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आज हम आपको इस लेख में इसी टेक्नोलॉजी के बारे में संपूर्ण जानकारी देने वाले है कि ऐसा किस प्रकार होता है, कि बिना ट्रैफिक पुलिस वाले के बिना चालान आपके घर आ जाता है। इस टेक्नोलॉजी का नाम है। डीप लर्निंग, इस लेख में हम आपको बताने वाले है कि डीप लर्निंग तकनीक क्या है 

डीप लर्निंग तकनीक Deep Learning Technology

बदलते समय के अनुसार टेक्नोलॉजी भी लगातार तेजी से बढ़ती जा रही है इसने लोगो के काम करने के तरीकों को भी काफी आसान बना दिया है। यही कारण है बिना ट्रैफिक पुलिस के चालान आपके घर पहुंच जाता है। आपने सभी रेड लाइटों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए देखे होंगे।

ऐसे मामलों पर जिस भी पर्सन का चालान काटना हो सबसे पहले उस पर्सन की सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मशीन द्वारा सबसे पहले गाडी का नंबर नोट कर लिया जाता है, और फिर वाहन मालिक का नाम और एड्रेस पता लगाकर चालान उसके घर पर भेज दिया जाता है। सबूत के तौर वाहन मालिक को चालान के साथ उस फोटो को भी भेजा जाता है। जिसके कारण उसका चालान कटा है।

इस कार्य को आसान बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानि कि एआई सिस्टम की अहम भूमिका होती है। जिसके लिए उसे खास ट्रेनिंग दी जाती है।

किसी भी कार्य को करने के लिए मशीनों की जरूरत होती है ऐसे में मशीनों को ट्रेनिंग देकर तैयार करना ही डीप लर्निंग के अंतर्गत आता है। हम मशीनों को जो भी ट्रेनिंग देते है वह उसे बखूबी पूरा करते है चाहे आप उनसे किसी भी प्रकार के कार्य करा ले। इससे मशीनों को चलाने के लिए इंसानों की जरूरत नहीं के बराबर होती है। आपको रिजल्ट भी बेहतर मिलते है।

शुरुआत में वैज्ञानिको को मशीन लर्निंग पर कार्य करने में काफी बड़ी बड़ी समस्याएं आयी, क्योंकि मशीनें उतना करती है। जितना प्रोग्राम में सेट किया जाता है। मशीनें कोई और दूसरे तरीके भी नहीं समझती है। इस समस्या का हल निकालने के लिए वैज्ञानिको ने डीप लर्निंग पर कार्य शुरू किया इसका सबसे बड़ा फायदा यह हुआ कि अब मशीनों को लिखित में जानकारी देने के अलावा पिक्चर दिखाकर या ऑडियो के माध्यम से भी ट्रेनिंग दी जा सकती है, लेकिन यह कार्य इतना आसान भी नहीं है जितना आपको लग रहा होगा।

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आपको सुनने में यह तकनीक किसी हॉलीवुड की साइंस फिक्शन मूवी की तरह लग रही होगी जैसे कि हॉलीवुड की फ़िल्मो में दिखाया जाता है,लेकिन अब दुनिया में इस तकनीक पर तेजी से कार्य हो रहा है। जिससे इस तकनीक पर नई नई टेक्नोलॉजी विकसित हो रही है | दरअसल, मशीनों को आर्टिफिशियल न्यूरल नेटवर्क मॉडल को आधार बनाकर ट्रेनिंग दी जा रही है।

इस डीप लर्निंग तकनीक के माध्यम से ऐसी मशीनें विकसित की जा रही है , जो बच्चों की तरह दुनिया को देखती हैं। उन्हीं की तरह सीखती है, पढ़ती है, देखती है और सुनती भी है। और उसके बाद तय करती है कि क्या करना सही होगा। और क्या करने से नुकसान भी हो सकता है।

