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आज के समय में पैरा मेडिकल का क्षेत्र लगातार बढ़ता जा रहा है | जिसके कारण फिजियोथेरेपी में करियर ही संभावनाएं बढ़ती जा रही है इसलिए बहुत  सी बीमारियों का इलाज करवाने के लिए फिजियोथेरेपी का इस्तेमाल किया जा रहा है। फिजियोथेरेपी की सबसे बड़ी बात यह है कि इसका कोई भी साइड इफेक्ट नहीं है | फिजियोथेरेपी चिकित्सा विज्ञान की वह शाखा जिसकी मदद से शरीर के बाहरी हिस्से का इलाज किया जाता है। इसके माध्यम से कई स्तरों में इलाज किया जाता हैं। आज हम आपको इस लेख में  इसी करियर के बारे में संपूर्ण जानकारी देने वाले है कि फिजियोथेरेपी में करियर कैसे बनाये Physiotherapy Me Career Kaise Banaye या फ़िज़ियोथेरेपिस्ट कैसे बने Physiotherapist Kaise Bane 


आजकल की भागदौड़ में इंसान के पास अपने शरीर को स्वस्थ रखने के लिए शारीरिक व्यायाम करने का समय नहीं है | यही कारण है कि ज्यादातर लोगो को उनकी आरामदायक दिनचर्या के कारण हड्डियों एवं मांसपेशियाँ संबंधी बीमारियाँ होने लगती है | | तेजी से बदलती जीवनशैली और भागदौड़ भरी जिंदगी में शरीर की मांसपेशियों में खिंचाव और दर्द होना आम बात हो गई है  | शारीरिक व्यायाम के अभाव में ज्यादा आरामदायक कार्य एवं गलत जगह पर काफी समय तक बैठकर देर तक कार्य करने के कारण अधिकांश लोग हड्डियों एवं मांसपेशियाँ संबंधी बीमारियों से ग्रसित होने लगते हैं |

मांसपेशियों एवं हड्डियों संबंधी समस्याओं और दर्द में परंपरागत चिकित्सा पद्धति कारगर साबित नहीं हो रही है ऐसे में दर्द निवारक औषधि भी थोड़ी देर के लिए आराम तो पहुँचाती है ! लेकिन समस्या फिर सामने आ जाती है ऐसे में इस बीमारी का स्थायी समाधान नहीं हो पाता है | इस तरह की बीमारियों का आसानी से इलाज करने के लिए Physiotherapy फिजियोथैरेपी का सहारा लिया जाता है |

एलोपैथिक दवाइयों का साइड इफेक्ट भी बहुत ज्यादा होता है | जिसकी वजह से आपके शरीर में  दूसरी बीमारियाँ भी  उत्पन्न होने लगती है | हड्डियों एवं मांसपेशियों संबंधी बीमारियों का इलाज आजकल नई चलन की तकनीक चिकित्सा पद्धति फिजियोथैरेपी के द्वारा किया जा रहा है | दुर्घटना में हड्डी टूटने के बाद शल्य चिकित्सा के पश्चात हड्डियों और मांसपेशियों को पूर्व अवस्था में लाने के लिए फिजियोथैरेपी काफी अच्छी साबित हुई है | ज्यादातर हड्डियों संबंधी समस्याएं वृद्धावस्था मे  होती है जिसको व्यायाम मालिश स्ट्रैचिंग द्वारा फिजोथेरपी तकनीक से दूर किया जा सकता है! जिसके कारण फिजियोथैरेपी के क्षेत्र में अच्छे कैरियर विकल्प की संभावनाएं बढ़ती जा रही है |

कोर्स एवं योग्यता Course and Qualifications

फिजियोथेरेपी Physiotherapy में अच्छा कैरियर बनाने के लिए छात्रों को 12वी मे जीव विज्ञान रसायन विज्ञान एवं भौतिक विज्ञान विषय के साथ 50% अंक प्राप्त करना अनिवार्य है | 12वीं करने के पश्चात Bachular of Physiotherapist ( BPT) कोर्स में दाख़िला लेना होता है | कुछ बड़े संस्थानों में दाख़िला 12वी मे प्राप्त अंक की मेरिट के आधार पर प्रवेश लेना होता है यह कोर्स 4.5 वर्ष का होता है | जिसमें 6 माह की इंटर्नशिप होती है |

