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गौतम बुद्ध

गौतम बुद्ध के प्रारंभिक जीवन के बारे में कई रहस्य हैं. कहा जाता है कि 6 वीं शताब्दी ईसा पूर्व में वे लुम्बिनी (आज का आधुनिक नेपाल) में पैदा हुए और उनका जन्म का नाम सिद्धार्थ गौतम था और वह एक राजकुमार के रूप में पैदा हुए थे. उनके पिता शुद्धोधन शाक्य राज्य के राजा थे और उनकी मां रानी माया थी और उनके जन्म के बाद शीघ्र ही मृत्यु को प्राप्त हो गई थी|

उन्होंने कम उम्र में अपनी मां को खो दिया और उनके सहृदय पिता ने अपने जवान बेटे को दुनिया के दुख से दूर रखने के लिए अपनी पूरी कोशिश की. जब वो एक छोटे बच्चे थे तो कुछ बुद्धिमान विद्वानों ने भविष्यवाणी की है कि थी वह या तो एक महान राजा या एक प्रसिद्ध आध्यात्मिक नेता बनेंगे|

बुद्ध के धर्म प्रचार से भिक्षुओं की संख्या बढ़ने लगी। बड़े-बड़े राजा-महाराजा भी उनके शिष्य बनने लगे। शुद्धोधन और राहुल ने भी बौद्ध धर्म की दीक्षा ली। भिक्षुओं की संख्या बहुत बढ़ने पर बौद्ध संघ की स्थापना की गई। बाद में लोगों के आग्रह पर बुद्ध ने स्त्रियों को भी संघ में ले लेने के लिए अनुमति दे दी, यद्यपि इसे उन्होंने उतना अच्छा नहीं माना। भगवान बुद्ध ने ‘बहुजन हिताय’ लोककल्याण के लिए अपने धर्म का देश-विदेश में प्रचार करने के लिए भिक्षुओं को इधर-उधर भेजा। अशोक आदि सम्राटों ने भी विदेशों में बौद्ध धर्म के प्रचार में अपनी अहम्‌ भूमिका निभाई। मौर्यकाल तक आते-आते भारत से निकलकर बौद्ध धर्म चीन, जापान, कोरिया, मंगोलिया, बर्मा, थाईलैंड, हिंद चीन, श्रीलंका आदि में फैल चुका था। इन देशों में बौद्ध धर्म बहुसंख्यक धर्म है।