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मेरी माँ ही मेरी पहली गुरु हैं: लेखक अभिषेक मोहता
 14 July 2021  

अभिषेक मोहता एक लेखक, अभिनेता और कास्टिंग डायरेक्टर हैं, जिनका जन्म 25 जुलाई 1993 को दिल्ली में हुआ था।अभिषेक ने एक दिलचस्प रोमांस उपन्यास, वन्स अपॉन अस लिखा है, जो 6 नवंबर 2019 को जारी किया गया था।अभिषेक मोहता ने अगस्त 2017 से फरवरी 2018 तक पुरस्कार विजेता लेखक आर्यन साहा की सहायता की। आर्यन साहा ने 8वें दादा साहब फाल्के फिल्म समारोह में हरीश व्यास के साथ अंग्रेजी में कहते हैं के लिए सर्वश्रेष्ठ पटकथा पुरस्कार जीता है। अभिषेक मोहता ने सैफरन ब्रॉडकास्ट एंड मीडिया लिमिटेड में काम किया है।अभिषेक मोहता टीवी इंडस्ट्री में कास्टिंग विभाग में एक अनुभवी व्यक्ति भी हैं। वह कई सीरीज के लिए कास्टिंग डायरेक्टर रह चुके हैं।एक लेखक और कास्टिंग निर्देशक होने के अलावा, अभिषेक ने क्रिएटिव टीम में भी काम किया था, जिसमें कलर्स टीवी की लोकप्रिय श्रृंखला, श्रीमद भागवत महापुराण भी शामिल है। पौराणिक नाटक का निर्देशन कमल मोंगा ने किया था, जिसमें शाइनी दोशी, रजनीश दुग्गल, शालिनी विष्णुदेव, इशिता गांगुली और विदिशा श्रीवास्तव थे।इसे 2 जून 2019 से 24 मई 2020 तक प्रसारित किया गया था।अभिषेक इंस्टाग्राम पर अच्छी संख्या में फॉलोअर्स के साथ एक प्रभावशाली व्यक्ति भी हैं।अभिषेक शेजाली शर्मा ( “द रैली,” फिल्म की अभिनेत्री) के साथ एक रोमांटिक गीत "तू है वही" करते नजर आएंगे। इस गाने की निर्माता श्वेता ज्योति हैं।अभिषेक आज भारतीय टीवी उद्योग में एक जाना-पहचाना नामहैं।इतनी ऊंचाई तक पहुंचने के बाद भी, अभिषेक अपनी विनम्र शुरुआत को नहीं भूले हैं और हमेशा जमीन से जुड़े रहना पसंद करते हैं।अभिषेक निखिल द्विवेदी जी (श्रीमद भागवत महापुराण और वीरे दी वेडिंग के प्रोडूसर) को अपना गुरु मानते हैं क्यूंकि उन्होंने ही अभिषेक को इंडस्ट्री में एक मौका दिया था । अभिषेक उनका हमेशा आभार व्यक्त करते हैं ।किन्तु अभिषेक की सर्वप्रथम गुरु उनकी आदरनीय माता हैं।अभिषेक का कहना है कि जब वह छोटे थे तब वह पढाई में काफी कमजोर थे। उनका मन पढाई से ज़्यादा कला छेत्र में लगता था।और ज़्यादातर लोगो को लगता था की वे लाइफ में कुछ नहीं कर पाएंगे। उस वक़्त उनकी माँ ही उनका हौसला थी। एक उनकी माँ ही थी जो कहती थी तू बेकार नहीं सबसे अलग है। अभिषेक की माता उनके हर मुश्किल वक़्त में उनके साथ खड़ी थी।अभिषेक ममस बॉय हैं। अभिषेक के हर फैसले में भागीदार उनकी माता होती हैं। अभिषेक अपने कामयाबी का श्रेय कुछ गिने चुने लोगो को देते हैं, जिनमे से सबसे अहम् उनकी माता जी हैं। अभिषेक की मां एक तेज-तर्रार कारोबारी महिला हैं। इसके अलावा, अभिषेक की मां का एक स्वास्थ्य संबंधी यूट्यूब चैनल है, जिसका नाम ब्लॉगर दादी है। वह यूट्यूब पर ब्लॉगर दादी के रूप में काफी लोकप्रिय हैं।अपने ख़ाली समय में, अभिषेक अपने परिवार और करीबी लोगों के साथ समय बिताना पसंद करते हैं।

शेयरों में लगातार गिरावट से 15 वें नंबर पर पहुंचे अदाणी, मुकेश अंबानी 13 वें नंबर पर
 27 May 2021  
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मुंबई– अडाणी ग्रुप के मालिक गौतम अडाणी एक बार फिर अमीरों की लिस्ट में नीचे खिसक गए हैं। वे दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 15 वें नंबर पर पहुंच गए हैं। जबकि रिलायंस ग्रुप के मालिक मुकेश अंबानी 13 वें पर विराजमान है। अडाणी के नंबर में इसलिए गिरावट आई है क्योंकि मंगलवार के बाद बुधवार को भी उनकी कंपनियों के शेयरों में गिरावट जाती है। ब्लूमबर्ग बिलिनेयर इंडेक्स की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के अरबपति झोंग शैनशैन एक बार फिर 15 वें नंबर पर वापस आ गए हैं। पहले गौतम अडाणी 14 वें नंबर पर थे। अडाणी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में मंगलवार को गिरावट दिखी थी। यह गिरावट बुधवार को भी जारी है। बुधवार को अडाणी ट्रांसमिशन का शेयर 5% तक गिर गया और यह 1378 रुपए पर चला गया। जबकि ग्रीन एनर्जी और अडाणी पावर का भी शेयर नीचे कारोबार कर रहा था। हालांकि बाकी की तीन कंपनियों अडाणी टोटल गैस, अडाणी इंटरप्राइज और अडाणी पोर्ट के शेयर बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। पिछले दिनों गौतम अडाणी एशिया में दूसरे नंबर के अमीर बिजनेसमैन बने थे। पर अब उनकी जगह पर चीन के झोंगझोंग दूसरे नंबर पर आ गए हैं। उनकी संपत्ति 71 अरब डॉलर है जबकि अडाणी की संपत्ति 68.4 अरब डॉलर है। अडाणी ग्रुप के शेयरों में गिरावट से उनकी नेटवर्थ में 1.83 अरब डॉलर की कमी आई थी। जबकि बुधवार को भी उनकी नेटवर्थ घटी है। चीनी अरबपति झोंगझोंग की नेटवर्थ मंगलवार को 2.46 अरब डॉलर बढ़ी थी। जिसके चलते वो एशिया की अमीरों की सूची में एक बार फिर मुकेश अंबानी और गौतम अडाणी के बीच में आ गए हैं। साल 2021 में गौतम अडाणी की संपत्ति में जितनी तेजी आई है, वह 19 अन्य इंडियन बिलिनेयर की संपत्ति में आई कुल तेजी से ज्यादा है। अमेजॉन के जेफ बेजोस दुनिया के सबसे बड़े रईस बने हुए हैं। उनकी नेटवर्थ 189 अरब डॉलर है। फ्रांसीसी बिजनसमैन और दुनिया की सबसे बड़ी लग्जरी गुड्स कंपनी LVMH Moët Hennessy के चेयरमैन बर्नार्ड आरनॉल्ट (168 अरब डॉलर) इस लिस्ट में एक बार फिर दूसरे स्थान पर आ गए हैं। टेस्ला (Tesla) और स्पेसएक्स (SpaceX) के सीईओ एलन मस्क (Elon Musk) 167 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ तीसरे स्थान पर खिसक गए हैं। इस लिस्ट में माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स (143 अरब डॉलर) चौथे नंबर पर हैं। अमेरिकन मीडिया के दिग्गज और फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग 122 अरब डॉलर की वेल्थ के साथ पांचवें स्थान पर हैं। जाने माने निवेशक वारेन बफे 109 अरब डॉलर की नेटवर्थ से साथ छठें, अमेरिकी कम्प्यूटर साइंटिस्ट और इंटरनेट उद्यमी लैरी पेज (Larry Page) 108 अरब डॉलर के साथ सातवें, गूगल के को-फाउंडर सर्गेई ब्रिन (Sergey Brin) 104 अरब डॉलर के साथ आठवें नंबर पर हैं। लैरी एलिसन 91.4 अरब डॉलर नेटवर्थ के साथ नौवें और अमेरिकी बिजनसमैन और निवेशक स्टीव बाल्मर (Steve Ballmer) 90.9 अरब डॉलर के दसवें स्थान पर हैं। दुनिया के टॉप 10 अमीरों में से 9 अमेरिका के हैं। गौतम अडाणी हर मुश्किल से मजबूत बनकर उबरते रहे हैं, चाहे वह कारोबारी बाधा हो या निजी दिक्कत। 20 साल पहले वे फिरौती के लिए अगवा हुए थे और 2008 में ताजमहल होटल पर आतंकी हमले में बंधक रहे थे। अपनी कारोबारी क्षमता और बाधाओं से उबरने के हुनर ने अडाणी को देश की दूसरी सबसे अमीर हस्ती बना दिया है। कोरोना के चलते देश की अर्थव्यवस्था धीमी पड़ गई थी, लेकिन अडाणी ग्रुप का कारोबार फैलता ही जा रहा है।  अडाणी ने 1980 के दशक की शुरुआत में कॉलेज की पढ़ाई बीच में छोड़कर मुंबई की डायमंड इंडस्ट्री में किस्मत आजमाई। कुछ समय बाद भाई के प्लास्टिक बिजनेस में मदद करने के लिए गुजरात लौट गए। उसके बाद 1988 में ग्रुप की फ्लैगशिप कमोडिटी ट्रेडिंग कंपनी अडाणी इंटरप्राइजेज शुरू की। एक दशक बाद अरब सागर तट पर मुंद्रा पोर्ट शुरू किया।Resource Link- https://www.arthlabh.com/2021/05/27/mukesh-ambani-gautam-adan-net-worth-update-asias-2nd-richest-indian-billionaire-industrialist-positions-slips/