Bachelor in Physiotherapy बैचलर इन फिजियोथैरेपी ( BPT )के पश्चात 2 वर्ष का Masters in Physiotherapy मास्टर इन फिजियोथैरेपी ( MPT ) कोर्स किया जा सकता है  | जिसमे आप इस फील्ड के अंदर विशेषज्ञता हासिल कर सकते हो | इसके अलावा आप  न्यूरोलॉजिकल फिजियोथेरपी, पिडियाट्रिक फिजियोथेरपी, स्पोर्ट्स फिजियोथेरपी, ऑथ्रोपेडिक फिजियोथेरपी, ऑब्सेक्ट्रिक्स फिजियोथेरपी, पोस्ट ऑप्रेटिव फिजियोथेरपी, कार्डियोवास्कुलर फिजियोथेरपी इत्यादि में भी विशेषज्ञता हासिल कर सकते हैं। 

फिजियोथेरपी कोर्सेस Physiotherapy Course में ऐडमिशन लेने के लिए आप गवर्नमेंट व प्राइवेट, दोनों में से कोई भी कॉलेज चुन सकते हैं। गवर्नमेंट कॉलेजों में ऐडमिशन लेने के लिए आपको स्टेट या सेंट्रल लेवल के एंट्रेंस एग्जाम क्वालिफाई करने पड़ते है अगर आप एंट्रेंस एग्जाम में अच्छी रैंक प्राप्त कर लेते हो तो आपको कोर्स करने के लिए ज्यादा खर्च नहीं करने पड़ते है | बहुत से प्राइवेट कॉलेजों में  डायरेक्ट ऐडमिशन होते है  व कुछ एंट्रेंस एग्जाम द्वारा ऐडमिशन लेते हैं। 

कौशल एवं दक्षता  Skill and Efficiency

फिजियोथैरेपिस्ट Physiotherapist को एनाटॉमी, तंत्रिका तंत्र, मांसपेशियाँ विज्ञान, और अस्थियो संबंधी विज्ञान में अच्छी जानकारी होना आवश्यक है|  नहीं तो आपको लाभ की बजाय हानि भी हो सकती है | फिजियोथैरेपिस्ट मरीज़ों का उपचार दवाइयों की बजाए व्यायाम मालिश स्ट्रैचिंग इत्यादि तकनीक से करता है | नर्व और मांसपेशियों के विभिन्न बिंदुओं पर नियंत्रित दबाव देकर जटिल से जटिल बीमारियों को ठीक किया जा सकता है |

फिजियोथैरेपिस्ट कोर्स Physiotherapy Course में अच्छी जानकारी हासिल कर बाल चिकित्सा Child Specialist, जेरियाट्रिक्स Geriatric, ऑर्थोपेडिक्स Orthopedic , स्पोर्ट्स फिजिकलथेरेपी Sports Physiotherapist, न्यूरोलॉजी Neurology , क्लिनिकल इलेक्ट्रोफिजियोलाजी Clinical Electrophysiology और कार्डियोफुलमोनरी Cardiopulmonary इत्यादि क्षेत्रों में अच्छी विशेषज्ञता हासिल की जा सकती है इसके अलावा आप में इन स्किल का होना ही भी बेहद जरूरी है |

  • कम्युनिकेशन स्किल 
  • समस्या को हल करने उपाय 
  • आत्मविश्वास 
  • सहनशक्ति

भविष्य में इसकी संभावनाएं 

जटिल अस्थियों और मांसपेशियों संबंधी विकारों का उपचार फिजियोथेरेपी तकनीक के द्वारा किया जा सकता है | आजकल इस तकनीक का उपयोग घायलों और विकलांगों को सफल इलाज प्रदान कर रहा है जिसके कारण फिजियोथैरेपी तकनीक की मांग दिन पर दिन बढ़ती जा रही है | भविष्य में इस क्षेत्र में करियर की बहुत अधिक संभावनाएं जीत होती जा रही है | फिजियोथैरेपी से दूर होने वाली समस्याएँ

  • सर्वाइकल दर्द 
  • सर्वाइकल नेक दर्द 
  • चेहरे का लकवा 
  • कार्डियोपल्मोनरी 
  • अस्थमा 
  • मांसपेशिया एवं हड्डियों का दर्द

