Image

दिन बुरा है यह
दिन यह भी गुज़र जाएगा
तुझे जीना है नही तो कल
यह बात कौन दोहराएगा

मिले ग़म तो अचंभा हो रहा है क्यों
ख़ुशी की गुहार तो हर दिल लगेगा

सुन यह आँसूं महज़ कतरे है बह जाने दे
सुना है धुला आसमां गीत नया कोई गुनगुनयेगा

बचता कुछ नही ठहर कर
या यों बहता है नही तो सड़ता है
तू चुन लें अपनी मौत
अस्थियाँ गांगा में बहहेगा
या मांस चीलों को खीलायेगा

अब मेरे मिसरों से मेरी ज़िंदगी न पढ़ हबीब मेरे
हाल तेरे दिल का भी यही है
मग़र तू कहाँ सच को सच मान पायेगा

मुश्किल कुछ नही बस जीना ही है मेरी जान
चाँद पर जाने वाला इंसान
कैसे काम आसान आजमाएगा।