इंसान, शैतान और मजबूर भगवान
 22 May 2021  

भगवान भी आज मनुष्य की करतूतें देख कर परेशान है, दुखी है.....!इंसान को इस तरह दिशा विहीन तथा कुदरत से हर पल खिलवाड़ करता देख कर भगवान ने सोचा क्यों ना इंसान को किसी तरह सीधी राह लाया जाए.....!शायद यह भी सोचा होगा कि मनुष्य ने इस तरह ना सीखना समझना है....! और फिर एक ऐसी दुःख तकलीफ़ वाली कोरोना नामक बीमारी मनुष्य को दी ताकि मनुष्य सीख पाए, समझ जाए तथा संभल जाए.....!मगर अफ़सोस सब कुछ उल्टा हो गया......!मालिक की तरफ़ से आए इस दुःख पीढ़ा रूपी सबक़ को भी इंसान ने व्यवसाय का साधन बना दिया......! इंसान मौत का सौदागर बन गया....! वो कहावत हैं ना मुर्दे पर ही रोटियाँ सेकनी शुरू कर दी....!वैसे तो कहा जाता था कि एक मनुष्य ही दूसरे मनुष्य के काम आता है मगर यहाँ कुछ इस तरह उल्टा ही हो गया.....!(१) कुछ डॉक्टर तो भगवान का ही रूप बन गए और सेवा भाव से लोगों का दिल जीत लिया मगर कुछ डॉक्टर शैतान को शर्माने वाली हरकतों पर उतर आए तथा बीमारी को एक मौक़ा बनाकर इंसान को लुटेरों की तरह लूटना शुरू कर दिया....!(२) कुछ दवाई बेचने वालों ने सोचा हम क्यों पीछे रह जाएँ, फिर शुरू कर दी काला बाज़ारी और वही लूटपाट.....!(३) कहीं ऑक्सिजन पर काला बाज़ारी तो कहीं उसके साथ के हर साधन सामग्री पर काला बाज़ारी.....!(४) कुछ मौक़ा परस्त ऐम्ब्युलन्स वाले भी इस होड़ में शामिल हो गए तथा लूटने को पुण्य का काम समजते हुए वे भी शुरू हो गए.....!(५) अंत में अपने स्वजनों को मौत की सौग़ात मिलने पर भी दुखी इंसान को छोड़ा नहीं गया, कुछ स्मशान वालों की तरफ़ से ऐम्ब्युलन्स से उतारकर चिता पर छोड़ने के लिए भी एक भारी क़ीमत देनी पड़ी......!जो किसी तरह बच गए या किसी का स्वजन दुनिया छोड़कर चला गया मगर उनके लिए भी पीछे सिर्फ़ और सिर्फ़ एक मजबूर ज़िंदगी बच गयी जो हर तरह अपने आपको क़र्ज़ में डुबाकर बैठ गए.... अब उनके पले रह गए थे- मानसिक तनाव, चिंता एवं क़र्ज़ पूरा करने के लिए संघर्ष, संघर्ष और सिर्फ़ संघर्ष......!अब सोचना यह है कि जो तो भगवान का रूप बनकर, सेवा कार्य में जुट गए तथा लोगों का भला करते हुए दूसरों कि निस्वार्थता से सहायता करने लग गए वे तो सचमुच अपनी इंसानियत को जिंदह रख कर भगवान का रूप बन गए.....!काश कुछ नेता भगवान का रूप ना सही मगर इंसान ही बन गए होते.....! जिस जनता जनार्धन ने चून कर अपनी सार सम्भाल एवम् सेवा कार्य के लिए कुर्सियों पर बिठाया काश उनके दुख दर्द को देख पाते....!हम में से जिन्होंने काला बाज़ारी की, काश वे उस दुख दर्द को एवम् मजबूरी को देख पाते.... अरे सेवा ना ही सही मगर थोड़े से मुनाफ़े से ही दवाइयों को तथा मेडिकल साधनो  को बेचते तो भी शायद भगवान का रूप ही कहलाते......!मगर शैतानियत वाली करतूत की है तों ऐसे शैतानों तथा हैवानों को बहुत बारी क़ीमत चुकानी होगी, वे नहीं जानते कि जब इंसाफ़ होता है तब कोई नहीं छूट सकता क्योंकि भगवान की दरबार में देर हो सकती है मगर अंधेर नहीं.....!भगवान की दरबार में तो उनका जो होगा सो होगा मगर हमारी भी एक नैतिक जिम्मेदारी है- कि हम उन शैतानों तथा हैवानों को बेनक़ाब करें उनकी करतूतों को नंगा करें जिन्होंने इंसानियत का चोला ओड्डकर, बहुत ही बेशर्मी से इस महामारी को अपना व्यवसाय बना कर लूट मचायी तथा इतनी बे दर्दी से उन बीमारों को भी नहीं छोड़ा जो लाचार थे बेबस थे....! उन शैतान दरिंदों ने तो अपनी करतूतों से भगवान को भी शर्मसार  कर दिया.....!वैसे तो दुआ करनी चाहिए कि हे भगवान दुश्मन को भी माफ़ करना तथा उनका भी भला करना मगर क्या ऐसी हैवानियत माफ़ी के काबिल भी हैं........?कब तक हम ऐसे करतूत  सिर्फ़ और सिर्फ़ सुनते एवम् सुनाते रहेंगे....?अब वक्त आ गया है उस नैतिक ज़िम्मेदारी को निभाने का, उन शैतानों के ऊपर से इंसानियत का जाली परदा हटाने का....!इंसानियत का पहला पहलू: निष्काम सेवा कार्य करने वालों के नाम तथा उनको नतमस्तक सलाम.......!हमें साथ मिल कर उन व्यक्तियों का हौसला भी ज़रूर बढ़ाना चाहिए, जिन्होंने अपनी परवाह ना करते हुए ना सिर्फ़ अपनी जिम्मेदारी निभायी है मगर उस से बढ़ चढ़कर सेवा कार्य करके इंसानियत को जिंदह रखा है एवम् आज भगवान का रूप बन गए हैं.....!आज हमारी दिल की तय से दुआ है, भगवान उनको बल-सामर्थ्य से निवाजें, हर पल उनको तथा उनके परिवार वालों को खुश रखें, सुखी रखें ताकि इस इंसानियत को वे अपने सेवाभाव से जिंदह रख पाएँ.....!Hargovind Wadhwani

वृषभ
 21 May 2021  
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1वृषभ - शारीरिक गठनवृषभ राशि वालों के हाथ की बनावट चौकोर होती है। उनकी लंबाई कम तथा चौड़ाई अधिक रहती है तथा अंगूठा कुछ बड़ा होता है और उसे पीछे मोड़ पाना संभव नहीं होता। वृषभ राशि कंठ पर विशेष प्रभावकारी होती है। इस कारण इस राशि के लोगों में बोलने की असाधारण क्षमता होती है। वृषभ राशि वाले व्यक्ति शरीर से दुर्बल हों, तो उन्हें पौष्टिक अन्न अधिक ग्रहण करना चाहिए तथा चर्बी युक्त पदार्थ कम खाना चाहिए। इस राशि वाले व्यक्तियों को इंद्रिय, अंगुली अथवा गाल पर तिल या मस्से का चिन्ह अवश्य रहता है, जिन व्यक्तियों के हाथ की अंगुली अथवा गाल पर तिल होता है, उनके पास पैसा नहीं बचता है।2वृषभ - व्यवसायइस राशि के जातक सौंदर्य को विशेष महत्व देते हैं। उन्हें हर कार्य में कलात्मकता पसंद है। कार्य को सुरुचिपूर्ण ढंग से करना चाहते हैं। ललित कला, शराब, रेस्टोरेंट, होटल, संगीत, तेल व्यवसाय, गायन, नृत्य, कलाकार, अभिनेता, श्रृंगार व सजावट की वस्तुएं, आभूषण, कलात्मक व शिल्पकारी से संबंधित वस्तुएं, चित्रकारी, रेडिमेड वस्त्र व्यवसाय, कशीदाकारी, बागवानी, मॉडलिंग, टेलरिंग, फिल्म व्यवसाय, फैशन डिजाइनर, विज्ञापन एजेंसी, इत्र आदि से संबंधित कार्यों को व्यवसाय के रूप में चुनकर सक्रिय होते हैं। जीवन में विशेष उन्नति व सम्मान के अधिकारी बनते हैं। भूमि संबंधी कार्यों में सफलता मिलती है।