नौकरी के अवसर  Job opportunities

Physiotherapy Course करने के पश्चात आप एक अच्छी नौकरी भी पा सकते हैं  | इसके लिए आपके पास अच्छे विकल्प मौजूद है वर्तमान में लगभग सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में पृथक रूप से Physiotherapy Center बनाए जा रहै है |

जो शल्य चिकित्सक की मदद करने के अतिरिक्त फिजियोथैरेपी तकनीक द्वारा हड्डियों एवं  मांसपेशियों संबंधी दर्द को दूर करता है | बैचलर इन फिजियोथैरेपी कोर्स करने के पश्चात आप स्वयं का क्लीनिक भी खोल सकते हैं | मास्टर इन फिजियोथैरेपी कोर्स के पश्चात फिजियोथैरेपी कॉलेज में प्रशिक्षक के रूप में नौकरी भी सकते हैं | प्रत्येक स्पोर्ट्स एकेडमी एवं  इंस्टिट्यूट मे फिजियोथेरेपिस्ट की पोस्ट उपलब्ध रहती है |  जो खिलाड़ियों को एक्सरसाइज और उपचार के लिए उपलब्ध रहते हैं | सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ,मानसिक स्वास्थ्य केंद्र , वृद्ध आश्रम, पुनर्वास केंद्र, खेल क्लीनिक, स्पोर्ट्स एवं फिटनेस सेंटर में फिजियोथैरेपिस्ट की उपयोगिता महत्वूर्ण होती है |

  • Health Centers
  • School Centers
  • Health Center 
  • Charity Organizations
  • Sports Centres
  • GYM Centers
  • Army Centres

सैलरी Salary

अगर आप अपना करियर फिजियोथेरेपी  के क्षेत्र में शुरू करते हो तो आपको शुरुआत में  10,000 रुपये से लेकर 15,000 रुपये तक आसानी से मिल जाते है | बहुत से हॉस्पिटल इंटर्नशिप के दौरान स्टूडेंट्स के काम को देखते हुए उन्हें अपने यहां ही बतौर फिजियोथेरपिस्ट रख लेते हैं या फिर फिजियोथेरपी की टीम में शामिल कर लेते है। आगे आगे जिस प्रकार से आपका अनुभव और आपकी समझ बढ़ती जाती है उसी प्रकार से आपकी इनकम भी बढ़ती जाती है | अगर आपके पास इस क्षेत्र का अच्छा अनुभव हो जाता है तो आप खुद का प्राइवेट फिजियोथेरेपी सेंटर या क्लीनिक भी खोल सकते है | या किसी बड़े संस्थान में बतौर फिजियोथेरपिस्ट काम करके अपने करियर की ग्रूमिंग कर सकते हैं। इसमें सैलरी या इनकम  की कोई लिमिट नहीं है।

देश के कुछ फिजियोथैरेपी  संस्थान

  • Apollo Physiotherapy College, Hyderabad
  • Pandit Deendayal Upadhyaya Institute of Physically Handicapped ,New Delhi
  • Indian Institute of Health Education and Research, Patna
  • Post Graduate Institute of Medical Education and Research, Chandigarh
  • Nizam Institute of Medical Sciences, Hyderabad
  • SDM College of Physiotherapy, Karnataka
  • Mahatma Gandhi University of Medical Education, Kerala
  • KJ  Somaiya College of Physiotherapy, Mumbai
  • Department of Physical Medicine and Rehabilitation ,Vellore Tamil Nadu
  • JSS College of Physiotherapy, Mysore Karnataka
  • Jamia Millia Islamia, New Delhi
  • Guru Gobind Singh Indraprastha University, New Delhi
  • Saint John’s Medical College, Bangalore

     
    दोस्तों आज हमने आपको इस लेख में भविष्य के उभरते हुए करियर विकल्प फिजियोथेरपी कोर्स के बारे में सम्पूर्ण  जानकरी दी है कि आप किस प्रकार से इस क्षेत्र में अपने कदम बढ़ा सकते हो इस लेख में हमने आपको बताया है कि फिजियोथेरपी में करियर कैसे बनाये या फिजियोथेरपिस्ट कैसे बने या फिर फिजियोथेरपी  कोर्स कैसे करे अगर आपको ये जानकारी पसंद आयी है तो हमे कमेंट करके बताये और इस जानकरी को दूसरी विधार्थियो के साथ भी शेयर करे ताकि उन्हें भी मेडिकल से जुड़े इस करियर विकल्प के बारे में पता चल सके