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कोरोना काल में अनिश्चित काल में यदि आपकी बात भी बनते बनते बिगड़ रही है तो जरा संभल जाइए।आप बिगड़ती बात की इधर उधर दौड़ती रेल को फिर पटरी पर लौटा सकते है।बस आपको समझदारी के साथ यह दस कदम उठाने होंगे-        1.सोचने समझने की शक्ति विकसित करें।                                          2.आगे बढ़ने से पहले विवेक पूर्ण निर्णय लेने के लिए खुद को तैयार करें।3.धैर्यपूर्वक मंथन करें कि आपके निर्णय से क्या लाभ व हानि हो सकते है? 4.किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले उसके सभी पहलुओं का अध्ययन करें कि क्या बेहतर विकल्प हो सकते है।5.सफलता की कुंजी आपके सकारात्मक दृष्टिकोण पर निर्भर करती है।6.अनावश्यक डरें नहीं क्योंकि डर के आगे जीत है।                            7.आत्मविश्वास जरूरी है अति आत्मविश्वास से बचें।                      8.कर्म सही दिशा में किये जायें फल की चिंता किए बगैर।                           9.टीम के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करें।                                       10.अपने कार्य को विषज्ञता से सीखने का श्रम करें।।                                       इन बिंदुओं पर आप अमल करेंगे तो देखेंगे कि हर मोड़ पर आपकी बिगड़ती बात अब बनती जा रही है।तो फिर देर किस बात की आप एक दूसरे का साथ दें अपनी बात को चुटकी में बना लें।                           @डॉ ललित उपाध्याय