3वृषभ - चारित्रिक विशेषताएंवृषभ राशि के जातकों में निम्न चारित्रिक विशेषताएं पाई जाती हैं चरित्र के प्रारंभिक लक्षण- दुराग्रही, लालची, भौतिकवादी, इंद्रियार्थवादी, भौतिक इच्छाओं द्वारा नियंत्रित, अड़ियल, मोटी बुद्धि का, अनम्य, भूमिज, स्थिर चित्त का व्यक्ति। चरित्र के उत्तरकालीन लक्षण- दृढ़निश्चयी, दुराग्रही, अटल, बौद्धिक मूल्यों का विकास, सच्चे अंतर्निहित मूल्यों के साथ अनुकूलता, भौतिकवाद तथा भौतिकेतर चमक-दमक से विलग होना, भावनात्मक इच्छाओं को नियंत्रित करना, आधिपत्य को साधनों के अंत की बजाय अंत के साधन के रूप में देखना। अंतःकरण के लक्षण- इच्छाओं का आकांक्षाओं तथा आध्यात्मिक इच्छाओं में रूपांतरण, आध्यात्मिक मूल्यों के साथ अनुकूलता, माया की दुनिया का प्रबोधन, विश्व को ज्ञान के प्रकाश की ओर प्रेरित करना करने में सहायक, लोगों के मध्य होकर भी अलग-थलग रहना, दैविक कार्यों की प्रगति में स्वयं के संसाधनों का उपयोग, ईश्वरीय संसाधनों का प्रबंधक होना, स्वामित्व, क्षमताओं तथा भौतिक वस्तुओं का उचित उपयोग, आध्यात्मिक प्रबोधन द्वारा भौतिक बंधनों को तोड़ना, भौतिकेतर भ्रांतियों को समाप्त करना।3Aवृषभ - विवाह और दांपत्य जीवनविवाह के संबंध में वृषभ राशि वृश्चिक को अपनी ओर आकर्षित करती है। उसकी दृष्टि में वृश्चिक की ही प्रधानता रहती है। वैसे कन्या राशि से उसके संबंध रोमांटिक होते हैं, पर इस राशि से उसका रोमांस अस्थायी होता है। कन्या राशि प्रायः स्वयं संबंध तोड़ लेती है। वृषभ प्रेम के संबंध में गृहाभिमुखी होते हैं। वृषभ राशि का पुरुष प्रत्येक वस्तु के सर्वोत्तम रूप को पाना चाहता है। उसमें भोजन तथा सैक्स दोनों की भूख बहुत प्रबल होती है। वह पूर्ण आत्मसमर्पण चाहता है। पर्याप्त भोजन, पर्याप्त काम-तृप्ति, दोनों की ही उसे भरपूर आवश्यकता होती है। अपनी पत्नी की सैक्स के प्रति उदासीनता उसे क्रोध से भर देती है। उसका सैक्स व्यवहार बहुत कठोर होता है। सैक्स प्रिय पत्नी या प्रेमिका उसे बहुत प्रिय होती है और वह तब उसके लिए सबकुछ कर सकता है। वृषभ राशि वाले स्त्री-पुरुष दोनों ही सर्वोत्तम के आकांक्षी तथा भोजन एवं सैक्स दोनों के ही भूखे होते हैं। वैवाहिक जीवन में पति-पत्नी में अवश्य खटपट चलती रहती है, किन्तु फिर भी एक-दूसरे को छोड़ नहीं सकेंगे। खटपट के बाद पुनः मेल हो जाता है।44वृषभ - प्रेम संबंधवृषभ राशि वाले जातकों में प्रेम में क्षमता महान होती हैं। सैक्स के क्षेत्र में भी उसकी आकांक्षाएं विशाल होती हैं। वह उन व्यक्तियों की ओर आकर्षित होता है, जो उसकी सहायता कर उसे प्रसन्नता, सुख और सहयोग देते हैं। उसके लिए सबकुछ करने को प्रस्तुत रहता है। इस राशि का प्रेम बहुत तीव्रता से प्रारंभ होता है, पर उसका अंत मित्रता एवं समझदारी में ही होता है। यदि उसे ऐसा अनुभव हो कि उससे लाभ उठाकर छोड़ दिया गया है, उस समय वह आपे से बाहर हो सकता है। ऐसी स्थिति में वह अपने प्रेमी का कठोर आलोचक बन जाता है, फलस्वरूप उसके प्रिय से सदैव के लिए संबंध टूट जाते हैं। यह राशि ऐसा प्यार चाहती है कि जिसका आधार ठोस और दृढ़ हो। उस पर प्रेम तथा वासना दोनों का समान प्रभाव रहता है। दोनों भरपूर मात्रा में पाना चाहता है। वह एक से अधिक प्यार का इच्छुक रहता है। वृषभ राशि सैक्स पर नियंत्रण नहीं रख पाती है। समय-असमय का उसे ध्यान नहीं रहता है। वृषभ राशि वाले से बलपूर्वक कोई कुछ नहीं करा सकता है। पर विपरीत लिंग का व्यक्ति प्यार से कुछ भी करा सकता है। वृषभ राशि का व्यक्ति अपने सम्मान में सैक्स से अधिक संबंध रखता है। वृषभ राशि वाले व्यक्ति जीवन जटिलता से परिपूर्ण रहता है। वह अपने साथी को अपने अनुसार ढालने के लिए दृढ़ता से भी काम लेता है। इसमें रति-भावना मानसिक अधिक होती है, शारीरिक कम। वृषभ राशि अपने साथी के विषय में पूर्णतः आश्वस्त होना चाहती है। मत-विभिन्नता उसे स्वीकार नहीं होता। वृषभ राशि का व्यक्ति प्रायः खोने के लिए पाता है। असफलता पाने के लिए सफल होता है। प्रेम संबंधी उसके विचार व्यावहारिक तथा सतर्क होते हैं। यदि उसे उसके मनोनुकूल साथी मिल जाए, तो दोनों का जीवन भर साथ निभ जाता है। विपरीत लिंग से संबंध विपरीत लिंग के प्रति इस राशि वालों का दृष्टिकोण विश्लेषणात्मक होता है। कलात्मक प्रवृत्ति के लोगों को वह अपनी ओर आकर्षित कर लेते हैं। मधुर कंठ वाले का संग-साथ इस राशि को अच्छा लगता है। वह प्रसन्न होता है। स्त्री जाति अथवा अन्य किसी व्यसन में इनकी शीघ्र ही आसक्ति हो जाती है, किन्तु अपने चरित्र को हमेशा दर्पण के समान शुद्ध व स्वच्छ रखते हैं तथा संभालने का प्रयास करते रहते हैं। वृषभ राशि के व्यक्ति को सुख-चैन तथा शांति से रहना पसंद होता है। वे स्त्रियों की ओर सहसा आकर्षित नहीं होते हैं। अपने काम से काम रखते हैं तथा अपनी ओर से वे कभी किसी से भी बात नहीं करना चाहते। भौतिक रूप से वृषभ राशि वाला व्यक्ति कन्या राशि की ओर आकर्षित होता है, मीन तथा कन्या राशि के संबंध में उसे सुख मिलता है। वृषभ राशि के लिए सब प्रकार के गृहस्थ सुख आवश्यक हैं। अपने प्रेम-व्यवहार में कोई ठेस लगने अथवा भावनाओं को चोट पहुंचने की स्थिति में वह उग्र हो उठता है। कर्क और वृषभ राशि में पर्याप्त समानताएं होती हैं। दोनों ही धन तथा प्रेम के संबंध में व्यावहारिक होते हैं, पर वृषभ की अपेक्षा कर्क कुछ अधिक व्यवहार कुशल होता है।5वृषभ - रुचियाँ/शौकवृषभ राशि वाले लोगों को ज्योतिष पुस्तकें पढ़ना, खेलकूद, अच्छी चीजों का संग्रह करना, नृत्य, गायन, कथा-कीर्तन, सत्संगति आदि में से किसी एक बातमें काफी दिलचस्पी रहती है। वृषभ राशि के पुरुष को खेलों का तथा वृषभ राशि की स्त्री को वस्त्रों का शौक रहता है। वृषभ राशि का मनुष्य विविध घटनाओं तथा स्थानों के वर्णन में रुचि लेता है।6वृषभ - स्वभावगत कमियांवृषभ राशि वालों को डराना-धमकाना संकट को आमंत्रित करना है। क्रोध में आकर ये लोग सीमाओं को भी पार कर सकते हैं। स्वयं झगड़ालू नहीं होते हैं, पर यदि कोई उनसे स्वयं अटकता है तो उसे पर्याप्त दंड दिए बिना भी नहीं छोड़ते। वह तब गंभीर से गंभीर वार भी कर देते हैं। जिद्दी होते हैं। इस राशि वाले स्वभाव से अत्यंत आलसी होते हैं। वृषभ राशि के व्यक्ति अन्य व्यक्तियों की अपेक्षा कहीं अधिक रूढ़िवादी होते हैं। भोजन के मामले मेंें ये संयम नहीं रख पाते हैं, चटोरपन इसकी आदत होती है। वृषभ राशि में स्वयं को महान समझने की भावना होती है। दूसरे की सफलता को देखकर वह उसके स्थान पर अपनी कल्पना करना उसका स्वभाव बन जाता है। वह ईर्ष्या नहीं करता, पर स्वयं भी वैसी ही सफलता पाने के लिए लालायित हो उठता है। वह एक ओर जहां अत्यधिक सहनशील तथा सहानुभूति पूर्ण होता है, वहीं दूसरी ओर वह अपनी भावनाओं पर ठेस लगने के कारण अपने व्यवहार से भी पलट जाता है तथा रचनात्मक के स्थान पर उसका रोल ध्वंसात्मक हो जाता है। कमियों से बचने के उपाय हिन्दू पद्धति में वृषभ राशि के जातकों को कष्ट रहने पर संकष्टी चतुर्थी, प्रदोष, रामायण पाठ, गायत्री जप अथवा मंगलवार को उपवास करना चाहिए। शुक्रवार का व्रत एवं शिव उपासना भी शुभफलदायिनी है। सफेद वस्तुओं चावल, मिसरी, दूध, सफेद वस्त्र का दान से शुभ की प्राप्ति होती है। 'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः शुक्राय नमः' - इस मंत्र का 16,000 जाप करना मनोकामना पूर्ति करने में सहायक है।