डीप लर्निंग कैसे कार्य करती है

मशीने किसी भाषा को समझती है और चीजों की पहचान कैसे करती है और कार्य कैसे करती है, लेकिन अगर उनके सामने समस्या आ जाये तो उसका निपटारा कैसे करेगी इसकी ट्रेनिंग भी मशीनों को दी जाती है इन्हे सिर्फ एक बार बताना पड़ता है। उसके बाद चीजों को खुद ही समझ लेती है कि क्या करना है और कैसे करना है।

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इस Deep Learning Technology के माध्यम से मशीने जो जैसा है उसे उसी रूप में लेती है। आसान भाषा में एक उदाहरण से समझते है जैसे कि अमेरिका में जन्मा बच्चा वहां की भाषा और रहन-सहन के तौर-तरीके सीखता है और भारत में जन्मा बच्चा भारत के।

अब आपके जेहन में ये बाते भी आ रही होगी कि क्या अब मशीने भी इंसानों की तरह सोच सकती है। ऐसा बिलकुल भी नहीं है। इंसानी दिमाग किसी चीज को भूल सकता है, लेकिन ये नहीं भूल सकती। इंसानी दिमाग के मुकाबले इसकी कोई लिमिट नहीं है, क्योंकि ये न तो यह थकती हैं और न ही बोरियत महसूस करती है।

यानि कि यह मशीनें 99% तक बिना भूले और बिना बोरियत महसूस किये बार-बार परफेक्ट काम कर सकती हैं। डीप लर्निंग एक्सपर्ट्स की राय के मुताबिक अब दुनिया को बड़े बदलाव के लिए तैयार हो जाना चाहिए, जहां पर अब आपको ज्यादातर काम मशीनें करती दिखेंगी।

डीप लर्निंग का मार्किट

वर्तमान समय को देखते हुए डीप लर्निंग का मार्किट तीन गुना तेजी से बढ़ रहा है। डेटा एनालिटिक्स फर्म ARK ने Big Ideas 2020 रिपोर्ट बनाई है।
जिसके मुताबिक डीप लर्निंग का मार्केट इंटरनेट की तुलना में 3 गुना तेजी से बढ़ रहा है। आने वाले 20 वर्षो में इस इंडस्ट्री का मार्किट 30 ट्रिलियन डॉलर यानी 2220 लाख करोड़ रुपए से भी ज्यादा का होगा।

अगर हम बात करे तो तो Deep Learning , Artificial Intelligence का ही एक हिस्सा है। जिसका आविष्कार पिछले 70 वर्षो पहले हो चुका है, लेकिन अब अचानक से आई तेजी की दो वजहें हैं। पहली- क्लाउड स्टोरेज आने से भारी-भरकम डेटा को संभालने की सुविधा, दूसरी- GPU.

डीप लर्निंग का भविष्य

Deep Learning Technology इंसानों की जिंदगी को पूरी तरह से बदलने वाली है। आप सोच भी नहीं सकते, कि इस तकनीक के माध्यम से कैसे कैसे कार्य को आसानी से किया जा सकता है।

जैसा कि आप सभी जानते है कि वर्तमान समय में दुनिया में कोरोना महामारी का प्रकोप फैला हुआ है। डॉक्टर्स अपनी जान पर खेलकर लोगो की जान बचाने में लगे हुए हैं। अब आप कल्पना कीजिए कि यदि इन डॉक्टर्स की जगह लोगो का इलाज करने के लिए मशीनें आ जाएं तो ? ये कैसा होगा ?

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आपने देखा होगा कि जब आप सीटी स्कैन कराते है, तो डॉक्टर्स को रिपोर्ट को समझने-पढ़ने में काफी वक्त लग जाता है। और डॉक्टर्स को बीमारी की जड़ तक पहुंचने के लिए कई बार स्कैन और रिपोर्ट देखनी पड़ती है, लेकिन डीप लर्निंग तकनीक की सहायता से मशीन शरीर को एक बार स्कैन करेगी और एक्यूरेसी के साथ बता देगी, कि आपके शरीर में कौन सी समस्या है, या कौन सी बीमारी है। इसके अलावा अगर मशीनों को सही ट्रेनिंग भी दी जाये तो वह संभावित बीमारी से बचने के तरीकों की जानकारी भी आपको दे सकती है। आगे पढे