ दी थी। उस समय सबका हाथ थामकर हौसला देते हुए आगे बढ़ने की हिम्मत दी। और कोरोना के बुरे दौर में सबने यह देखा की इंसानियत आज भी ज़िंदा है क्योंकि वह कभी मरी ही नहीं थी बस लोगों के मशरुफी के कारण लुप्त हो गई थी। और संक्रमण के बुरे दौर में देखी गई। बस यूँही एक दूसरे का साथ देना और आगे बढ़ते रहना। और बुरी यादों को भूलकर अच्छी यादों को याद रखें। " Think Positive and Keep Smile " क्योंकि बाहर कोरोना का अंबर था, लेकिन घर में खुशीयों का बहार था "।बहुत दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि कोरोना 2021 में फिर वापस आ गया है एक नऐ रूप में अधिक शक्तिशाली होकर । जिसने फिर से लोगों के मन में डर पैदा कर दिया है। जिसके कारण देश में फिर लॉकडाउन हो गया है। और देश की स्थिति खराब हो गई है लेकिन डरने और घबराने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि यह याद रखना होगा की जिस तरह से हमने एकजुट होकर कोरोना को हराया था उसी प्रकार आज के इस नए कोरोना को भी हराया जा सकता है। बस ये याद रखिए की “ बाहर से कोरोना का अंबार था, लेकिन घर में खुशीयों का बहार था”। और बीते दिनों की यही बाते याद रखते हुए घर में रहें और सुरक्षित रहें। हम एक दूसरे के साथ है तो कोरोना को हरा देंगें। (अंजुम खातुन)

डिजिटल मीडिया मे करिअर कैसे बनाए ? Media Me Career Kaise Banaye
 23 April 2021  

वर्तमान समय को विज्ञापन का युग कहना गलत नहीं होगा | क्योंकि आज का समय विज्ञापन का बोलबाला है पूरी की पूरी मार्किट विज्ञापन पर ही टिकी हुई है | असल विज्ञापन की वजह यह है कि एक ही प्रोडक्ट को बनाने वाली हजारों कंपनियां होती है | जो अलग अलग अलग तरीकों से अपने प्रोडक्ट ग्राहकों तक पहुँचती है |अगर आपके अंदर कुछ क्रिएटिव करने की इच्छा है और आपके पास मार्केटिंग करने के आइडियाज है तो विज्ञापन के क्षेत्र में आप अपना अच्छा करियर बना सकते है |आपकी जानकरी के लिए बता दे जब से दुनिया में इंटरनेट का क्रेज बढ़ा है | तब से विज्ञापन का क्षेत्र लगातार तरक्की कर रहा है | प्रिंट मीडिया से लेकर टेलीविजन और अब इंटरनेट जैसे प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन और उससे बढ़ती हुई कमाई को देखते हुए इस क्षेत्र में काम करने वाले प्रोफेशनल की मांग दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है |इसलिए आज हम आपको इस लेख में एडवरटाइजिंग से जुड़े इस करियर के बारे सम्पूर्ण जानकारी देने वाले है कि दोस्तों इस लेख में हमने आपको डिजिटल मीडिया से जुड़े एडवरटाइजिंग करियर के बारे में सम्पूर्ण जानकरी दी है | कि किस प्रकार से आप इस क्षेत्र में अपने कदम बढ़ा सकते है इस लेख में हमने आपको बताया कि एडवरटाइजिंग क्या है ? Advertising Kya Hai एडवरटाइजिंग में करियर कैसे बनाये ? Advertising Me Career Kaise Banaye डिजिटल मीडिया में करियर कैसे बनाये ? Digital Media Me Career Kaise Banaye | मीडिया में करियर कैसे बनाये Media Me Career Kaise Banaye इत्यादि | अगर आप भी इस क्षेत्र में करियर बनाने की सोच रहे है तो इस लेख को अंत तक पढ़े ?