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Category : Relationships
मित्रता - प्यारा सा शब्द
 NEETU Arora  
 23 March 2018  

मित्रता बड़ा ही प्यारा शब्द है, सुनने में भी व निभाने में भी। मित्रता की कोई परिभाषा नहीं है, इसको शब्दों में बाँधा नहीं जा सकता। सच्चा मित्र एक दवा की तरह है जो हमेशा असरदार होता है।बचपन की मित्रता, जवानी की मित्रता, बुढ़ापे की मित्रता- हर उम्र में मित्र की आवश्यकता वैसे ही ज़रूरी है जैसे वातावरण में हवा की।मित्र हमें हमेशा सही राह दिखाता है, सुख दुःख में साथ निभाता है। कृष्ण और सुदामा, अर्जुन और कृष्ण, विभीषण और सुग्रीव की राम से मित्रता- ये मित्रता के अनोखे उदाहरण हैं।मित्र को सुख दुःख का सहभागी माना गया है। एक अच्छे मित्र की पहचान विपत्ति में ही की जा सकती है। तुलसीदास ने भी मित्र की परीक्षा आपत्ति काल में ही बताई है- 'धीरज धरम मित्र अरु नारी, आपद्कालि परखिए चारि।'जीवन में अच्छा मित्र मिलना, सागर में मोती मिलने के बराबर है। लोग तो बहुत मिल जाते हैं पर उनमे से मित्र मिलना बहुत कठिन है और जब वह मिल जाता है तो जीवन के अँधेरे में रौशनी मिल जाती है।भगवान कृष्ण ने सुदामा को गरीब हो कर भी अपनाया एवं सच्चे दिल से उसकी मित्रता को स्वीकार किया। कृष्ण भगवान ने अर्जुन को दोस्ती में उच्च स्थान दिया, हमेशा उनका साथ निभाया, महाभारत में अर्जुन के रथ के सारथी बने तथा उनको जीवन के उज्जवल पक्ष की ओर ले जाने का अथक प्रयास किया। महाभारत युद्ध बिना कृष्ण के जीतना असंभव था।विभीषण रावण के भाई होते हुए भी रावण का विरोध कर के राम के सच्चे मित्र बने। राम रावण के युद्ध में उन्होंने श्री राम का सच्चा साथ निभाया और दोस्ती की अदभुत मिसाल कायम की।"निभाया रिश्ता दोस्ती का जिसने, वो रब के करीब है,रब भी उसको नवाज़ता है अपनी कृपादृष्टि से। "                                                          हमेशा अपने मित्रों को सहयोग ्प्रेम दें, धोखा दे कर मूर्ख न बनाएँ। दोस्ती बहुत ही नाज़ुक ्दिलवाला रिश्ता है, इसे सच्चे मन से निभायें।रहीमदास जी ने बहुत ही खूबसूरती से कहा है ,"रहिमन धागा प्रेम का, मत तोड़ो चटकाए,टूटे से फिर न जुड़े, जुड़े गाँठ पड़ जाए। "दोस्तों, अपने मित्रों को धर्म, जात-पात व पैसे से न तोलें, दिल से दोस्त कोअपनाएँ एवं हमेशा सच्चाई बनाएँ रखे।   

बस ज़िन्दगी जिये जा रहा हूँ
 Akansh jain  
 1 July 2020  

बस ज़िन्दगी जिये जा रहा हूँतू मिले या न मिले बस तेरे होने के एहसास से ज़िन्दगी जिये जा रहा हूँतुझे अपनी रूह के हर उस हिस्से में बसा करतेरे चेहरे को देख करज़िन्दगी जिये जा रहा हूँतू थोड़ा सातू बस ज़रा सातू है मेरे बस इतना करीब जैसे के बादल से गिरती हुई पानी की वो बूंद जिसे जमीन को छूने का इंतज़ार हर पल होता हैउस बूंद को अपने जज़्बातों के समुंदर के मोती की उस सीपी में छुपा कर बस ज़िन्दगी जिये जा रहा हूँबस कुछ लम्हो की दूरी है अपने बीच मेंउन लम्हों को आने और जाने के इंतज़ार मेंबस ज़िन्दगी जिये जा रहा हूँये कुछ गज़ का फासला है हमदोनो के दरमियानतू कहती है मैं तुझे कभी हमेशा के लिए नहीं मिल पाऊंगीतेरे संग ज़िन्दगी नही बिताउंगीतेरी मज़बूरी है येमैं कहता हूँ तू मेरे साथ है बस इतना ही काफी हैअपनी सांसो की गिनती करते हुएबस ज़िन्दगी जिये जा रहा हूँमैंने खोज लिया है जिंदगी जीने का आसान तरीकातू पूछेगी तो कहूँगा बस तेरी तस्वीर और उन हसीन यादों के सहारे अपने जीवन की हर सांस लिए जा रहा हूँतेरे होने के एहसास मेंबस ज़िन्दगी जिये जा रहा हूँकोई नशा न करूं ये ख्वाहिश है तेरीकई बार ये सोचा लेकिनमैं क्या करूँअपनी आखरी सांस का इंतज़ार हर घड़ी किये जा रहा हूँबस ज़िन्दगी जिये जा रहा हूँआज सोच लिया हैतुझसे , तुझे कभी न मागूँगातेरा दिल कभी न दुखाऊंगातुझे हर घड़ी हँसता हुआ नज़र आऊँगाजैसा चलता है वैसा चलाऊंगाअपनी ज़िंदगी की हर ख़ुशी तुझपर लुटाऊंगाअपनी आखरी सांस तक तुझे हँसता नज़र आऊंगातू इतना समझ ले ,तेरे होने के एहसास मेंबस ज़िन्दगी जिये जा रहा हूँमैं इंतज़ार करूँगा तेरासांसो की उल्टी गिनती पूरी होने तकये गिनती जल्दी पूरी हो बस ये सोच करबस ज़िन्दगी जिये जा रहा हूँनहीं है कोई गिला शिक़वा तुझसेना कोई इंतज़ार जीने काबस यूं समझ लेतेरे होने के एहसास मेंबस ज़िन्दगी जिये जा रहा हूँ-एकांश जैन TUES9806147945