7वृषभ - घर-परिवारवृषभ राशि के लोग एक सफल माता-पिता बनते हैं। बच्चों के प्रति उनके मन में अत्यन्त प्रेम तथा समझदारी की भावना होती है। वृषभ राशि वाले व्यक्तियों को कन्या या संतान से सुख मिल पाता है। रिश्तेदारी से हमेशा दूर रहते हैं। वृषभ राशि के व्यक्ति वस्तुस्थिति को मधुर शब्दों में व्यक्त नहीं कर पाते हैं। स्वयं आराम पसंद होने के साथ-साथ अपने परिजनों को भी अपने आनंद में सहभागी बनाते हैं। इस राशि के लोग अपने परिवार तथा मित्रों के प्रति सदैव ईमानदार तथा सहायक होते हैं। घरेलू चिंताओं में उलझे रहना और उन्हीं पर सोचते रहना, उसके लिए कष्टदायी होता है। पारिवारिक जिम्मेदारियों से वह बहुत घबराता और दूर भागता है। पारिवारिक स्थितियां उसे बहुत परेशान करती हैं। परिवार के मुखिया के रूप में वह एक असफल व्यक्ति होता है। उसे अपनी संतान का भार उठाने में विशेष रुचि नहीं होती। घर गृहस्थी के कामों से वह अपने को अलग रखना ही पसंद करता है। वृषभ राशि का मनुष्य अपने आप में केंद्रित होकर अपने प्रियजनों को दुःखी बना देता है। उससे हर समय संपर्क स्थापित कर पाना संभव नहीं होता। वह प्रायः अपने आप में सिमट जाता है। एकान्तवासी या अचानक गंभीर हो उठना इस राशि के व्यक्ति की विशेषता है, पर इस स्थिति से मुक्त होने पर वह स्वयं को अधिक तुष्ट, सुखी एवं शक्तिशाली अनुभव करने लगता है।

आत्ममंथन

आत्ममंथन...................इंसान की एक स्तिथि पत्ती जैसी होती है। पानी की बूँदें जब पत्तियों पर रुकती हैं। पत्तियों की सुंदरता उनकी चमक से कई गुना बढ़ जाती है।लेकिन ये भी एक सच्चाई है कि पत्ती उसे  कुछ पल बाद अपनी चिकनाहट से फिसला के नीचे गिरा देती है। और फिर से उसी तरह नई नई बूंदों का स्वागत करती है। पत्ती को पता ही नही चलता कि बरसात कब चली गई और बूंदों ने कब आना ही बंद कर दिया। ऐसे में केवल जड़ों में समाहित जल ही उसका साथ देता है।इंसान का व्यक्तित्त्व भी इसी पत्ती की तरह ही है वो रोज़ नए नए साथी के पीछे भागता रहता है।  वो भूल जाता है कि जीवन के रिश्ते किसी अपने के साथ ही चलते हैं। फिर चाहे उस रिश्ते में ताजग़ी अभी भी हो या न हो। भले ही हमारा रिश्ता थोड़ा उबाऊ हो गया हो लेकिन याद रहे, काम हमेशा अपने ही आएंगें।इसलिए अपनों की कद्र करो और नई दुनिया की चमक के पीछे भागना बंद करो।कुछ लोग कहेंगे कि हम उन पत्तियों में से नहीं है। फिर भी इसके विपरीत लोगों को हमारी क़द्र नहीं है। ये दूसरी परिस्थिति होती है। तो उनके लिए कहना है कि क्या आपने कभी धूप में चमकता हुआ पत्थर देखा है।धूप में पत्थर खूब चमकता है लेकिन एक निश्चित समय बाद धूप अपनी सुविधानुसार अपना रुख बदल कर उसको छोड़ के चली जाती है। और पत्थर फिर अगले दिन उसी जगह पर उसी धूप का इंतज़ार करता रहता है। पत्थर के इसी वविश्वास,लगाव और समर्पण को देखते हुए रोज़ वही धूप उस पत्थर पर आने को विवश हो जाती है। इसलिए हमेशा रिश्तों में वविश्वास, लगाव और समर्पण रखिए। रिश्ता कभी आपसे दूर हो ही नही सकता।और एक तीसरी स्तिथि ये भी होती है कि सब कुछ करने के बाद भी कोई हल नहीं निकलता और  लोग अपनी जरूरत के अनुरूप आपका प्रयोग करते हैं।ऐसे में आप अपने आपको प्रयोगशाला न बनाएं। उनसे दूर होना ही आपके लिए समझदारी है। उनसे दूर हो जाएं और अपने जीवन को एक ऐसी ऊंचाई दें जहाँ पहुँचना लोगों का सपना बन जाए। और तब आप ये तय करें कि आपको अपने जीवन में किसे जगह देनी है और किसे नहीं।😊सिद्धी दिवाकर बाजपेयी😊

एलआईसी में अब हफ्ते में 5 दिन होगा काम, बैंक यूनियन भी तेज करेंगी मांग
 6 May 2021  
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मुंबई– देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने हफ्ते में 5 दिन काम को मंजूरी दे दी है। 10 मई से इसे लागू किया जाएगा। सोमवार से शुक्रवार तक काम होगा। शनिवार और रविवार छुट्टी होगी। अभी तक दूसरे और चौथे शनिवार को LIC चालू रहती थी।गुरुवार को एलआईसी ने इस संबंध में बाकायदा नियम लागू कर दिया। एलआईसी ने कहा कि सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 10 से शाम 5.30 तक आफिसेज चालू रहेंगी। जबकि हर शनिवार और रविवार को पूरी तरह से बंद रहेंगी। यानी हफ्ते के चालू दिनों में केवल 7.30 घंटे काम होगा। एलआईसी में करीबन 1.15 लाख कर्मचारी हैं। सभी को इसका फायदा मिलेगा। एलआईसी ने कहा कि इस संबंध में सरकार ने पहले ही मंजूरी दे दी थी।पिछले महीने ही सरकार ने एलआईसी की इस मांग को मंजूरी दे दी थी और अब इसे एलआईसी ने लागू किया है। पिछले महीने ही एलआईसी के कर्मचारियों की सैलरी में 16 पर्सेंट के इजाफे को मंजूरी दे दी गई थी। हालांकि यह काफी लंबे समय बाद की गई थी। इससे पहले अगस्त 2012 में वेज को बढ़ाया गया था। हालांकि एलआईसी में 5 साल पर सैलरी में सुधार किया जाता है, पर इस बार काफी देरी से इसे किया गया।एलआईसी इस समय अपने आईपीओ पर काम कर रही है। यह भारत में अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा और इस पर सबकी निगाह लगी है। एलआईसी ने इसमें अपने पॉलिसीधारकों के लिए 10 पर्सेंट हिस्सा रिजर्व रखेगी। माना जा रहा है कि आईपीओ आते समय इसके कर्मचारियों का भी हिस्सा इसमें रिजर्व होगा।उधर एलआईसी के इस कदम के बाद एक बार फिर से बैंकिंग सेक्टर में भी हफ्ते में 5 दिन काम करने की मांग तेज हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक बैंक यूनियन इस संबंध में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन के साथ बात करने की तैयारी कर रही हैं। बैंक यूनियन लंबे समय से इसकी मांग कर रही हैं। पर इस पर अभी तक कोई फैसला नहीं किया गया है। बैंकों में फिलहाल सोमवार से शुक्रवार और पहले तथा तीसरे शनिवार को काम होता है। हालांकि कोरोना के समय में बैंकिंग के कामकाज के समय को घटा दिया गया है।इंडियन बैंक्स एसोसिएशन ने जनवरी 2020 में बैंक यूनियनों की इस मांग को खारिज कर दिया था। हालांकि उस समय 19 पर्सेंट की सैलरी बढ़त को एसोसिएशन ने मंजूरी दे दी थी। बैंक कर्मचारियों का कहना है कि जब डिजिटल की बात है और सब कुछ डिजिटल हो रहा है तो फिर सोमवार से शनिवार तक बैंक खोलने की जरूरत नहीं है। वैसे भी पूरी दुनिया में इस समय हफ्ते में 5 दिन का ही का चलन है। लेकिन भारत में अभी भी यह कुछ सेक्टर या कंपनियों में लागू नहीं हो पाया है।Resource Link- https://www.arthlabh.com/2021/05/06/lic-will-now-have-5-days-a-week-work-bank-unions-will-also-increase-demand/

