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मुहब्बत से जब डर लगने लगे तो इस बीमारी को फ़िलोफ़ोबिया कहते है.  यंग इंडिया महिलाओं के लिए दुनिया का सबसे ज़्यादा असुरक्षित देश है. जहाँ महिलाएं असुरक्षित महसूस करें वहां मुहब्बत की कल्पना भी कैसे की जा सकती है?

जानकारी बड़ी कमाल की चीज़ है ये आपको आज़ाद ख़याल तो बनाती ही है लेकिन आपके आस-पास हो रहे ज़ुल्म और आपके भविष्य पर मंडरा रहे गिद्धों का नोटिफिकेशन भी कराती है. आईये जानते हैं यंग इंडिया का दिल घबराया सा क्यों है ?

प्यार अब अँधा है या धंधा- यंग इंडिया जब प्यार कर रहा है तो उसके सामने नंगी समस्याएं हैं. जिस तरह आपको धंधे में “केलकुलेटेड रिस्क” लेना पड़ता है बस प्यार अब वैसा ही है.

सबसे पहले तो उसे धर्म देखना होगा, ज़ात देखनी होगी. क्योंकि ग़लती से उसका चाहने वाला या वाली मुसलमान निकल गया/गई तो पता नहीं कब धर्म के ठेकेदार आयेंगे और इसे लव-जेहाद बताकर आपके प्यार को कलुषित कर जायेंगे.  इसमें भी तीन तरह के लोग हैं एक तो वो जो लव जेहाद जैसी फ़ालतू बातों पर यकीन करने लगे हैं और उनके दिल नफरतों से इस कदर भर गये हैं कि वे शायद ही ज़िन्दगी भर इससे उबर पायें.  दुसरे वे जो इस तरह के प्यार के संबंधों में पड़ कर भी आगे नहीं बढ़ते हैं क्योंकि उन्हें लगता है परिवार, समाज मानेगा नहीं फिर ऐसे सम्बन्ध को आगे ही क्योँ बढाया जाए. तीसरे वे जो सब जाने के बाद भी खुद को रोक नहीं पाते हैं और फिर सामजिक बेवकूफ़ी के अंजाम भुगतते हैं.

भारत जितना राजनैतिक आज है शायद उतना आज़ादी से पहले १९४५ में रहा होगा. यंग इंडिया को एक नया डर ये भी है कि जिससे वे प्यार कर रहे हैं कल वो उसके देश का नागरिक भी रहेगा या नहीं.

यंग इंडिया की मायूस क्यों है – जितने यंग लोग आज भारत में बेरोजगार हैं उतने किसी देश में नहीं. ये वही लोग हैं जो परिवार से दोस्तों से महबूबा से इश्क करते हैं अपने जीवनसाथी को सारी खुशियाँ देने के रोज़ सपने देखते हैं लेकिन अब डर ने इनके सपनों में जगह बना ली हैं.

इन्हें डर है कि कल इनकी नौकरी रहेगी कि नहीं? इन्हें डर ये है कि नौकरी कभी लगेगी भी कि नहीं? इन्हें डर है कि पैसे की तंगी के चलते उनके रिश्ते धीरे-धीरे खत्म तो नहीं हो जायेंगे. लोगों ने बातचीत कम कर दी है. खुद को चार दीवारी में बंद कर लिया है.   

ज़हरीली फ़िल्में  और सोशल मीडिया – जो 15-16 से 35 साल तक का यंग इंडिया है वो जिन फिल्मों को देख कर बड़ा हुआ है उसमे 90% रोमांटिक लव स्टोरीज़ थी. इनमे हीरो को अपनी हीरोइन हासिल करने और हीरोइन को अपने हीरो की खातिर कुछ भी कर गुज़रने के अलावा और कोई काम नहीं होता है. जैसे इक बार महबूबा हासिल हो जाए तो सारी समस्याएं खत्म हो जाएँगी. यही सपना बचपन से जो हर बोर्ड एग्जाम के बाद दिखाया जाता रहा है. असली संघर्ष कहीं और छूट गया जिसकी हमें भनक भी नहीं हुई.

बची खुची कसर सोशल मीडिया ने पूरी कर दी जो कभी सुविधा का रूप ले कर आई थी आज हमें स्यूडो वर्ल्ड में खींच कर ले गई है. भारत का उन देशों में नाम शुमार होता है जहाँ लोग ट्रेवल से ले के फ़ोटो खींचने तक हर काम सोशल स्टेटस के दिखावे के लिए करते हैं.  

जब कोई अपनी असलियत बताना नहीं चाह रहा, हर कोई मुखोटा पहने है तो अब इतने दिखावे के बीच सच्ची मुहब्बत आखिर हो तो हो कैसे?

यंग इंडिया डिप्रेशन में है – भारत आज दुनिया का सबसे डिप्रेस्ड देश है. यंग इंडिया में अब जो झगडे होते हैं वो पहले जैसे नोक-झोंक बन कर नहीं रह गये हैं. लोगों को पता नहीं चल पा रहा लेकिन  जो आप पर कमेन्ट कर रहा है उसकी वजह उसका ख़ुदका डिप्रेशन है और जिस पर कमेन्ट हो रहा है वो आपके कमेन्ट के कारण डिप्रेशन की कगार पर जा सकता है. पहले ही वर्क प्रेशर, ओवर टाइम, सेलरी डिले, प्रोबेशन, एक्सप्लॉइटेशन लोगों की जाने ले रहा है. इस साल यंग इंडिया के बेरोजगारों ने किसानों से भी ज़्यादा आत्महत्याएं कर डालीं. जाने कितने प्यार अब नहीं रहे उनकी सिर्फ़ मुस्कुराती फेसबुक , इन्स्टा और टिकटोक प्रोफाइल्स हैं जो शायद अनंत समय तक ऐसी ही मुस्कुरायेंगी.

तो क्या हार मान लें- अगर ये हल होता तो पृथ्वी घूमना बंद कर देती, सूरज रोशनी देना बंद कर देता. यंग इंडिया को पॉपुलिस्ट और मॉडर्न होने में अंतर सझने की बहुत ज़रूरत है. उसे अपनी पीढ़ी में मिली सुविधाओं का उसकी ज़रूरतों के हिसाब से उनका ओप्टिमम उपयोग करना सीखना होगा और अपनी ‘ख़ुदी’ को बेहतर करना होगा. जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य प्यार करना है आपका प्रेमी कोई भी हो सकता है आपका जीवनसाथी, प्रेमिका या  माँ, आपके दादाजी भी. आपको इस प्रक्रति से प्रेम करना होगा और हर उस चीज़ का धन्यवाद करना होगा जो कि आपको ‘आप’ बने रहने और उसमें बेहतरी की गुंजाईश बताती रहती है.    

हाँ कुछ बादल मंडरा रहे हैं. लेकिन ऐसा हर बार होता है. आप अपनों को गले लगाते रहिये. आंसुओं की बारिश से आप भीगेंगे नहीं, बल्कि आपके सारे घाव भर जायेंगे. यंग इंडिया बेइन्तहा मुहब्बत करते रहिये.