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बस ज़िन्दगी जिये जा रहा हूँ

तू मिले या न मिले बस तेरे होने के एहसास से ज़िन्दगी जिये जा रहा हूँ

तुझे अपनी रूह के हर उस हिस्से में बसा कर
तेरे चेहरे को देख कर
ज़िन्दगी जिये जा रहा हूँ

तू थोड़ा सा
तू बस ज़रा सा
तू है मेरे बस इतना करीब जैसे के बादल से गिरती हुई पानी की वो बूंद जिसे जमीन को छूने का इंतज़ार हर पल होता है
उस बूंद को अपने जज़्बातों के समुंदर के मोती की उस सीपी में छुपा कर बस ज़िन्दगी जिये जा रहा हूँ

बस कुछ लम्हो की दूरी है अपने बीच में
उन लम्हों को आने और जाने के इंतज़ार में
बस ज़िन्दगी जिये जा रहा हूँ

ये कुछ गज़ का फासला है हमदोनो के दरमियान
तू कहती है मैं तुझे कभी हमेशा के लिए नहीं मिल पाऊंगी
तेरे संग ज़िन्दगी नही बिताउंगी
तेरी मज़बूरी है ये
मैं कहता हूँ तू मेरे साथ है बस इतना ही काफी है
अपनी सांसो की गिनती करते हुए
बस ज़िन्दगी जिये जा रहा हूँ

मैंने खोज लिया है जिंदगी जीने का आसान तरीका
तू पूछेगी तो कहूँगा बस तेरी तस्वीर और उन हसीन यादों के सहारे अपने जीवन की हर सांस लिए जा रहा हूँ
तेरे होने के एहसास में
बस ज़िन्दगी जिये जा रहा हूँ

कोई नशा न करूं ये ख्वाहिश है तेरी
कई बार ये सोचा लेकिन
मैं क्या करूँ
अपनी आखरी सांस का इंतज़ार हर घड़ी किये जा रहा हूँ
बस ज़िन्दगी जिये जा रहा हूँ

आज सोच लिया है
तुझसे , तुझे कभी न मागूँगा
तेरा दिल कभी न दुखाऊंगा
तुझे हर घड़ी हँसता हुआ नज़र आऊँगा
जैसा चलता है वैसा चलाऊंगा
अपनी ज़िंदगी की हर ख़ुशी तुझपर लुटाऊंगा
अपनी आखरी सांस तक तुझे हँसता नज़र आऊंगा
तू इतना समझ ले ,तेरे होने के एहसास में
बस ज़िन्दगी जिये जा रहा हूँ

मैं इंतज़ार करूँगा तेरा
सांसो की उल्टी गिनती पूरी होने तक
ये गिनती जल्दी पूरी हो बस ये सोच कर
बस ज़िन्दगी जिये जा रहा हूँ

नहीं है कोई गिला शिक़वा तुझसे
ना कोई इंतज़ार जीने का
बस यूं समझ ले
तेरे होने के एहसास में
बस ज़िन्दगी जिये जा रहा हूँ

-एकांश जैन TUES
9806147945