फिजियोथेरेपी में करियर कैसे बनाये ! Physiotherapy Me Career Kaise Banaye
 2 May 2021  

आज के समय में पैरा मेडिकल का क्षेत्र लगातार बढ़ता जा रहा है | जिसके कारण फिजियोथेरेपी में करियर ही संभावनाएं बढ़ती जा रही है इसलिए बहुत सी बीमारियों का इलाज करवाने के लिए फिजियोथेरेपी का इस्तेमाल किया जा रहा है। फिजियोथेरेपी की सबसे बड़ी बात यह है कि इसका कोई भी साइड इफेक्ट नहीं है | फिजियोथेरेपी चिकित्सा विज्ञान की वह शाखा जिसकी मदद से शरीर के बाहरी हिस्से का इलाज किया जाता है। इसके माध्यम से कई स्तरों में इलाज किया जाता हैं। आज हम आपको इस लेख में  इसी करियर के बारे में संपूर्ण जानकारी देने वाले है कि फिजियोथेरेपी में करियर कैसे बनाये Physiotherapy Me Career Kaise Banaye या फ़िज़ियोथेरेपिस्ट कैसे बने Physiotherapist Kaise Bane आजकल की भागदौड़ में इंसान के पास अपने शरीर को स्वस्थ रखने के लिए शारीरिक व्यायाम करने का समय नहीं है | यही कारण है कि ज्यादातर लोगो को उनकी आरामदायक दिनचर्या के कारण हड्डियों एवं मांसपेशियाँ संबंधी बीमारियाँ होने लगती है | | तेजी से बदलती जीवनशैली और भागदौड़ भरी जिंदगी में शरीर की मांसपेशियों में खिंचाव और दर्द होना आम बात हो गई है  | शारीरिक व्यायाम के अभाव में ज्यादा आरामदायक कार्य एवं गलत जगह पर काफी समय तक बैठकर देर तक कार्य करने के कारण अधिकांश लोग हड्डियों एवं मांसपेशियाँ संबंधी बीमारियों से ग्रसित होने लगते हैं |मांसपेशियों एवं हड्डियों संबंधी समस्याओं और दर्द में परंपरागत चिकित्सा पद्धति कारगर साबित नहीं हो रही है ऐसे में दर्द निवारक औषधि भी थोड़ी देर के लिए आराम तो पहुँचाती है ! लेकिन समस्या फिर सामने आ जाती है ऐसे में इस बीमारी का स्थायी समाधान नहीं हो पाता है | इस तरह की बीमारियों का आसानी से इलाज करने के लिए Physiotherapy फिजियोथैरेपी का सहारा लिया जाता है |एलोपैथिक दवाइयों का साइड इफेक्ट भी बहुत ज्यादा होता है | जिसकी वजह से आपके शरीर में  दूसरी बीमारियाँ भी  उत्पन्न होने लगती है | हड्डियों एवं मांसपेशियों संबंधी बीमारियों का इलाज आजकल नई चलन की तकनीक चिकित्सा पद्धति फिजियोथैरेपी के द्वारा किया जा रहा है | दुर्घटना में हड्डी टूटने के बाद शल्य चिकित्सा के पश्चात हड्डियों और मांसपेशियों को पूर्व अवस्था में लाने के लिए फिजियोथैरेपी काफी अच्छी साबित हुई है | ज्यादातर हड्डियों संबंधी समस्याएं वृद्धावस्था मे  होती है जिसको व्यायाम मालिश स्ट्रैचिंग द्वारा फिजोथेरपी तकनीक से दूर किया जा सकता है! जिसके कारण फिजियोथैरेपी के क्षेत्र में अच्छे कैरियर विकल्प की संभावनाएं बढ़ती जा रही है |कोर्स एवं योग्यता Course and Qualificationsफिजियोथेरेपी Physiotherapy में अच्छा कैरियर बनाने के लिए छात्रों को 12वी मे जीव विज्ञान रसायन विज्ञान एवं भौतिक विज्ञान विषय के साथ 50% अंक प्राप्त करना अनिवार्य है | 12वीं करने के पश्चात Bachular of Physiotherapist ( BPT) कोर्स में दाख़िला लेना होता है | कुछ बड़े संस्थानों में दाख़िला 12वी मे प्राप्त अंक की मेरिट के आधार पर प्रवेश लेना होता है यह कोर्स 4.5 वर्ष का होता है | जिसमें 6 माह की इंटर्नशिप होती है |Bachelor in Physiotherapy बैचलर इन फिजियोथैरेपी ( BPT )के पश्चात 2 वर्ष का Masters in Physiotherapy मास्टर इन फिजियोथैरेपी ( MPT ) कोर्स किया जा सकता है  | जिसमे आप इस फील्ड के अंदर विशेषज्ञता हासिल कर सकते हो | इसके अलावा आप  न्यूरोलॉजिकल फिजियोथेरपी, पिडियाट्रिक फिजियोथेरपी, स्पोर्ट्स फिजियोथेरपी, ऑथ्रोपेडिक फिजियोथेरपी, ऑब्सेक्ट्रिक्स फिजियोथेरपी, पोस्ट ऑप्रेटिव फिजियोथेरपी, कार्डियोवास्कुलर फिजियोथेरपी इत्यादि में भी विशेषज्ञता हासिल कर सकते हैं। फिजियोथेरपी कोर्सेस Physiotherapy Course में ऐडमिशन लेने के लिए आप गवर्नमेंट व प्राइवेट, दोनों में से कोई भी कॉलेज चुन सकते हैं। गवर्नमेंट कॉलेजों में ऐडमिशन लेने के लिए आपको स्टेट या सेंट्रल लेवल के एंट्रेंस एग्जाम क्वालिफाई करने पड़ते है अगर आप एंट्रेंस एग्जाम में अच्छी रैंक प्राप्त कर लेते हो तो आपको कोर्स करने के लिए ज्यादा खर्च नहीं करने पड़ते है | बहुत से प्राइवेट कॉलेजों में  डायरेक्ट ऐडमिशन होते है  व कुछ एंट्रेंस एग्जाम द्वारा ऐडमिशन लेते हैं। कौशल एवं दक्षता  Skill and Efficiencyफिजियोथैरेपिस्ट Physiotherapist को एनाटॉमी, तंत्रिका तंत्र, मांसपेशियाँ विज्ञान, और अस्थियो संबंधी विज्ञान में अच्छी जानकारी होना आवश्यक है|  नहीं तो आपको लाभ की बजाय हानि भी हो सकती है | फिजियोथैरेपिस्ट मरीज़ों का उपचार दवाइयों की बजाए व्यायाम मालिश स्ट्रैचिंग इत्यादि तकनीक से करता है | नर्व और मांसपेशियों के विभिन्न बिंदुओं पर नियंत्रित दबाव देकर जटिल से जटिल बीमारियों को ठीक किया जा सकता है |फिजियोथैरेपिस्ट कोर्स Physiotherapy Course में अच्छी जानकारी हासिल कर बाल चिकित्सा Child Specialist, जेरियाट्रिक्स Geriatric, ऑर्थोपेडिक्स Orthopedic , स्पोर्ट्स फिजिकलथेरेपी Sports Physiotherapist, न्यूरोलॉजी Neurology , क्लिनिकल इलेक्ट्रोफिजियोलाजी Clinical Electrophysiology और कार्डियोफुलमोनरी Cardiopulmonary इत्यादि क्षेत्रों में अच्छी विशेषज्ञता हासिल की जा सकती है इसके अलावा आप में इन स्किल का होना ही भी बेहद जरूरी है |कम्युनिकेशन स्किल समस्या को हल करने उपाय आत्मविश्वास सहनशक्तिभविष्य में इसकी संभावनाएं जटिल अस्थियों और मांसपेशियों संबंधी विकारों का उपचार फिजियोथेरेपी तकनीक के द्वारा किया जा सकता है | आजकल इस तकनीक का उपयोग घायलों और विकलांगों को सफल इलाज प्रदान कर रहा है जिसके कारण फिजियोथैरेपी तकनीक की मांग दिन पर दिन बढ़ती जा रही है | भविष्य में इस क्षेत्र में करियर की बहुत अधिक संभावनाएं जीत होती जा रही है | फिजियोथैरेपी से दूर होने वाली समस्याएँसर्वाइकल दर्द सर्वाइकल नेक दर्द चेहरे का लकवा कार्डियोपल्मोनरी अस्थमा मांसपेशिया एवं हड्डियों का दर्दनौकरी के अवसर  Job opportunitiesPhysiotherapy Course करने के पश्चात आप एक अच्छी नौकरी भी पा सकते हैं  | इसके लिए आपके पास अच्छे विकल्प मौजूद है वर्तमान में लगभग सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में पृथक रूप से Physiotherapy Center बनाए जा रहै है |जो शल्य चिकित्सक की मदद करने के अतिरिक्त फिजियोथैरेपी तकनीक द्वारा हड्डियों एवं  मांसपेशियों संबंधी दर्द को दूर करता है | बैचलर इन फिजियोथैरेपी कोर्स करने के पश्चात