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करोना जैसी भयंकर महामारी का समय चल रहा है। सब तरह तरह की राय दे रहे हैं कोई बहुत डरा हुआ है तो कोई बिंदास घूम रहा है। दरअसल किसी को कुछ समझ में नहीं आ रहा है । मुझे कुछ समझ नहीं आता, आप किस किस चीज से और कैसे कैसे बच सकते हो? जिंदगी है भाई !पल दो पल की बात तो है  नहीं! न जाने कितने समय तक हमें कोरोना से लड़ते रहना पड़ेगा ,ना जाने कब इसकी दवाई या टीका ईजाद होगा ?तब तक ,जिंदगी है भाई रुकती थोड़े ही है।
शौक है आप मार के तो नहीं चल सकते।आपको हस्पताल भी जाना है, आपको बाहर भी जाना है ,ऑफिस भी जाना है ,थोड़ा बहुत घूमने भी जाना है बिल्कुल मुंह पर पट्टी बांध के तो रह नहीं सकते। ऐसे में उपाय क्या है ?
एक आम आदमी की हैसियत से जो उपाय मुझे समझ में आता है वह यह है कि अगर और बीमारियों की तरह जैसे कैंसर जैसी बीमारियों की तरह अगर कोरोना की टेस्टिंग और इलाज प्राइवेट अस्पतालों में भी सुलभ करा दिए जाएं और आम आदमी को यह छूट रहे कि यदि किसी को डाउट है शुरुआत में ही वह चाहे पहले ही दिन गला खराब होने पर टेस्ट कराने जाना चाहे जाने दो, करवाने दो पैसे उसके खर्च  होंगे,वह कर लेगा बाकी जो थोड़ा फाइनेंशली वीक है उनके लिए सरकारी अस्पतालों में टेस्टिंग और थोड़ी सुलभ कराई जाए ,और इसका इलाज तकरीबन हर  प्राइवेट और सरकारी अस्पताल में मुहैया कराया जाए, तो शायद इस बीमारी का डर लोगों में कम हो जाए।
मैं खुद को देखती हूं कि अगर कल को छोटी सी भी बीमारी मेरे घर में किसी सदस्य को होती है तो मै हाथ पर हाथ धर के इंतजार तो नहीं कर सकती!। मैं चाहूंगी कि पहले ही दिन किसी तरह से भी उसका टेस्ट करा लिया जाए। यदि कोई गंभीरता पाई जाए तो तुरंत इलाज शुरू किया जा सके ।क्योंकि जरूरी नहीं कि हर इंसान के शरीर में इतनी ताकत हो कि वह इस बीमारी से सफलतापूर्वक बाहर आ सके और इसमें सबसे ज्यादा चिंताजनक बात यह है कि यदि देरी होती है तो यह बीमारी  बहुत घातक सिद्ध होती है ।उम्र का , जाति का, क्लास का , हैसियत का ,,इस बीमारी को किसी का लिहाज नहीं ।
दूसरा अगर किसी एक परिवार में केस पाया जाता है तो उस एक परिवार को बैरिकेड किया जाए उस के घर को बैरिकेड किया जाए ना कि उस पूरे इलाके को बैन किया जाए इस तरह से लोगों में इस बीमारी का भय भी कम होगा, और इस बीमारी से लड़ने की उनकी प्रतिज्ञा  भी थोड़ी बढ़ जाएगी l
मेरा तो यही सोचना है दोस्तों।
आपकी क्या राय है ?
- मीनू