एडवरटाइजिंग क्या है | What is Advertisingवैसे देखा जाये तो प्रोडक्ट की एडवरटाइजिंग करना ये कोई नया तरीका नहीं है | एडवरटाइजिंग का इतिहास बहुत पुराना है | विज्ञापन का काम करने वाली कंपनियां वर्ष 1905 से देश के अंदर काम कर रही है लेकिन समय के साथ एडवरटाइजिंग करने के तरीकों में भी काफी बदलाव होता जा रहा है | पुराने समय में विज्ञापन का जो कार्य दीवारों पर प्रोडक्ट के चित्र बनाकर किया जाता था | आज वही कार्य वीडियो डिजिटल ग्राफ़िक्स के माध्यम से किया जा रहा है |परन्तु प्रत्येक प्रोडक्ट की बिक्री उसकी क्वालिटी और विज्ञापन पर निर्भर करती है | जिसके कारण विज्ञापन का क्षेत्र एक अच्छे करियर विकल्प के रूप में उभर रहा है | देश के अंदर प्रोडक्ट का जितना बड़ा बाजार होगा उतना ही ज्यादा मार्किट में कॉम्पिटीशन होगा |विज्ञापन का इस्तेमालआपने भी पत्र पत्रिकाओं , टीवी , अखबारों , और सड़को पर बड़े बड़े होर्डिंग्स बैनर ज़रूर देखे होंगे | इन विज्ञापनों में आप प्रोडक्ट को देखकर उस प्रोडक्ट के बारे में जाने के लिए उत्साहित रहते है | कि ये इतना अच्छा विज्ञापन किस प्रोडक्ट का है | आपको विज्ञापन के डिज़ाइन काफी आकर्षित करते है जिसके कारण आप उस प्रोडक्ट की तरफ खींचे चले आते है |इसे भी जरूर पढे : - वीडियो एडिटर कैसे बने |आखिर में इसके पीछे कौन सी शक्ति काम करती है जो हमे उस प्रोडक्ट को खरीदने के लिए मेंटली दबाव डालती है असल में यह सारा खेल एडवरटाइजिंग एजेंसियों का होता है जो उनकी टीम के द्वारा तैयार किया जाता है |विज्ञापन को डिजाइन करने से लेकर उसे मार्किट में सफलतापूर्वक पहचान दिलाने का श्रेय इस एडवरटाइजिंग टीम को ही जाता है | जिसके कारण ये कंपनियां लाखों करोड़ों रुपये का फायदा लेती है |योग्यता Qualificationअगर कोई भी विधार्थी विज्ञापन के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहता है तो उसे कम से कम बारहवीं की परीक्षा पास करना अनिवार्य है उसके बाद आप विज्ञापन के क्षेत्र से जुड़े कुछ डिग्री डिप्लोमा कोर्स कर सकते है | इन कोर्स की अवधि दो से तीन वर्ष के बीच होती है | विज्ञापन से जुड़े कुछ कोर्स ऐसे भी है जिन्हे आप ग्रेजुएशन के बाद कर सकते है |एडवरटाइजिंग संबंधी कुछ प्रमुख कोर्सBachelor of Journalism & Mass CommunicationBA in Advertising and Brand ManagementMaster of Journalism and Mass Communication)?PG Diploma in AdvertisingMBA in Advertisingएडवरटाइजिंग से जुड़े कुछ प्रमुख कार्य क्षेत्रएडवरटाइजिंग Advertising का क्षेत्र बहुत बड़ा है | जिसके अंदर काम करने के लिए अलग अलग कार्य क्षेत्र मौजूद है आप अपनी इच्छानुसार किसी भी क्षेत्र का चुनाव कर सकते है |इसे भी जरूर पढे : - डिजिटल मार्केटिंग मे करिअर कैसे बनाए |क्रिएटिव डिपार्टमेंट – इस डिपार्टमेंट के अंतर्गत कॉपी राइटर , विजुअलाइजर , फोटोग्राफर , इत्यादि कार्य किये जाते है , इस सभी का काम विज्ञापनों के लिए पंच-लाइन या स्लोगन लिखना , ग्राफ़िक्स डिज़ाइन करना , विज्ञापन के लिए फोटो खींचना स्केचिंग तैयार करना इत्यादि प्रकार के कार्य किये जाते है | इस प्रकार के कार्यो के लिए उन लोगो की ज्यादा डिमांड है जो कुछ अलग हटकर काम करना चाहते है |क्लाइंट सर्विसिंग – इस डिपार्टमेंट में अकाउंट एग्जीक्यूटिव , बिज़नेस डेवलपमेंट मैनेजर , मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव तथा मार्केटिंग डायरेक्टर से संबंधित पद होते है | क्लाइंट सर्विसिंग और एडवरटाइजिंग का आपस में वही संबंध है जो दिल और शरीर का होता है | इनका काम विज्ञापन का बजट तैयार करना , विज्ञापन के लिए माध्यम तैयार करना , कंपनियों से विज्ञापन लेना ,क्लाइंट से विज्ञापन डील करना और ग्रुप मैनेजिंग जैसे कार्य इनकी देख रेख में किये जाते है |मीडिया प्लानिंग – इस डिपार्टमेंट