आप स्वयं का क्लीनिक भी खोल सकते हैं | मास्टर इन फिजियोथैरेपी कोर्स के पश्चात फिजियोथैरेपी कॉलेज में प्रशिक्षक के रूप में नौकरी भी सकते हैं | प्रत्येक स्पोर्ट्स एकेडमी एवं  इंस्टिट्यूट मे फिजियोथेरेपिस्ट की पोस्ट उपलब्ध रहती है |  जो खिलाड़ियों को एक्सरसाइज और उपचार के लिए उपलब्ध रहते हैं | सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ,मानसिक स्वास्थ्य केंद्र , वृद्ध आश्रम, पुनर्वास केंद्र, खेल क्लीनिक, स्पोर्ट्स एवं फिटनेस सेंटर में फिजियोथैरेपिस्ट की उपयोगिता महत्वूर्ण होती है |Health CentersSchool CentersHealth Center Charity OrganizationsSports CentresGYM CentersArmy Centresसैलरी Salaryअगर आप अपना करियर फिजियोथेरेपी  के क्षेत्र में शुरू करते हो तो आपको शुरुआत में  10,000 रुपये से लेकर 15,000 रुपये तक आसानी से मिल जाते है | बहुत से हॉस्पिटल इंटर्नशिप के दौरान स्टूडेंट्स के काम को देखते हुए उन्हें अपने यहां ही बतौर फिजियोथेरपिस्ट रख लेते हैं या फिर फिजियोथेरपी की टीम में शामिल कर लेते है। आगे आगे जिस प्रकार से आपका अनुभव और आपकी समझ बढ़ती जाती है उसी प्रकार से आपकी इनकम भी बढ़ती जाती है | अगर आपके पास इस क्षेत्र का अच्छा अनुभव हो जाता है तो आप खुद का प्राइवेट फिजियोथेरेपी सेंटर या क्लीनिक भी खोल सकते है | या किसी बड़े संस्थान में बतौर फिजियोथेरपिस्ट काम करके अपने करियर की ग्रूमिंग कर सकते हैं। इसमें सैलरी या इनकम  की कोई लिमिट नहीं है।देश के कुछ फिजियोथैरेपी  संस्थानApollo Physiotherapy College, HyderabadPandit Deendayal Upadhyaya Institute of Physically Handicapped ,New DelhiIndian Institute of Health Education and Research, PatnaPost Graduate Institute of Medical Education and Research, ChandigarhNizam Institute of Medical Sciences, HyderabadSDM College of Physiotherapy, KarnatakaMahatma Gandhi University of Medical Education, KeralaKJ  Somaiya College of Physiotherapy, MumbaiDepartment of Physical Medicine and Rehabilitation ,Vellore Tamil NaduJSS College of Physiotherapy, Mysore KarnatakaJamia Millia Islamia, New DelhiGuru Gobind Singh Indraprastha University, New DelhiSaint John’s Medical College, Bangalore दोस्तों आज हमने आपको इस लेख में भविष्य के उभरते हुए करियर विकल्प फिजियोथेरपी कोर्स के बारे में सम्पूर्ण  जानकरी दी है कि आप किस प्रकार से इस क्षेत्र में अपने कदम बढ़ा सकते हो इस लेख में हमने आपको बताया है कि फिजियोथेरपी में करियर कैसे बनाये या फिजियोथेरपिस्ट कैसे बने या फिर फिजियोथेरपी  कोर्स कैसे करे अगर आपको ये जानकारी पसंद आयी है तो हमे कमेंट करके बताये और इस जानकरी को दूसरी विधार्थियो के साथ भी शेयर करे ताकि उन्हें भी मेडिकल से जुड़े इस करियर विकल्प के बारे में पता चल सके     

बाहर कोरोना का अंबार था , घर में खुशीयों का बहार था।
 27 April 2021  

जब 2020 कोरोना का दौर चल रहा था।जिसकी शुरुआत चीन से हुई थी। और धीरे - धीरे इस बिमारी ने पूरी दुनिया को अपने कब्ज़े में ले लिया था जिससे पूरी दुनिया अस्त व्यस्त हो गई थी। दिन प्रतिदिन इस बिमारी के बढ़ते आंकड़ों ने सबके मन में डर पैदा कर दिया था। इसने सबके काम काज को ठप्प कर दिया। बच्चों की पढ़ाई लिखाई सब पीछे छूटी जा रही थी। गरीब, मजदूर, किसान जो शहर आए थे अपने और अपने परिवार का पेट पालने अपनी आँखों में कुछ सपने लिए। वे सभी लोग इस कोरोना के कारण शहर से गाँव कि ओर स्थानांतरण हो रहे थे। सड़कों  पर कई ऐसे गरीब जो कोरोना से तो नहीं लेकिन भूख से हर रोज़ मरते हैं। कोरोना के इस अंबार के कारण पूरा विश्व अपनी वर्तमान गति से पीछे चल रहा था। और यह कबतक चलेगा इसकी दूर - दूर तक कहीं संभावनाएं नज़र नहीं आ रही थी। भारत की 138 करोड़ की आबादी वाला देश संक्रमण के कारण सुनसान पड़ा था। कई वर्षों में ऐसा पहली बार देखा गया था कि देश ठप्प होना किसे कहते हैं । बच्चा, बुढा़ , युवा सब परेशान थे। और एक उम्मीद की प्रतीक्षा कर रहे थे की कब इस बीमारी से छुटकारा मिले।इस संक्रमण के कारण लॉकडाउन, पढाई कि छुट्टी, काम काज का ठप्प होना लोगों के लिए बहुत हानिकारक साबित हुआ था। जिसके कारण आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक कार्यकलापों में भी हानि हुई थी। इस संक्रमण के डर से लोग अपने - अपने घरों में ही थे। लेकिन जहाँ एक तरफ बस, ट्रेन, हवाई जहाज के आने जाने पर पाबंदी थी। घर से निकलने किसीसे मिलने जुलने की मनाही थी। वहीं दूसरी ओर घर बैठे आराम फरमाने की छूट भी थी। वैश्विक संक्रमण के इस दौर में लोग यह ज़रूर देख रहें थे कि देश में कितनो की कोरोना के कारण मौत हो रही है। देश की आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक स्थिति कहाँ तक पहुँची है। लोग घर बैठे यही देख रहे थे लेकिन कोई यह देख नहीं रहा था कि उन्हें  अपने परिवार, बीवी, बच्चे, माता-पिता के साथ कैसे वक़्त भी मिल रहा है।जो वक़्त उन्हें काम के कारणवश कभी नहीं मिल सका। जहां बीमारी को लेकर डर था वहां परिवार के साथ मन संतुष्ट था। माना कि बाहर जाने पर पाबंदी थी लेकिन बीवी, बच्चे, माता - पिता के साथ घर में ही दुनिया रंगीन थी। आर्थिक स्थिति बिगड़ी ज़रुर थी लेकिन मिल बाटंकर खाने का मज़ा ही कुछ और था। बच्चों को बाहर खेलने न जाने देना थोड़ा मुश्किल ज़रूर था पर पापा अपने बच्चों के साथ खेले ये दृश्य देखने का आनंद ही कुछ और था।माना बाहर जाना त्यौहार नहीं मनाया जा रहा था लेकिन घर में ही औरतों का हाथ बटाने में मज़ा बहुत आ रहा था। इस बिमारी के बुरे सफर में एक बात सबसे ज्यादा दिल को छू गई की जब मंदिर ,, मस्जिद, गिरजाघर बंद पड़े थे तो अपने ही घर में इबादत करने में दिल तो जैसे प्रसंन हो गए हों। पहले लोग अपने घर को मंदिर, मस्जिद और गिरजाघर बोलते थे लेकिन इस संक्रमण ने वास्तव में घर को इबादत करने का पाक या पवित्र स्थान बना दिया। वैश्वीक संक्रमण के कारण बुरा तो बहुत देखा है पूरे देश ने लेकिन कुछ ऐसे पलो को भी संजोया है इस दिल में। पैसो की तंगी तो बहुत हुई पर मुहब्बत कम न हुई। सुनसान सड़कें ज़रुर  थी पर घर में कुछ हलचल सी थी। , इस कोरोना के कारण से एक बात और सामने आई की जो मर्द यह सोचते थे कि घर में रहना बहुत आसान है, औरतों को परम्परागत तरीके से एक ग्रहणी बनकर ही घर में रहना चाहिए। वह दकियानूसी सोच कहीं न कहीं ख़त्म भी हुई है। मर्दो को लॉकडाउन के समय में यह एहसास हुआ कि घर में ही रहना काम करना कितना कठिन है।कोरोना के इस बुरे सफर में एक और बात पर रोशनी डाली गई थी की जो लोग औरतों को यह ताना देते थे कि ग्रहस्ती का काम आसान होता है और बाहर का काम मुश्किल और कठिन होता है। लेकिन वह लोग गलत साबित हुए क्योंकि इस वैश्विक संक्रमण के कारण पूरे विश्व का काम - धाम ठप्प हो गया था, लेकिन केवल एक ग्रहणी का ही काम बढ़ गया था। सबका ध्यान कोरोना, काम काज, आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक क्रियाकलापों पर था लेकिन किसी का भी ध्यान एक महिला की ग्रहस्थी पर नहीं गया। जिन्होंने पूरी मेहनत और लगन से अपनी हरेक ज़िम्मेदारी को बखूबी निभाया था। बिना किसी शिकायत के धन की कमी होते हुए भी अपने फर्ज को निभाया।कहने का पूरा तात्पर्य यह है कि "जहां बाहर कोरोना का अंबार था, वहीं घर में खुशीयों का बाहार था" लोगों के मन में लंबे समय तक यह बात घर कर जाएगी की कोरोना के कारण से पूरा विश्व सुनसान पड़ा था। लेकिन यह बात कोई नहीं सोच रहा होगा की घर में कितनी  रौनक, हलचल सी थी। पूरे देश में इस मुसीबत के कारणवश कई भारतीय अभिनेताओं जैसे कि सोनू सूद, सुनिल शेट्टी आदि ने गरीब, लाचार, मज़दूर जो काम काज ठप्प होने के कारण बुरा वक़्त झेल रहे थे उनकी मदद की। उन्होने सड़क पर रहने वाले सभी लोगों को खाने - पीने, उनके बच्चों के लिए पुस्तकों की सहायता प्रदान की। "हम ऐसे लोगों का आभार व्यक्त करते हैं, और उन्हें लोगों की मदद करने के लिए प्रोत्साहन भी करते हैं"।इस कोरोना ने इंसान को इंसानियत याद दिला दी थी। एक वक़्त था जब अपने काम के कारण से कोई किसी की मदद करने में असमर्थ हुआ करता था। लेकिन इस वैश्विक संक्रमण के कारण एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति की सहायता करने लगा। हमारे देश के डॉक्टर, पुलिसकर्मी, सरकारी कर्मचारी की दिन रात की मेहनत ने लोगों की सहायता की और उन्हें यह आश्वासन दिया कि सब बेहतर होगा। इस संक्रमण के कारण अत्यधिक बूरा तो हुआ था लेकिन कुछेक चीजें बेहतर और अच्छी तरह से भी हुई थीं। लोग हमेशा कोरोना के कारण से वैश्विक तबाही को भूल नहीं पाएंगे पर उसके कारण घर में अपने परिवार बीवी, बच्चे, माता-पिता के साथ गुज़रे अच्छे वक़्त को भी भूलना नामुमकिन होगा।आज की यह हक़ीकत है कि भारत और अन्य देशों के नागरिकों ने इस बिमारी को कही हद तक समाप्त करने की जो कोशिश की थी जिसमें यह एक नारा "दो गज़ दूरी मास्क है ज़रूरी" काफी असरदार साबित हुआ। और आज इतनी कोशिशो के बाद भारत के योग्य और क़ाबिल वैज्ञानिक की कड़ी मेहनत के कारण ही इस संक्रमण का टीका यानी की वैक्सीन तैयार हो गई है। और इसी कारण कोरोना के आकडों में कमी आई है। जिससे बच्चों की पढ़ाई लिखाई, काम काज, देश की आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक क्रियाकलाप अपनी गति पर फिर आने की कोशिश में लगे हुए हैं ।]हमारे कुछ योगदान के कारण से पूरा देश इस बिमारी के चंगुल से धीरे - धीरे निकल रहा है। और इसमें सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले भारतीय डॉक्टर, पुलिसकर्मीयो को हम कभी नहीं भूल सकते हैं ज़िन्होने लोगों की मदद उस वक़्त की जब कई लोगों ने ज़िंदगी जीने की उम्मीद ही छोड़ दी थी। उस समय सबका हाथ थामकर हौसला देते हुए आगे बढ़ने की हिम्मत दी। और कोरोना के बुरे दौर में सबने यह देखा की इंसानियत आज भी ज़िंदा है क्योंकि वह कभी मरी ही नहीं थी बस लोगों के मशरुफी के कारण लुप्त हो गई थी। और संक्रमण के बुरे दौर में देखी गई। बस यूँही एक दूसरे का साथ देना और आगे बढ़ते रहना। और बुरी यादों को भूलकर अच्छी यादों को याद रखें। " Think Positive and Keep Smile " क्योंकि बाहर कोरोना का अंबर था, लेकिन घर में खुशीयों का बहार था "।बहुत दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि कोरोना 2021 में फिर वापस आ गया है एक नऐ रूप में अधिक शक्तिशाली होकर । जिसने फिर से लोगों के मन में डर पैदा कर दिया है। जिसके कारण देश में फिर लॉकडाउन हो गया है। और देश की स्थिति खराब हो गई है लेकिन डरने और घबराने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि यह याद रखना होगा की जिस तरह से हमने एकजुट होकर कोरोना को हराया था उसी प्रकार आज के इस नए कोरोना को भी हराया जा सकता है। बस ये याद रखिए की “ बाहर से कोरोना का अंबार था, लेकिन घर में खुशीयों का बहार था”। और बीते दिनों की यही बाते याद रखते हुए घर में रहें और सुरक्षित रहें। हम एक दूसरे के साथ है तो कोरोना को हरा देंगें। (अंजुम खातुन)

डिजिटल मीडिया मे करिअर कैसे बनाए ? Media Me Career Kaise Banaye
 23 April 2021  

वर्तमान समय को विज्ञापन का युग कहना गलत नहीं होगा | क्योंकि आज का समय विज्ञापन का बोलबाला है पूरी की पूरी मार्किट विज्ञापन पर ही टिकी हुई है | असल विज्ञापन की वजह यह है कि एक ही प्रोडक्ट को बनाने वाली हजारों कंपनियां होती है | जो अलग अलग अलग तरीकों से अपने प्रोडक्ट ग्राहकों तक पहुँचती है |अगर आपके अंदर कुछ क्रिएटिव करने की इच्छा है और आपके पास मार्केटिंग करने के आइडियाज है तो विज्ञापन के क्षेत्र में आप अपना अच्छा करियर बना सकते है |आपकी जानकरी के लिए बता दे जब से दुनिया में इंटरनेट का क्रेज बढ़ा है | तब से विज्ञापन का क्षेत्र लगातार तरक्की कर रहा है | प्रिंट मीडिया से लेकर टेलीविजन और अब इंटरनेट जैसे प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन और उससे बढ़ती हुई कमाई को देखते हुए इस क्षेत्र में काम करने वाले प्रोफेशनल की मांग दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है |इसलिए आज हम आपको इस लेख में एडवरटाइजिंग से जुड़े इस करियर के बारे सम्पूर्ण जानकारी देने वाले है कि दोस्तों इस लेख में हमने आपको डिजिटल मीडिया से जुड़े एडवरटाइजिंग करियर के बारे में सम्पूर्ण जानकरी दी है | कि किस प्रकार से आप इस क्षेत्र में अपने कदम बढ़ा सकते है इस लेख में हमने आपको बताया कि एडवरटाइजिंग क्या है ? Advertising Kya Hai एडवरटाइजिंग में करियर कैसे बनाये ? Advertising Me Career Kaise Banaye डिजिटल मीडिया में करियर कैसे बनाये ? Digital Media Me Career Kaise Banaye | मीडिया में करियर कैसे बनाये Media Me Career Kaise Banaye इत्यादि | अगर आप भी इस क्षेत्र में करियर बनाने की सोच रहे है तो इस लेख को अंत तक पढ़े ?