का काम विज्ञापन तैयार होने के बाद उसे कौन कौन से प्लेटफार्म पर प्रकाशित करना ये सभी कार्य इनके द्वारा किये जाते है | इस डिपार्टमेंट का मुख्य काम प्रोडक्ट संबंधी ग्राहकों को टारगेट करना है ताकि ज्यादा से ज्यादा ग्राहक उस विज्ञापन से प्रभावित होकर उस प्रोडक्ट को खरीद ले |इसे भी जरूर पढे : - वॉइस ओवर आर्टिस्ट कैसे बने |रिसर्च डेवलपमेंट – कोई भी काम एक दम से शुरू नहीं किया जाता उसे शुरू करने से पहले उस काम की पूरी प्लानिंग की जाती है तब जाकर आप उस काम को शुरू करते है | यंहा पर भी ऐसा ही है कोई भी विज्ञापन शुरू करने से पहले एडवरटाइजिंग कम्पनी उस विज्ञापन के बारे में कई प्रकार की रिसर्च करती है जैसे कि इस विज्ञापन का ग्राहकों में कितना असर देखने को मिल सकता है , नए विज्ञापन करने से हमें पहले के मुकाबले कितना अधिक लाभ होगा | इस प्रकार के रिसर्च संबंधी सभी प्रकार के कार्य रिसर्च डिपार्टमेंट के द्वारा किये जाते है |रोजगार की सम्भावनायेजैसे कि आपको पता लग चूका है कि एडवरटाइजिंग का क्षेत्र बहुत ज्यादा फैला हुआ है | तो इस क्षेत्र में रोज़गार के अवसर भी भरपूर है | इस इंडस्ट्री में युवा अपनी पसंद से कोई भी डिपार्टमेंट चुन सकते है | विज्ञापन के बढ़ती हुई डिमांड को देखते हुए नई नई विज्ञापन एजेंसीज खुल रही है जिनमे आप अपनी आवश्यकता के अनुसार जॉब प्राप्त कर सकते है | आने वाले समय में यह इंडस्ट्री और भी ग्रो करने वाली है |इसे भी जरूर पढे : - डिजिटल बैंकिंग क्या है |इसलिए अभी आपके पास इस इंडस्ट्री में करियर बनाने का अच्छा मौका है इस क्षेत्र में क्रिएटिविटी के मांग बहुत ज्यादा रहती है | अगर आपको इस इंडस्ट्री की अच्छी जानकारी हो जाती है तो आप घर बैठे फ्रीलांस वर्क भी कर सकते है और अच्छी इनकम प्राप्त कर सकते है |सेलरी Salaryविज्ञापन का क्षेत्र आज का उभरता हुआ क्षेत्र है जिसमे आपको शुरुआती सेलरी भी अच्छी मिल जाती है | अगर आप इस इंडस्ट्री में अपने करियर की शुरुआत करते है |तो आपको अलग अलग डिपार्टमेंट के अनुसार आपकी सेलरी में भी अंतर होता है |शुरुआत में प्रोडक्शन मैनेजर को 15 हजार , कॉपीराइटर को 20 हजार , अकाउंट मैनेजर को 35 से 40 हजार रूपये प्रतिमाह तक मिल जाते है | जिस प्रकार से आपका अनुभव बढ़ता है उसी प्रकार से आपकी सेलरी भी बढ़ती जाती है | आप चाहे तो इस इंडस्ट्री में एक लाख रूपये महीने तक भी आसानी से पहुंच सकते है |इसे भी जरूर पढे : - रिटेल मैनेजमेंट में करियर कैसे बनाये |फ्रीलांसर वर्क में आप अपने अनुभव के अनुसार प्रति घंटे के हिसाब से चार्ज कर सकते है |दोस्तों इस लेख में हमने आपको डिजिटल मीडिया से जुड़े एडवरटाइजिंग करियर के बारे में सम्पूर्ण जानकरी दी है | कि किस प्रकार से आप इस क्षेत्र में अपने कदम बढ़ा सकते है इस लेख में हमने आपको बताया कि एडवरटाइजिंग क्या है ? Advertising Kya Hai एडवरटाइजिंग में करियर कैसे बनाये ? Advertising Me Career Kaise Banaye डिजिटल मीडिया में करियर कैसे बनाये ? Digital Media Me Career Kaise Banaye | मीडिया में करियर कैसे बनाये Media Me Career Kaise Banaye इत्यादि | अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो आप अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में बता सकते है और इस जानकारी को दुसरो के साथ भी शेयर करे ताकि उन्हें भी इस बारे में पता चल सके | अगर आपका इस करियर को लेकर किसी प्रकार का सवाल है तो आप कमेंट करके पूछ सकते है |