एडवरटाइजिंग क्या है | What is Advertisingवैसे देखा जाये तो प्रोडक्ट की एडवरटाइजिंग करना ये कोई नया तरीका नहीं है | एडवरटाइजिंग का इतिहास बहुत पुराना है | विज्ञापन का काम करने वाली कंपनियां वर्ष 1905 से देश के अंदर काम कर रही है लेकिन समय के साथ एडवरटाइजिंग करने के तरीकों में भी काफी बदलाव होता जा रहा है | पुराने समय में विज्ञापन का जो कार्य दीवारों पर प्रोडक्ट के चित्र बनाकर किया जाता था | आज वही कार्य वीडियो डिजिटल ग्राफ़िक्स के माध्यम से किया जा रहा है |परन्तु प्रत्येक प्रोडक्ट की बिक्री उसकी क्वालिटी और विज्ञापन पर निर्भर करती है | जिसके कारण विज्ञापन का क्षेत्र एक अच्छे करियर विकल्प के रूप में उभर रहा है | देश के अंदर प्रोडक्ट का जितना बड़ा बाजार होगा उतना ही ज्यादा मार्किट में कॉम्पिटीशन होगा |विज्ञापन का इस्तेमालआपने भी पत्र पत्रिकाओं , टीवी , अखबारों , और सड़को पर बड़े बड़े होर्डिंग्स बैनर ज़रूर देखे होंगे | इन विज्ञापनों में आप प्रोडक्ट को देखकर उस प्रोडक्ट के बारे में जाने के लिए उत्साहित रहते है | कि ये इतना अच्छा विज्ञापन किस प्रोडक्ट का है | आपको विज्ञापन के डिज़ाइन काफी आकर्षित करते है जिसके कारण आप उस प्रोडक्ट की तरफ खींचे चले आते है |इसे भी जरूर पढे : - वीडियो एडिटर कैसे बने |आखिर में इसके पीछे कौन सी शक्ति काम करती है जो हमे उस प्रोडक्ट को खरीदने के लिए मेंटली दबाव डालती है असल में यह सारा खेल एडवरटाइजिंग एजेंसियों का होता है जो उनकी टीम के द्वारा तैयार किया जाता है |विज्ञापन को डिजाइन करने से लेकर उसे मार्किट में सफलतापूर्वक पहचान दिलाने का श्रेय इस एडवरटाइजिंग टीम को ही जाता है | जिसके कारण ये कंपनियां लाखों करोड़ों रुपये का फायदा लेती है |योग्यता Qualificationअगर कोई भी विधार्थी विज्ञापन के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहता है तो उसे कम से कम बारहवीं की परीक्षा पास करना अनिवार्य है उसके बाद आप विज्ञापन के क्षेत्र से जुड़े कुछ डिग्री डिप्लोमा कोर्स कर सकते है | इन कोर्स की अवधि दो से तीन वर्ष के बीच होती है | विज्ञापन से जुड़े कुछ कोर्स ऐसे भी है जिन्हे आप ग्रेजुएशन के बाद कर सकते है |एडवरटाइजिंग संबंधी कुछ प्रमुख कोर्सBachelor of Journalism & Mass CommunicationBA in Advertising and Brand ManagementMaster of Journalism and Mass Communication)?PG Diploma in AdvertisingMBA in Advertisingएडवरटाइजिंग से जुड़े कुछ प्रमुख कार्य क्षेत्रएडवरटाइजिंग Advertising का क्षेत्र बहुत बड़ा है | जिसके अंदर काम करने के लिए अलग अलग कार्य क्षेत्र मौजूद है आप अपनी इच्छानुसार किसी भी क्षेत्र का चुनाव कर सकते है |इसे भी जरूर पढे : - डिजिटल मार्केटिंग मे करिअर कैसे बनाए |क्रिएटिव डिपार्टमेंट – इस डिपार्टमेंट के अंतर्गत कॉपी राइटर , विजुअलाइजर , फोटोग्राफर , इत्यादि कार्य किये जाते है , इस सभी का काम विज्ञापनों के लिए पंच-लाइन या स्लोगन लिखना , ग्राफ़िक्स डिज़ाइन करना , विज्ञापन के लिए फोटो खींचना स्केचिंग तैयार करना इत्यादि प्रकार के कार्य किये जाते है | इस प्रकार के कार्यो के लिए उन लोगो की ज्यादा डिमांड है जो कुछ अलग हटकर काम करना चाहते है |क्लाइंट सर्विसिंग – इस डिपार्टमेंट में अकाउंट एग्जीक्यूटिव , बिज़नेस डेवलपमेंट मैनेजर , मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव तथा मार्केटिंग डायरेक्टर से संबंधित पद होते है | क्लाइंट सर्विसिंग और एडवरटाइजिंग का आपस में वही संबंध है जो दिल और शरीर का होता है | इनका काम विज्ञापन का बजट तैयार करना , विज्ञापन के लिए माध्यम तैयार करना , कंपनियों से विज्ञापन लेना ,क्लाइंट से विज्ञापन डील करना और ग्रुप मैनेजिंग जैसे कार्य इनकी देख रेख में किये जाते है |मीडिया प्लानिंग – इस डिपार्टमेंट का काम विज्ञापन तैयार होने के बाद उसे कौन कौन से प्लेटफार्म पर प्रकाशित करना ये सभी कार्य इनके द्वारा किये जाते है | इस डिपार्टमेंट का मुख्य काम प्रोडक्ट संबंधी ग्राहकों को टारगेट करना है ताकि ज्यादा से ज्यादा ग्राहक उस विज्ञापन से प्रभावित होकर उस प्रोडक्ट को खरीद ले |इसे भी जरूर पढे : - वॉइस ओवर आर्टिस्ट कैसे बने |रिसर्च डेवलपमेंट – कोई भी काम एक दम से शुरू नहीं किया जाता उसे शुरू करने से पहले उस काम की पूरी प्लानिंग की जाती है तब जाकर आप उस काम को शुरू करते है | यंहा पर भी ऐसा ही है कोई भी विज्ञापन शुरू करने से पहले एडवरटाइजिंग कम्पनी उस विज्ञापन के बारे में कई प्रकार की रिसर्च करती है जैसे कि इस विज्ञापन का ग्राहकों में कितना असर देखने को मिल सकता है , नए विज्ञापन करने से हमें पहले के मुकाबले कितना अधिक लाभ होगा | इस प्रकार के रिसर्च संबंधी सभी प्रकार के कार्य रिसर्च डिपार्टमेंट के द्वारा किये जाते है |रोजगार की सम्भावनायेजैसे कि आपको पता लग चूका है कि एडवरटाइजिंग का क्षेत्र बहुत ज्यादा फैला हुआ है | तो इस क्षेत्र में रोज़गार के अवसर भी भरपूर है | इस इंडस्ट्री में युवा अपनी पसंद से कोई भी डिपार्टमेंट चुन सकते है | विज्ञापन के बढ़ती हुई डिमांड को देखते हुए नई नई विज्ञापन एजेंसीज खुल रही है जिनमे आप अपनी आवश्यकता के अनुसार जॉब प्राप्त कर सकते है | आने वाले समय में यह इंडस्ट्री और भी ग्रो करने वाली है |इसे भी जरूर पढे : - डिजिटल बैंकिंग क्या है |इसलिए अभी आपके पास इस इंडस्ट्री में करियर बनाने का अच्छा मौका है इस क्षेत्र में क्रिएटिविटी के मांग बहुत ज्यादा रहती है | अगर आपको इस इंडस्ट्री की अच्छी जानकारी हो जाती है तो आप घर बैठे फ्रीलांस वर्क भी कर सकते है और अच्छी इनकम प्राप्त कर सकते है |सेलरी Salaryविज्ञापन का क्षेत्र आज का उभरता हुआ क्षेत्र है जिसमे आपको शुरुआती सेलरी भी अच्छी मिल जाती है | अगर आप इस इंडस्ट्री में अपने करियर की शुरुआत करते है |तो आपको अलग अलग डिपार्टमेंट के अनुसार आपकी सेलरी में भी अंतर होता है |शुरुआत में प्रोडक्शन मैनेजर को 15 हजार , कॉपीराइटर को 20 हजार , अकाउंट मैनेजर को 35 से 40 हजार रूपये प्रतिमाह तक मिल जाते है | जिस प्रकार से आपका अनुभव बढ़ता है उसी प्रकार से आपकी सेलरी भी बढ़ती जाती है | आप चाहे तो इस इंडस्ट्री में एक लाख रूपये महीने तक भी आसानी से पहुंच सकते है |इसे भी जरूर पढे : - रिटेल मैनेजमेंट में करियर कैसे बनाये |फ्रीलांसर वर्क में आप अपने अनुभव के अनुसार प्रति घंटे के हिसाब से चार्ज कर सकते है |दोस्तों इस लेख में हमने आपको डिजिटल मीडिया से जुड़े एडवरटाइजिंग करियर के बारे में सम्पूर्ण जानकरी दी है | कि किस प्रकार से आप इस क्षेत्र में अपने कदम बढ़ा सकते है इस लेख में हमने आपको बताया कि एडवरटाइजिंग क्या है ? Advertising Kya Hai एडवरटाइजिंग में करियर कैसे बनाये ? Advertising Me Career Kaise Banaye डिजिटल मीडिया में करियर कैसे बनाये ? Digital Media Me Career Kaise Banaye | मीडिया में करियर कैसे बनाये Media Me Career Kaise Banaye इत्यादि | अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो आप अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में बता सकते है और इस जानकारी को दुसरो के साथ भी शेयर करे ताकि उन्हें भी इस बारे में पता चल सके | अगर आपका इस करियर को लेकर किसी प्रकार का सवाल है तो आप कमेंट करके पूछ सकते है |